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जम्मू कश्मीर में 20 फीसदी आईएएस अफसरों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्योरा

Tue, 04 Apr 2017 07:25 PM IST
बृ़जेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू
बृ़जेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 04 Apr 2017 07:25 PM IST
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20 percent ias didnot gave declarations of property in jk
Jammu kashmir Government - फोटो : file photo

रियासत के 20 फीसदी से अधिक आईएएस अफसरों ने अब तक संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। प्रापर्टी रिटर्न न दाखिल करने वालों में कई कमिश्नर सेक्रेटरी और डीसी स्तर के अधिकारी हैं। इसी प्रकार 50 से अधिक केएएस अफसर भी अपनी सालाना संपत्ति का ब्योरा देने में नाकाम रहे हैं।

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प्रशासन अब ऐसे अफसरों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। सभी आईएएस और केएएस अफसरों को सालाना संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य है। यह ब्योरा एक जनवरी के आधार पर होगा। रियासत में कार्यरत 83 में से 18 आईएएस अफसरों ने एक जनवरी 2017 के आधार पर अब तक अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है।
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इसी तरह केएएस अफसर भी जीएडी के पास संपत्ति का ब्योरा जमा नहीं कर सके  हैं। इसमें कई केएएस काफी पुराने हैं। सूत्रों का कहना है कि जीएडी की ओर से सभी आईएएस और केएएस अफसरों के प्रापर्टी रिटर्न का ब्योरा इकट्ठा कर लिया गया है।

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ऑनलाइन जारी होता है अधिकारियों की संपत्ति का ब्योरा

20 percent ias didnot gave declarations of property in jk
ऑनलाइन जारी होता है ब्योरा - फोटो : डेमो फोटो

इनमें से कई अफसरों ने तो पिछले साल का भी संपत्ति का ब्योरा जमा नहीं किया है। अब जीएडी की ओर से ऐसे अफसरों को नोटिस जारी करने की तैयारी है। नोटिस में उन्हें प्रापर्टी रिटर्न जल्द से जल्द जमा करने को कहा जाएगा।

साथ ही चेताया भी जाएगा कि यदि उन्होंने अब निर्धारित अवधि में प्रापर्टी रिटर्न दाखिल न किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। देशभर में आईएएस अफसरों के लिए प्रापर्टी रिटर्न भरना अनिवार्य है। इनकी संपत्ति का ब्योरा आनलाइन भी किया जाता है। यह ब्योरा राज्य कैडर के अनुसार होता है।

सालाना रिटर्न इस वजह से भरवाया जाता है ताकि पारदर्शिता रहे। यह इस वजह से भी लिया जाता है ताकि आय से अधिक संपत्ति का पता लगाने में आसानी रहे। यदि किसी की संपत्ति में बढ़ोत्तरी हो रही है तो उसे मानीटर किया जा सके।

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