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वीती रात फिर मची दहशत,गोलों के धमाकों से बनी पलायन स्तिथि.
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अरनिया। सीमावर्ती लोगों में सुरक्षित स्थानों पर जाने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालांकि ज्यादातर लोगों ने घर छोड़ कर दूसरी जगह जाने को टालते हुए अपने घरों में ही रहना बेहतर समझा है। यह स्थिति लगातार हो रही गोलाबारी से उत्पन्न हो रही है।
जानकारी के अनुसार नौशेरा व अखनूर सेक्टर में हो रही लगातार गोलाबारी के चलते धमाकों की आवाजें सुनते ही लोगों को लगा कि शायद पाकिस्तान ने क्षेत्र की सीमा पर मोर्टार से फायरिंग शुरू कर दी है। काफी देर बाद जब इस पार से जवाबी कार्रवाई के लिए कोई भी फायरिंग नहीं हुई तो लोगों ने राहत की सांस लेकर अपने घरों में ही रहने का मन बना लिया। इस गोलीबारी से सबसे अधिक कस्बा अरनिया के लोग दहशत में हैं जो पुलवामा हमले के पश्चात चौबीस घंटे दहशत में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
रमेश लाल, अमी चंद, शशि पाल, पूर्ण चंद व नरेश कुमार आदि का कहना है कि देर रात जब गोलों के धमाकों की आवाजें सुनाई देने लगीं तो लगा कि मोर्टार शेलिंग शुरू हो गई है, जिस पर हमने रातों रात ही सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर ली थी। काफी देर तक जब पाकिस्तान की ओर से किसी भी धमाके की आवाज सुनाई नहीं दी तो स्पष्ट हो गया कि रात होने से दूर की आवाजें भी नजदीक सुनाई दे रही हैं।
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दरअसल मंगलवार की रात को नौशेरा में पाकिस्तान की तरफ से अंधाधुंध गोलाबारी हो रही थी। मौसम व दिन में बढ़ोतरी होने से रात को करीब ग्यारह बजे से पहले इन धमाकों की आवाजें कम ही सुनाई दे रही थीं, मगर उसके बाद लोग जब अपने कमरों में सोने के लिए चले गए तो वातावरण शांत होने के चलते धमाकों की आवाजें जोर जोर से सुनाई देने लगीं। इससे लगा कि शायद अपने क्षेत्र में पाकिस्तानी गोलाबारी शुरू हो गई है।
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फोटो
युवाओं ने की बंकरों की सफाई
मंगलवार रात को हुई गोलीबारी से सीमावर्ती क्षेत्र के लोग सतर्क
अमर उजाला ब्यूरो
ज्यौड़ियां। एलओसी पर मंगलवार रात हुई गोलीबारी के भय से क्षेत्र के गांव बटल, ढखर, सेरीपलाई तथा जोगवां आदि के लोग सतर्क हो गए हैं। बुधवार को गांव जोगवां के युवाओं ने गांव में आपरेशन सद्भावना के तहत सेना की तरफ से बनाए गए बंकरों की साफ सफाई की। इस अवसर पर युवाओं के साथ चौकी प्रभारी जोगवां बिहारी लाल सहित पुलिस की टीम भी उपस्थित रही।
गांव जोगवां के युवाओं ने बताया कि हमारे गांव की कुल जनसंख्या 1300 है और बंकर सिर्फ तीन हैं। यह भी सेना की तरफ से आपरेशन सद्भावना के तहत बनाए गए हैं। लोकल प्रशासन की तरफ से हमारे गांव में गोलाबारी से बचने के लिए कोई भी इंतजाम नहीं है। चौकी प्रभारी जोगवां बिहारी लाल ने बताया कि मंगलवार देर रात यहां पर गोलाबारी हुई है। हमने लोगों के साथ बंकरों की सफाई की है। लोगों को हिदायत दी गई है कि गोलाबारी के दौरान कोई भी बाहर न निकले और न ही बाहर खुले में इकट्ठे हों।
जानकारी के अनुसार नौशेरा व अखनूर सेक्टर में हो रही लगातार गोलाबारी के चलते धमाकों की आवाजें सुनते ही लोगों को लगा कि शायद पाकिस्तान ने क्षेत्र की सीमा पर मोर्टार से फायरिंग शुरू कर दी है। काफी देर बाद जब इस पार से जवाबी कार्रवाई के लिए कोई भी फायरिंग नहीं हुई तो लोगों ने राहत की सांस लेकर अपने घरों में ही रहने का मन बना लिया। इस गोलीबारी से सबसे अधिक कस्बा अरनिया के लोग दहशत में हैं जो पुलवामा हमले के पश्चात चौबीस घंटे दहशत में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
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रमेश लाल, अमी चंद, शशि पाल, पूर्ण चंद व नरेश कुमार आदि का कहना है कि देर रात जब गोलों के धमाकों की आवाजें सुनाई देने लगीं तो लगा कि मोर्टार शेलिंग शुरू हो गई है, जिस पर हमने रातों रात ही सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर ली थी। काफी देर तक जब पाकिस्तान की ओर से किसी भी धमाके की आवाज सुनाई नहीं दी तो स्पष्ट हो गया कि रात होने से दूर की आवाजें भी नजदीक सुनाई दे रही हैं।
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दरअसल मंगलवार की रात को नौशेरा में पाकिस्तान की तरफ से अंधाधुंध गोलाबारी हो रही थी। मौसम व दिन में बढ़ोतरी होने से रात को करीब ग्यारह बजे से पहले इन धमाकों की आवाजें कम ही सुनाई दे रही थीं, मगर उसके बाद लोग जब अपने कमरों में सोने के लिए चले गए तो वातावरण शांत होने के चलते धमाकों की आवाजें जोर जोर से सुनाई देने लगीं। इससे लगा कि शायद अपने क्षेत्र में पाकिस्तानी गोलाबारी शुरू हो गई है।
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युवाओं ने की बंकरों की सफाई
मंगलवार रात को हुई गोलीबारी से सीमावर्ती क्षेत्र के लोग सतर्क
अमर उजाला ब्यूरो
ज्यौड़ियां। एलओसी पर मंगलवार रात हुई गोलीबारी के भय से क्षेत्र के गांव बटल, ढखर, सेरीपलाई तथा जोगवां आदि के लोग सतर्क हो गए हैं। बुधवार को गांव जोगवां के युवाओं ने गांव में आपरेशन सद्भावना के तहत सेना की तरफ से बनाए गए बंकरों की साफ सफाई की। इस अवसर पर युवाओं के साथ चौकी प्रभारी जोगवां बिहारी लाल सहित पुलिस की टीम भी उपस्थित रही।
गांव जोगवां के युवाओं ने बताया कि हमारे गांव की कुल जनसंख्या 1300 है और बंकर सिर्फ तीन हैं। यह भी सेना की तरफ से आपरेशन सद्भावना के तहत बनाए गए हैं। लोकल प्रशासन की तरफ से हमारे गांव में गोलाबारी से बचने के लिए कोई भी इंतजाम नहीं है। चौकी प्रभारी जोगवां बिहारी लाल ने बताया कि मंगलवार देर रात यहां पर गोलाबारी हुई है। हमने लोगों के साथ बंकरों की सफाई की है। लोगों को हिदायत दी गई है कि गोलाबारी के दौरान कोई भी बाहर न निकले और न ही बाहर खुले में इकट्ठे हों।