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काम से निकाले जाने पर भड़के अस्थायी सफाई कर्मचारी
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उधमपुर। सेना के स्टेशन हेड क्वार्टर में ठेकेदार की तरफ से नियुक्त किए गए 22 अस्थायी कर्मचारियों को निकाले जाने के विरोध में बुधवार को अस्थायी सफाई कर्मचारियों ने सप्लाई मोड़ में धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि ठेकेदार उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। 22 कर्मचारियों को निकालने के साथ काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों से 20 प्रतिशत कमीशन भी मांग कर रहा है।
सुबह करीब दस बजे सभी अस्थायी कर्मचारियों ने मिल कर ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान अतुल कुमार ने कहा कि ठेकेदारी सिस्टम से सेना के स्टेशन हेड क्वार्टर में 172 अस्थायी सफाई कर्मचारी काम कर रहे थे। जिस ठेकेदार उनको लगाया था, उसको इस वर्ष बदल दिया गया और अब नए ठेकेदार ने काम संभाला है। नया ठेकेदार केवल 150 कर्मचारियों को रखने की बात कर रहा है और 22 कर्मचारियों को निकाल रहा है। इसके अलावा पहले का ठेकेदार उनके वेतन से दस प्रतिशत कमीशन लेता था, लेकिन नया ठेकेदार 20 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा है। नया ठेकेदार उनके साथ अन्याय कर रहा है। कई बार समझाने के बाद भी ठेकेदार उनकी बात को न तो सुन नहीं रहा है और न ही मान रहा है। इसी को लेकर आज सभी प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले ही सभी कम वेतन पर काम कर रहे हैं। अगर अब वेतन का 20 प्रतिशत ठेकेदार को दे देंगे तो उनके पास क्या बचेगा। उनके लिए तो अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा जिन 22 अस्थायी कर्मचारियों को निकाला जा रहा है, उनको दूसरा काम तलाश करना मुश्किल हो जाएगा। पिछले कई दिनों से ठेकेदार को अपनी परेशानी के बारे में समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार बात को समझ ही नहीं रहा है। आज सभी प्रदर्शन कर अपनी बात को प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। अगर अब भी उनकी परेशानी को दूर नहीं किया तो आने वाले दिनों में प्रदर्शन तेज करने को मजबूर हो जाएंगे।
सुबह करीब दस बजे सभी अस्थायी कर्मचारियों ने मिल कर ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान अतुल कुमार ने कहा कि ठेकेदारी सिस्टम से सेना के स्टेशन हेड क्वार्टर में 172 अस्थायी सफाई कर्मचारी काम कर रहे थे। जिस ठेकेदार उनको लगाया था, उसको इस वर्ष बदल दिया गया और अब नए ठेकेदार ने काम संभाला है। नया ठेकेदार केवल 150 कर्मचारियों को रखने की बात कर रहा है और 22 कर्मचारियों को निकाल रहा है। इसके अलावा पहले का ठेकेदार उनके वेतन से दस प्रतिशत कमीशन लेता था, लेकिन नया ठेकेदार 20 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा है। नया ठेकेदार उनके साथ अन्याय कर रहा है। कई बार समझाने के बाद भी ठेकेदार उनकी बात को न तो सुन नहीं रहा है और न ही मान रहा है। इसी को लेकर आज सभी प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले ही सभी कम वेतन पर काम कर रहे हैं। अगर अब वेतन का 20 प्रतिशत ठेकेदार को दे देंगे तो उनके पास क्या बचेगा। उनके लिए तो अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा जिन 22 अस्थायी कर्मचारियों को निकाला जा रहा है, उनको दूसरा काम तलाश करना मुश्किल हो जाएगा। पिछले कई दिनों से ठेकेदार को अपनी परेशानी के बारे में समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार बात को समझ ही नहीं रहा है। आज सभी प्रदर्शन कर अपनी बात को प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। अगर अब भी उनकी परेशानी को दूर नहीं किया तो आने वाले दिनों में प्रदर्शन तेज करने को मजबूर हो जाएंगे।
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