{"_id":"5b8ae9b742c792462d1355d5","slug":"15358304418-rspura-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फाइल नंबर दो- ए - आरएस पुरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फाइल नंबर दो- ए - आरएस पुरा
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरएस पुरा। कस्बे के कोटली शाहदौला गांव आरएस पुरा ट्रैक्टर ट्राली यूनियन ने तवी से पत्थर, बजरी खनन पर लगाए प्रतिबंध हटाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर यह रोक जल्द ही न हटी तो काफी लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे यूनियन के मोहम्मद आरिफ कहा कि जम्मू क्षेत्र में तवी, बिलोल नाले आदि पर प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन दूसरे जिलों में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गरीब वर्ग के लोगों को मकान बनाए जाने के लिए अधिक कीमत पर बजरी, पत्थर, रेत आदि खरीदनी पड़ रही है। कई लोगों द्वारा कठुआ आदि से टिप्परों पर से बजरी, पत्थर रेत लाकर स्टाक कर बेचा जा रहा और उन लोगों को पूछा तक नहीं जा रहा। स्थिति यह है कि जिन किसानों ने अपने ट्रैक्टर रखे हुए हैं उन्हें भी रेत, बजरी आदि लाने पर पुलिस जब्त कर लेती है और मामला दर्ज कर देती है। किसान वर्ग के लोगों को पहले ही मार झेलने पर ट्रैक्टर की किस्त तक बैंकों में जमा नहीं करा पा रहे। अब प्रतिबंध नहीं हटाया जा रहा।
यूनियन के रमेश लाल, गुरनाम सिंह, अयूब खान, बलवीर सिंह, आशू, अजीत सिंह आदि ने कहा कि राज्य सरकार को किसानों की दिक्कतों को देखते हुए खनन पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए, ताकि जिस प्रकार दूसरे जिलों में इस तरह का प्रतिबंध नहीं होने पर लोगों को मकान बनाने के लिए कम कीमत पर निर्माण सामग्री मिल रही उसी प्रकार जम्मू जिले के लोगों मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे यूनियन के मोहम्मद आरिफ कहा कि जम्मू क्षेत्र में तवी, बिलोल नाले आदि पर प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन दूसरे जिलों में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गरीब वर्ग के लोगों को मकान बनाए जाने के लिए अधिक कीमत पर बजरी, पत्थर, रेत आदि खरीदनी पड़ रही है। कई लोगों द्वारा कठुआ आदि से टिप्परों पर से बजरी, पत्थर रेत लाकर स्टाक कर बेचा जा रहा और उन लोगों को पूछा तक नहीं जा रहा। स्थिति यह है कि जिन किसानों ने अपने ट्रैक्टर रखे हुए हैं उन्हें भी रेत, बजरी आदि लाने पर पुलिस जब्त कर लेती है और मामला दर्ज कर देती है। किसान वर्ग के लोगों को पहले ही मार झेलने पर ट्रैक्टर की किस्त तक बैंकों में जमा नहीं करा पा रहे। अब प्रतिबंध नहीं हटाया जा रहा।
विज्ञापन
यूनियन के रमेश लाल, गुरनाम सिंह, अयूब खान, बलवीर सिंह, आशू, अजीत सिंह आदि ने कहा कि राज्य सरकार को किसानों की दिक्कतों को देखते हुए खनन पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए, ताकि जिस प्रकार दूसरे जिलों में इस तरह का प्रतिबंध नहीं होने पर लोगों को मकान बनाने के लिए कम कीमत पर निर्माण सामग्री मिल रही उसी प्रकार जम्मू जिले के लोगों मिलनी चाहिए।
विज्ञापन