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जिले भर में पटवारियों की हड़ताल से काम ठप
Updated Tue, 22 May 2018 02:36 PM IST
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कठुआ/बिलावर। पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जिला भर के तहसील मुख्यालयों पर जारी है। हड़ताल के चलते सभी तहसील कार्यालयों पर काम काज ठप है। सोमवार को आठवें दिन सरकार के खिलाफ आल जेके पटवार एसोसिएशन के बैनर तले पटवारियों और गिरदावरों ने धरना प्रदर्शन किया। कठुआ, बिलावर, रामकोट, लोहाई मल्हार , बनी तहसील कार्यालयों पर सरकार के खिलाफ पटवारियों और गिरदावरों ने नारेबाजी की।
धरने में शामिल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार के समक्ष पटवारियों का ग्रेड पे को 2400 से 2800 करने, पटवारियों और गिरदावरों की डीपीसी जल्द करने, नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती बंद करने, विभागीय जांच दल का गठन करने, विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी के साथ साथ अन्य मांगें रखी गई थी। लेकिन सरकार की ओर इन मांगों में से एक भी मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में तो उन्होंने कई बार विभागीय मंत्री व सरकार से इन मांगों को पूरा करने के लिए गुहार लगाई गई। लेकिन सरकार ने हर बार आश्वासन देकर उन्हें टाल दिया। उन्होंने कहा कि फरवरी में उन्होंने टोकन हड़ताल की और सरकार ने आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा। लेकिन उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें जायज है और आज के समय के अनुसार इनकी आवश्यकता भी है। लेकिन सरकार केवल अपने हित को देख रही है कर्मचारियों के हितों का सरकार को कोई ध्यान नहीं है। ऐसे में उनके पास हड़ताल पर जाने के सिवाए दूसरा रास्ता नहीं था। बिलावर में संजीव कुमार, रामकोट में सुरेश कुमार और लोहाई मल्हार में अब्बास अहमद के नेतृत्व में अपने अपने तहसील कार्यालय में पटवारियों ने काम काज ठप कर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार मांगे पूरी नहीं करेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं बनी में भी प्रधान पंकज के नेतृत्व में हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही।
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धरने में शामिल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार के समक्ष पटवारियों का ग्रेड पे को 2400 से 2800 करने, पटवारियों और गिरदावरों की डीपीसी जल्द करने, नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती बंद करने, विभागीय जांच दल का गठन करने, विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी के साथ साथ अन्य मांगें रखी गई थी। लेकिन सरकार की ओर इन मांगों में से एक भी मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में तो उन्होंने कई बार विभागीय मंत्री व सरकार से इन मांगों को पूरा करने के लिए गुहार लगाई गई। लेकिन सरकार ने हर बार आश्वासन देकर उन्हें टाल दिया। उन्होंने कहा कि फरवरी में उन्होंने टोकन हड़ताल की और सरकार ने आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा। लेकिन उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें जायज है और आज के समय के अनुसार इनकी आवश्यकता भी है। लेकिन सरकार केवल अपने हित को देख रही है कर्मचारियों के हितों का सरकार को कोई ध्यान नहीं है। ऐसे में उनके पास हड़ताल पर जाने के सिवाए दूसरा रास्ता नहीं था। बिलावर में संजीव कुमार, रामकोट में सुरेश कुमार और लोहाई मल्हार में अब्बास अहमद के नेतृत्व में अपने अपने तहसील कार्यालय में पटवारियों ने काम काज ठप कर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार मांगे पूरी नहीं करेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं बनी में भी प्रधान पंकज के नेतृत्व में हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही।
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