{"_id":"5b81af5642c7924658644173","slug":"171535225686-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक बाउंस पर तीन माह कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेक बाउंस पर तीन माह कैद
Updated Sun, 26 Aug 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। कार खरीदने के लिए सिटीजन कोआपरेटिव बैंक से लिया लोन नहीं चुकाने पर आदित्य बख्शी को जिला अदालत ने तीन माह की कैद और ढाई लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
बैंक की छन्नी हिम्मत ब्रांच ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आदित्य बख्शी निवासी रूपनगर ने 4.63 लाख रुपये का लोन लिया। उसने बैंक को छह मार्च 2017 को 1.91 लाख रुपये का चेक दिया। चेक बाउंस हो गया। बैंक ने 11 मार्च 2017 को रजिस्टर्ड पत्र के जरिए आरोपी को बैंक का भुगतान करने के लिए कहा, लेकिन आरोपी बैंक को भुगतान नहीं कर पाया। उसे कई बार रिमांइडर भी दिया गया।
सिटी जज ने केस फाइल पर गौर करने के बाद पाया कि आरोपी के 242 सीआरपीसी के तहत बयान भी दर्ज नहीं हुए हैं। बैंक ने आरोपी को पर्याप्त समय दिया कि वह इस मामले को सुलझाए और बैंक का भुगतान करे। कोर्ट में आरोपी ने माना कि उसने कार खरीदने के लिए बैंक से लोन लिया। उसने चेक भी दिया जो बाउंस हो गया।
विज्ञापन
बताया गया कि आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि नहीं है। कोर्ट में 138 नेगोशियल एक्ट के तहत केस किया गया। कोर्ट संतुष्ट है कि इस धारा के तहत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई बनती है। कोर्ट में मौजूद आरोपी को तीन माह के लिए कैद की सजा सुनाई और उसे जिला जेल अंबफला में भेज दिया। उसे ढाई लाख रुपये जुर्माना भी किया गया, जो बैंक को दिया जाएगा।
विज्ञापन
बैंक की छन्नी हिम्मत ब्रांच ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आदित्य बख्शी निवासी रूपनगर ने 4.63 लाख रुपये का लोन लिया। उसने बैंक को छह मार्च 2017 को 1.91 लाख रुपये का चेक दिया। चेक बाउंस हो गया। बैंक ने 11 मार्च 2017 को रजिस्टर्ड पत्र के जरिए आरोपी को बैंक का भुगतान करने के लिए कहा, लेकिन आरोपी बैंक को भुगतान नहीं कर पाया। उसे कई बार रिमांइडर भी दिया गया।
विज्ञापन
सिटी जज ने केस फाइल पर गौर करने के बाद पाया कि आरोपी के 242 सीआरपीसी के तहत बयान भी दर्ज नहीं हुए हैं। बैंक ने आरोपी को पर्याप्त समय दिया कि वह इस मामले को सुलझाए और बैंक का भुगतान करे। कोर्ट में आरोपी ने माना कि उसने कार खरीदने के लिए बैंक से लोन लिया। उसने चेक भी दिया जो बाउंस हो गया।
विज्ञापन
बताया गया कि आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि नहीं है। कोर्ट में 138 नेगोशियल एक्ट के तहत केस किया गया। कोर्ट संतुष्ट है कि इस धारा के तहत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई बनती है। कोर्ट में मौजूद आरोपी को तीन माह के लिए कैद की सजा सुनाई और उसे जिला जेल अंबफला में भेज दिया। उसे ढाई लाख रुपये जुर्माना भी किया गया, जो बैंक को दिया जाएगा।