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पूरे परिवार पर मौत ने मारा झपट्टा
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उधमपुर। डीसी आफिस के पास हुआ सड़क हादसा एक परिवार पर कहर बनकर टूटा। बस का इंतजार कर रहे एक परिवार पर काल ने झपट्टा मार दिया। तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग के कारण 70 वर्षीय बुजुर्ग भूषण की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी तृप्ता देवी (64) सहित उनकी बेटी सिमरन शर्मा (25) व बहू बिंदिया देवी (35) गंभीर रूप से घायल हो गईं।
बेटी को जम्मू भेजने के लिए बस का इंतजार कर रहे इस परिवार के लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। गाड़ी की रफ़्तार इस कदर तेज थी कि पलक झपकते ही सड़क के किनारे खड़े परिवार के सभी सदस्य इसकी चपेट में आ गये। इसके साथ सड़क पर चल रहे अन्य राहगीर व मेटाडोर में सवार यात्री भी इसकी चपेट में आने से घायल हो गए।
रैंबल और सैलां तालाब के बीच लगती है रेस
रैंबल से सैलां तालाब के बीच मेटाडोर चालकों के बीच अक्सर अधिक सवारियां बिठाने को लेकर प्रतिस्पर्धा देखी जाती है। इसके लिए रेस लगाई जाती है। टाइम बचाने के खेल में मेटाडोर चालक पहले इतनी धीमी गति से वाहन चलाते हैं कि सवारियां परेशान हो जाती हैं और जब पीछे से दूसरी गाड़ी आती दिखती है तो इस कदर तेज गति से भगाते हैं कि सवारियों की जान पर बन आती है। बुधवार की सुबह पेश आया ताजा हादसे भी रेस के चक्कर में ही हुआ। एक निर्माणाधीन निजी होटल में लगे सीसीटीवी की फुटेज साफ दिख रहा है कि कैसे दो निजी वाहन एक-दूसरे से रेस लगाते हुए आए और क्षण भर में एक परिवार को शोक में डुबा दिया। इसके साथ ही हादसे से मात्र कुछ सेकेंड पहले ही सड़क को पार कर ईदगाह की ओर जा रही महिलाओं का झुंड ओवर स्पीड वाहनों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। मेटाडोर चालकों की इस बेपरवाही पर पुलिस या ट्रैफिक पुलिस का अंकुश नहीं है।
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बेटी को जम्मू भेजने के लिए बस का इंतजार कर रहे इस परिवार के लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। गाड़ी की रफ़्तार इस कदर तेज थी कि पलक झपकते ही सड़क के किनारे खड़े परिवार के सभी सदस्य इसकी चपेट में आ गये। इसके साथ सड़क पर चल रहे अन्य राहगीर व मेटाडोर में सवार यात्री भी इसकी चपेट में आने से घायल हो गए।
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रैंबल और सैलां तालाब के बीच लगती है रेस
रैंबल से सैलां तालाब के बीच मेटाडोर चालकों के बीच अक्सर अधिक सवारियां बिठाने को लेकर प्रतिस्पर्धा देखी जाती है। इसके लिए रेस लगाई जाती है। टाइम बचाने के खेल में मेटाडोर चालक पहले इतनी धीमी गति से वाहन चलाते हैं कि सवारियां परेशान हो जाती हैं और जब पीछे से दूसरी गाड़ी आती दिखती है तो इस कदर तेज गति से भगाते हैं कि सवारियों की जान पर बन आती है। बुधवार की सुबह पेश आया ताजा हादसे भी रेस के चक्कर में ही हुआ। एक निर्माणाधीन निजी होटल में लगे सीसीटीवी की फुटेज साफ दिख रहा है कि कैसे दो निजी वाहन एक-दूसरे से रेस लगाते हुए आए और क्षण भर में एक परिवार को शोक में डुबा दिया। इसके साथ ही हादसे से मात्र कुछ सेकेंड पहले ही सड़क को पार कर ईदगाह की ओर जा रही महिलाओं का झुंड ओवर स्पीड वाहनों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। मेटाडोर चालकों की इस बेपरवाही पर पुलिस या ट्रैफिक पुलिस का अंकुश नहीं है।
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