{"_id":"5cdc73c2bdec2207903d5762","slug":"161557951426-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल नहीं रैफर अस्पताल कहिये जनाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल नहीं रैफर अस्पताल कहिये जनाब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांबा। जिला अस्पताल में सुविधाएं नहीं होने से लोगों में रोष बना हुआ है। दर्जा तो जिला अस्पताल का है, लेकिन स्टाफ उप जिला अस्पताल से भी कम है। थोड़ी सी बीमारी होने पर मरीज को जम्मू रेफर कर दिया जाता है। इसी सिलसिले में सांबा ब्लाक के सरपंचों व पचों ने बुधवार को जिला अस्पताल का दौरा कर स्थिति की जानकारी ली।
सरपंचों के अनुसार डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल केवल पैरा मेडिकल छात्रों के सहारे ही चल रहा है। जो डॉक्टर छुट्टी पर चला जाता है उनके स्थान पर कोई दूसरा नहीं होता है। रात्रि को एक डॉक्टर के सहारे ही अस्पताल है। केवल इमारतों पर ही धन खर्च किया गया है जबकि स्टाफ के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है। यही नहीं जिले भर से चार सौ से साढ़े चार सौ मरीजों का रोज ही अस्पताल में आना जाना रहता है, लेकिन जिला अस्पताल की दशा को सुधारने का कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। अस्पताल में केवल तीन ही सफाई कर्मचारी है। एंबुलेंस तो पांच हैं, लेकिन चालक तीन ही है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पद 17 हैं, जबकि 6 डॉक्टर ही जिला अस्पताल को चला रहे हैं।
बल्ड बैंक तक की सुविधा नहीं है। सीटी स्केन मशीन में लगाए एयर कंडीशंड तक खराब हैं। डॉक्टरों के रहने के लिए छह क्वार्टर बनाए गए हैं, लेकिन एक ही डॉक्टर रात्र को रह रहा है। यही नहीं दिन भर पैरा मेडिकल छात्रों के सहारे ही अस्पताल चल रहा है। इस अवसर पर सरपंच लब्लु संबयाल, प्रदीप ललोत्रा, प्रवीण चौधरी, सोम नाथ, रीना चौधरी, पंच संजय कुमार आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरपंचों के अनुसार डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल केवल पैरा मेडिकल छात्रों के सहारे ही चल रहा है। जो डॉक्टर छुट्टी पर चला जाता है उनके स्थान पर कोई दूसरा नहीं होता है। रात्रि को एक डॉक्टर के सहारे ही अस्पताल है। केवल इमारतों पर ही धन खर्च किया गया है जबकि स्टाफ के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है। यही नहीं जिले भर से चार सौ से साढ़े चार सौ मरीजों का रोज ही अस्पताल में आना जाना रहता है, लेकिन जिला अस्पताल की दशा को सुधारने का कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। अस्पताल में केवल तीन ही सफाई कर्मचारी है। एंबुलेंस तो पांच हैं, लेकिन चालक तीन ही है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पद 17 हैं, जबकि 6 डॉक्टर ही जिला अस्पताल को चला रहे हैं।
विज्ञापन
बल्ड बैंक तक की सुविधा नहीं है। सीटी स्केन मशीन में लगाए एयर कंडीशंड तक खराब हैं। डॉक्टरों के रहने के लिए छह क्वार्टर बनाए गए हैं, लेकिन एक ही डॉक्टर रात्र को रह रहा है। यही नहीं दिन भर पैरा मेडिकल छात्रों के सहारे ही अस्पताल चल रहा है। इस अवसर पर सरपंच लब्लु संबयाल, प्रदीप ललोत्रा, प्रवीण चौधरी, सोम नाथ, रीना चौधरी, पंच संजय कुमार आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन