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सेवानिवृत पुलिस कर्मचारी फिर उतरे सड़क पर
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कठुआ। लंबित मांगों को लेकर वर्षों से संघर्षरत आल जेएंडके पुलिस पसर्नल फोरम के सदस्यों ने रविवार को शहीद भगत सिंह सिटी फारेस्ट पार्क में अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य प्रशासनिक परिषद पर उनकी मांगों को पूरा करने में देरी करने का आरोप लगाते हुए जमकर भड़ास निकाली।
प्रदर्शनकारियों में शामिल फोरम के अध्यक्ष सतपाल शर्मा ने कहा कि सेवानिवृत पुलिस कर्मचारियों के लिए पांचवें वेतन आयोग को लागू करने की मांग में सरकार ने तो जानबूझ कर देरी की अब राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्यपाल भी देरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वेतन विसंगति समीति द्वारा की गई सिफारिश के तहत जनवरी 1996 से पांचवें वेतन आयोग को लागू करना है जिसके लिए मात्र छह करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। यह कोई अधिक राशि नहीं है लेकिन आश्चार्य की बात है कि आज तक इस मांग की अनदेखी की जा रही है। इस मौके पर तीर्थ सिंह, राम कृष्ण, हरबंस लाल, तारा चंद, भोला चंद, सुख राम, आदि ने कहा कि इस महंगाई के दौर में स्वास्थ्य संबंधि समस्याएं सबसे अधिक परेशान करती हैं। ऐसे में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारियों व उनके बच्चों का इलाज पुलिस मेडिकल अस्पताल में निशुल्क करवाया जाना चाहिए। जबकि मेडिकल भत्ता को 300 रुपये से बढ़ाकर कम से कम पांच हजार रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने पुलिस कर्मचारियों व सेवानिवृत कर्मचारियों के बच्चों को पुलिस में 10 फीसदी आरक्षण उपलब्ध करवाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि उक्त मांगों के लिए सरकार ने तीन कमीनशनों की रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए चौथा कमीशन बिठाया लेकिन उसके फैसले में क्या सामने आया इसकी अब तक कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि हमारी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को उग्र करने को मजबूर होना होगा।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल फोरम के अध्यक्ष सतपाल शर्मा ने कहा कि सेवानिवृत पुलिस कर्मचारियों के लिए पांचवें वेतन आयोग को लागू करने की मांग में सरकार ने तो जानबूझ कर देरी की अब राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्यपाल भी देरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वेतन विसंगति समीति द्वारा की गई सिफारिश के तहत जनवरी 1996 से पांचवें वेतन आयोग को लागू करना है जिसके लिए मात्र छह करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। यह कोई अधिक राशि नहीं है लेकिन आश्चार्य की बात है कि आज तक इस मांग की अनदेखी की जा रही है। इस मौके पर तीर्थ सिंह, राम कृष्ण, हरबंस लाल, तारा चंद, भोला चंद, सुख राम, आदि ने कहा कि इस महंगाई के दौर में स्वास्थ्य संबंधि समस्याएं सबसे अधिक परेशान करती हैं। ऐसे में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारियों व उनके बच्चों का इलाज पुलिस मेडिकल अस्पताल में निशुल्क करवाया जाना चाहिए। जबकि मेडिकल भत्ता को 300 रुपये से बढ़ाकर कम से कम पांच हजार रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने पुलिस कर्मचारियों व सेवानिवृत कर्मचारियों के बच्चों को पुलिस में 10 फीसदी आरक्षण उपलब्ध करवाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि उक्त मांगों के लिए सरकार ने तीन कमीनशनों की रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए चौथा कमीशन बिठाया लेकिन उसके फैसले में क्या सामने आया इसकी अब तक कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि हमारी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को उग्र करने को मजबूर होना होगा।
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