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अखनूर 21 अप्रैल किशोर 18-12-41
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:47 AM IST
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अखनूर। स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत के चौकी चौहरा अस्पताल में औचक दौरान निलंबित किए गए बीएमओ, डॉक्टर व कर्मचारियों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अस्पताल अन्य कर्मचारी उनके खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। तीन घंटे धरने पर बैठने के बाद कर्मचारी वापस ड्यूटी पर लौट आए।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने चौकी चौहरा अस्पताल में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बीएमओ समेत डाक्टर व कर्मचारी गैर हाजिर मिले थे। इस पर उन्होंने गैर हाजिर सभी को निलंबित कर दिया। इस मामले को लेकर शनिवार को अस्पताल के अन्य कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और स्वास्थ्य मंत्री के फैसले के खिलाफ धरने पर बैठ गए।
कर्मचारियों ने कहा कि मंत्री ने उन कर्मचारियों को निलंबित किया है जो रात को ड्यूटी पर थे, उनकी दोबारा ड्यूटी दस बजे से शुरू होनी थी। मंत्री ने दस बजे के पहले ही अस्पताल का निरीक्षण किया और जो लोग उन्हें ही निलंबित कर दिया। ऐसे में मंत्री को उनका पक्ष लेना चाहिए। जिस पर मंत्री तानाशही का रवैया अपनाया है। बीएमओ अशोक कुमार ने बताया कि सुबह कुछ समय पर कर्मचारियों ने धरना दिया था, मगर उसके बाद रोजमर्रा का कार्य शुरू हो गया।
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उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने चौकी चौहरा अस्पताल में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बीएमओ समेत डाक्टर व कर्मचारी गैर हाजिर मिले थे। इस पर उन्होंने गैर हाजिर सभी को निलंबित कर दिया। इस मामले को लेकर शनिवार को अस्पताल के अन्य कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और स्वास्थ्य मंत्री के फैसले के खिलाफ धरने पर बैठ गए।
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कर्मचारियों ने कहा कि मंत्री ने उन कर्मचारियों को निलंबित किया है जो रात को ड्यूटी पर थे, उनकी दोबारा ड्यूटी दस बजे से शुरू होनी थी। मंत्री ने दस बजे के पहले ही अस्पताल का निरीक्षण किया और जो लोग उन्हें ही निलंबित कर दिया। ऐसे में मंत्री को उनका पक्ष लेना चाहिए। जिस पर मंत्री तानाशही का रवैया अपनाया है। बीएमओ अशोक कुमार ने बताया कि सुबह कुछ समय पर कर्मचारियों ने धरना दिया था, मगर उसके बाद रोजमर्रा का कार्य शुरू हो गया।
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