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Jammu News: तीन दिन बंधक बनाकर नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 20 वर्ष की सजा
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जम्मू। नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। पोक्सो मामलों के विशेष न्यायाधीश वाईपी शर्मा ने मंगलवार को 13 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले पर काला राम के खिलाफ सुनवाई की।
यह मामला वर्ष 2018 का है। आरोपी आरएस पुरा के बस स्टैंड से नाबालिग को बहाने से अपने घर ले गया। वह अपनी मौसी के घर जाने के लिए बस स्टैंड पहुंची थी। आरोपी ने तीन से चार दिन तक नाबालिग को बंधक बनाकर उससे दुष्कर्म किया। बाद में उसे रिहा करते हुए कहा कि यदि किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। किसी तरह पीड़ित ने पुलिस को आपबीती सुनाई जिसके आधार पर मामला दर्ज हुआ।
दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश वाईपी शर्मा ने कहा कि दोषी ने आजीवन कारावास की अधिकतम सजा के साथ दंडनीय प्रवेश यौन उत्पीड़न का अपराध किया है। इस तरह के अपराध समाज के खिलाफ हैं और 13 साल की नाबालिग पीड़िता और छठी कक्षा की छात्रा के खिलाफ किया गया है। इसलिए बड़े पैमाने पर समाज को संदेश जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि बच्चों पर किसी भी तरह का यौन शोषण न करने के लिए रोकथाम होनी चाहिए लेकिन साथ ही यह भी ध्यान में रखना होगा कि यह ऐसा मामला है जिसमें आरोपी ने 13 वर्ष से कम उम्र की बच्ची को भी नहीं छोड़ा और उसे तीन दिन तक अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा तथा उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। इन सबको देखते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई जा रही है। -जेएनएफ
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जम्मू। नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। पोक्सो मामलों के विशेष न्यायाधीश वाईपी शर्मा ने मंगलवार को 13 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले पर काला राम के खिलाफ सुनवाई की।
यह मामला वर्ष 2018 का है। आरोपी आरएस पुरा के बस स्टैंड से नाबालिग को बहाने से अपने घर ले गया। वह अपनी मौसी के घर जाने के लिए बस स्टैंड पहुंची थी। आरोपी ने तीन से चार दिन तक नाबालिग को बंधक बनाकर उससे दुष्कर्म किया। बाद में उसे रिहा करते हुए कहा कि यदि किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। किसी तरह पीड़ित ने पुलिस को आपबीती सुनाई जिसके आधार पर मामला दर्ज हुआ।
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दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश वाईपी शर्मा ने कहा कि दोषी ने आजीवन कारावास की अधिकतम सजा के साथ दंडनीय प्रवेश यौन उत्पीड़न का अपराध किया है। इस तरह के अपराध समाज के खिलाफ हैं और 13 साल की नाबालिग पीड़िता और छठी कक्षा की छात्रा के खिलाफ किया गया है। इसलिए बड़े पैमाने पर समाज को संदेश जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि बच्चों पर किसी भी तरह का यौन शोषण न करने के लिए रोकथाम होनी चाहिए लेकिन साथ ही यह भी ध्यान में रखना होगा कि यह ऐसा मामला है जिसमें आरोपी ने 13 वर्ष से कम उम्र की बच्ची को भी नहीं छोड़ा और उसे तीन दिन तक अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा तथा उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। इन सबको देखते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई जा रही है। -जेएनएफ