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आईएएस अधिकारियों का टोटा
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आईएएस अधिकारी डेपुटेशन पर, केएएस की लाटरी
140 की कुल स्ट्रैंथ रियासत में केवल 68, इनमें भी 15 केंद्रीय डेपुटेशन पर
535 केएएस अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां
संजीव दुबे
जम्मू। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के मामले में रियासत में स्थिति दिन प्रति दिन चिंताजनक बनती जा रही है। आलम तो यह हैं कि वर्तमान में कुल स्ट्रैंथ 140 से आधे से भी कम केवल 68 आईएएस अधिकारी हैं। इनमें से भी चार ट्रेनी हैं। जो हैं भी उनमें भी 15 केंद्रीय सरकार के विभिन्न मंत्रालयों व विभागों में डेपुटेशन पर भेजे गए है। ऐसे में कश्मीर प्रशासनिक सेवा (केएएस) अधिकारियों को प्रमुख जिम्मेदारियां मिल रही है।
डेपुटेशन में गए आईएएस अधिकारी रियासत में सबसे वरिष्ठ स्तर के है। इनमें इनमे पूर्व मुख्य सचिव बी आर शर्मा, पूर्व मंडलायुक्त सुदांशु पांडे, पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी शांतमनु, वरिष्ठ आईएएस प्रदीप कुमार त्रिपाठी, राकेश कुमार गुप्ता, संदीप कुमार नाइक, राज कुमार गोयल, बिपुल पाठक, अशोक कुमार परमार, डा. मंदीप कुमार भंडारी आदि शामिल है।
ऐसे में रियासत में करीब 53 आईएएस अधिकारी ही तैनात हैं और इनमें भी चार ट्रेनी स्तर के है। इसकी वजह से कई प्रमुख विभागों के विभागध्यक्ष के तौर पर कई जिलों में जिला उपायुक्त तक कश्मीर प्रशासनिक सेवा (केएएस) अफसर है। केएएस अधिकारियों की लाटरी जैसी स्थिति हैं। पांच जिलों में जिला उपायुक्त केएएस है। उच्च शिक्षा, पर्यटन विभाग, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा से लेकर सूचना, श्रम, साइंस एवं तकनीकी विभागों के आयुक्त सचिव तक केएएस अधिकारी है।
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महबूबा सरकार में केएएस अधिकारियों को मिली तबज्जो
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अगुवाई में रही पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार के समय आईएएस अधिकारियों के बजाये केएएस अधिकारियों का प्राथमिकता देने का चलन बढ़ा। केंद्रीय डेपुटेशन में राज्य काडर के आईएएस अधिकारियों को भेजने का क्रम भी इसी सरकार के कार्यकाल में ज्यादा हुआ।
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140 की कुल स्ट्रैंथ रियासत में केवल 68, इनमें भी 15 केंद्रीय डेपुटेशन पर
535 केएएस अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां
संजीव दुबे
जम्मू। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के मामले में रियासत में स्थिति दिन प्रति दिन चिंताजनक बनती जा रही है। आलम तो यह हैं कि वर्तमान में कुल स्ट्रैंथ 140 से आधे से भी कम केवल 68 आईएएस अधिकारी हैं। इनमें से भी चार ट्रेनी हैं। जो हैं भी उनमें भी 15 केंद्रीय सरकार के विभिन्न मंत्रालयों व विभागों में डेपुटेशन पर भेजे गए है। ऐसे में कश्मीर प्रशासनिक सेवा (केएएस) अधिकारियों को प्रमुख जिम्मेदारियां मिल रही है।
डेपुटेशन में गए आईएएस अधिकारी रियासत में सबसे वरिष्ठ स्तर के है। इनमें इनमे पूर्व मुख्य सचिव बी आर शर्मा, पूर्व मंडलायुक्त सुदांशु पांडे, पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी शांतमनु, वरिष्ठ आईएएस प्रदीप कुमार त्रिपाठी, राकेश कुमार गुप्ता, संदीप कुमार नाइक, राज कुमार गोयल, बिपुल पाठक, अशोक कुमार परमार, डा. मंदीप कुमार भंडारी आदि शामिल है।
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ऐसे में रियासत में करीब 53 आईएएस अधिकारी ही तैनात हैं और इनमें भी चार ट्रेनी स्तर के है। इसकी वजह से कई प्रमुख विभागों के विभागध्यक्ष के तौर पर कई जिलों में जिला उपायुक्त तक कश्मीर प्रशासनिक सेवा (केएएस) अफसर है। केएएस अधिकारियों की लाटरी जैसी स्थिति हैं। पांच जिलों में जिला उपायुक्त केएएस है। उच्च शिक्षा, पर्यटन विभाग, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा से लेकर सूचना, श्रम, साइंस एवं तकनीकी विभागों के आयुक्त सचिव तक केएएस अधिकारी है।
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महबूबा सरकार में केएएस अधिकारियों को मिली तबज्जो
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अगुवाई में रही पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार के समय आईएएस अधिकारियों के बजाये केएएस अधिकारियों का प्राथमिकता देने का चलन बढ़ा। केंद्रीय डेपुटेशन में राज्य काडर के आईएएस अधिकारियों को भेजने का क्रम भी इसी सरकार के कार्यकाल में ज्यादा हुआ।