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नहर की साफ-सफाई में खानापूर्ति से किसानों में रोष
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अरनिया। नहरों में इस साफ-सफाई ठीक से नहीं होने से किसानों में रोष है। उनका कहना है कि चक्क छिब्बू से अरनिया तक डी-15 नहर की सफाई सही से नहीं की गई है। साफ -सफाई के नाम पर ठेकेदार ने विभाग की मिलीभगत से करीब सात किलोमीटर नहर में खानापूर्ति की है। इसकी वजह से आगे के दिनों में धान की रोपाई में दिक्कत आएगी। वर्तमान में पशु चारे के लिए बीजे गए बरसीन पर भी असर देखने को मिल रहा है।
पंच रमेश लाल, रवि कुमार, राम सहित अन्य का कहना है कि इस नहर की सफाई होने के बाद भी कई स्थानों पर अभी भी घास भरा हुआ है। बीच-बीच में करीब सौ-सौ मीटर के टुकड़ों को छुआ तक नहीं गया है। इससे गंदगी साफ तौर पर देखी जा सकती है। लोगों का कहना है कि रनबीर नहर में करीब दो हफ्ते पहले से ही पानी छोड़ दिया गया है। लेकिन यहां नहर में उगे घास के चलते नहर के पानी का रूख पंडोरिया से ही एक नाले की तरफ मोड़ दिया है, जिससे किसी को भी लाभ नहीं पहुंच रहा। किसानों ने राज्य प्रशासन व विभाग के प्रति रोष प्रकट करते हुए जल्द नहर की सही तरीके से साफ -सफाई कराने के बाद पानी छोड़ने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि कभी भी नहर का पानी समय पर नहीं मिलता है। यही कारण है कि आज किसान खेती से मुंह मोड़ रहे हैं। अगर जल्द इसका कोई हल नहीं निकाला गया, तो सभी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। विभाग के एईई ब्रह्म ज्योति का कहना है कि इस नहर का 90 प्रतिशत तक का कार्य पूरा हो चुका है। नहर में रह गए स्थान को फिर से साफ करवाया जाएगा।
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पंच रमेश लाल, रवि कुमार, राम सहित अन्य का कहना है कि इस नहर की सफाई होने के बाद भी कई स्थानों पर अभी भी घास भरा हुआ है। बीच-बीच में करीब सौ-सौ मीटर के टुकड़ों को छुआ तक नहीं गया है। इससे गंदगी साफ तौर पर देखी जा सकती है। लोगों का कहना है कि रनबीर नहर में करीब दो हफ्ते पहले से ही पानी छोड़ दिया गया है। लेकिन यहां नहर में उगे घास के चलते नहर के पानी का रूख पंडोरिया से ही एक नाले की तरफ मोड़ दिया है, जिससे किसी को भी लाभ नहीं पहुंच रहा। किसानों ने राज्य प्रशासन व विभाग के प्रति रोष प्रकट करते हुए जल्द नहर की सही तरीके से साफ -सफाई कराने के बाद पानी छोड़ने की मांग की है।
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किसानों का कहना है कि कभी भी नहर का पानी समय पर नहीं मिलता है। यही कारण है कि आज किसान खेती से मुंह मोड़ रहे हैं। अगर जल्द इसका कोई हल नहीं निकाला गया, तो सभी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। विभाग के एईई ब्रह्म ज्योति का कहना है कि इस नहर का 90 प्रतिशत तक का कार्य पूरा हो चुका है। नहर में रह गए स्थान को फिर से साफ करवाया जाएगा।
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