{"_id":"5b45165b4f1c1ba5468b5bba","slug":"161531254363-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमा भवनों के निर्माण को भूमि चिह्नित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमा भवनों के निर्माण को भूमि चिह्नित
Updated Wed, 11 Jul 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्यौड़ियां। केंद्र सरकार ने खौड़ तहसील के 21 गांवों और परगवाल तहसील की सभी छह पंचायतों के सीमांत प्रभावित गावों के लिए चार सीमा भवन बनाने का फैसला किया है। उनके निर्माण के लिए राजस्व विभाग खौड़ ने पांच स्थानों पर भूमि का चयन किया है।
एसडीएम खौड़ देवेंद्र पाल भगत ने बताया कि खौड़ के अंतर्गत पांच स्थानों का चयन किया है। इसके बारे में डीसी जम्मू को सूचित कर दिया है। वह एक जगह का चयन कर आगे की प्रक्रिया को शुरू करवाएंगे। परगवालवासियों के लिए ज्यौड़ियां तहसील के चक भगवाना के पास भूमि तलाशी जा रही है, क्योंकि उक्त क्षेत्र में भवन मुश्किल है। पगरवाल क्षेत्र की सभी पंचायतें अंतरराष्ट्रीय सीमा से ढाई किलोमीटर की दूरी पर हैं। खौड़ के 21 गांवों के लोगों ने सीमा भवन निर्माण के फैसले को सही ठहराया है।
परगवाल के लोगों ने जताई असहमति
परगवाल क्षेत्र के लोगों ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर असहमति जताई है। लोगों का कहना है कि हमें सीमा भवन नहीं चाहिए, सरकार केवल सुरक्षित स्थान पर पांच-पांच मरले के प्लाट उपलब्ध करवा कर कॉलोनी का निर्माण करवाए। इसके अलावा कॉलोनी में सभी मूलभूत सुविधांए उपलब्ध कराए। सीमा भवन से समस्या हल नहीं होगी। क्योंकि पाकिस्तानी गोलाबारी और फिर चिनाब में बाढ़ आने से ग्रामीण एक स्थान पर ही फंस जाते हैं। इसलिए सुरक्षित स्थान पर कॉलोनी का ही निर्माण किया जाना चाहिए। सनद रहे कि परगवाल क्षेत्र एक तरफ से अंतरराष्ट्रीय सीमा और दूसरी ओर से चिनाब से घिरा हुआ है। आपात स्थिति में समस्या और बढ़ जाती है। अभी तक परगवाल को अन्य क्षेत्र से जोड़ने के लिए पुल का निर्माण भी नहीं हो पाया है, जोकि काफी समय से आपेक्षित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीएम खौड़ देवेंद्र पाल भगत ने बताया कि खौड़ के अंतर्गत पांच स्थानों का चयन किया है। इसके बारे में डीसी जम्मू को सूचित कर दिया है। वह एक जगह का चयन कर आगे की प्रक्रिया को शुरू करवाएंगे। परगवालवासियों के लिए ज्यौड़ियां तहसील के चक भगवाना के पास भूमि तलाशी जा रही है, क्योंकि उक्त क्षेत्र में भवन मुश्किल है। पगरवाल क्षेत्र की सभी पंचायतें अंतरराष्ट्रीय सीमा से ढाई किलोमीटर की दूरी पर हैं। खौड़ के 21 गांवों के लोगों ने सीमा भवन निर्माण के फैसले को सही ठहराया है।
विज्ञापन
परगवाल के लोगों ने जताई असहमति
परगवाल क्षेत्र के लोगों ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर असहमति जताई है। लोगों का कहना है कि हमें सीमा भवन नहीं चाहिए, सरकार केवल सुरक्षित स्थान पर पांच-पांच मरले के प्लाट उपलब्ध करवा कर कॉलोनी का निर्माण करवाए। इसके अलावा कॉलोनी में सभी मूलभूत सुविधांए उपलब्ध कराए। सीमा भवन से समस्या हल नहीं होगी। क्योंकि पाकिस्तानी गोलाबारी और फिर चिनाब में बाढ़ आने से ग्रामीण एक स्थान पर ही फंस जाते हैं। इसलिए सुरक्षित स्थान पर कॉलोनी का ही निर्माण किया जाना चाहिए। सनद रहे कि परगवाल क्षेत्र एक तरफ से अंतरराष्ट्रीय सीमा और दूसरी ओर से चिनाब से घिरा हुआ है। आपात स्थिति में समस्या और बढ़ जाती है। अभी तक परगवाल को अन्य क्षेत्र से जोड़ने के लिए पुल का निर्माण भी नहीं हो पाया है, जोकि काफी समय से आपेक्षित है।
विज्ञापन