{"_id":"68586412bbd29293860deba4","slug":"150-displaced-employees-got-houses-42-out-of-the-list-jammu-news-c-10-jam1005-643063-2025-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: 150 विस्थापित कर्मचारियों को मिले घर, 42 लिस्ट से बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: 150 विस्थापित कर्मचारियों को मिले घर, 42 लिस्ट से बाहर
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राहत एवं पुनर्वास विभाग ने 150 विस्थापित कर्मचारियों को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में आवास आवंटित कर दिए हैं। 192 आवेदनों में से छंटनी के बाद यह फैसला लिया गया है। आवेदनों की जांच और आपत्ति दर्ज होने के बाद 42 परिवारों को हटाया गया है। आवास आवंटन की एक दर्जन शर्ताें के साथ मंजूरी दी गई है।
राहत और पुनर्वास आयुक्त अरविंद करवानी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि आवंटित आवास आपदा प्रबंधन राहत और पुनर्वास विभाग में सरकार की संपत्ति रहेंगे। पीएम पैकेज में आवास का आवंटन केवल कर्मचारी होने की हैसियत से ही किया गया है। आवास को किराये पर देने, बेचने या हस्तांतरित करने का कोई अधिकार नहीं होगा।
आवास हासिल करने वाले कर्मचारी को शपथपत्र देना होगा कि उसके या पत्नी के नाम पर कहीं भी दूसरा सरकारी आवास नहीं है। यदि दूसरी जगह आवास पाया जाता है तो उसका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही जब तक परिवार सरकारी आवास में रहा होगा उस अवधि का किराया कर्मचारी से वसूल किया जाएगा और परिवार को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया जाएगा। ऐसे कर्मचारी को भविष्य में कभी भी सरकारी आवास नहीं मिल पाएगा।
विज्ञापन
सात दिन में आवास में नहीं पहुंचे तो आवंटन रद
आदेश में कहा गया है कि कब्जा दिए जाने के सात दिन के भीतर परिवार को संबंधित आवास में जाना होगा। ऐसा न करने पर भी आवंटन को रद्द कर दिया जाएगा। कर्मचारी के रिटायर हो जाने या सरकारी सेवा में न रहने की स्थिति में भी आवास खाली करना होगा। रहने के दौरान आवास में होने वाले नुकसान के लिए की भरपाई भी करनी होगी। इसकी भरपाई संबंधित कर्मचारी के वेतन से की जाएगी।
नियम नहीं माने तो भी आवंटन रद
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि समय-समय पर लागू होने वाले सरकारी नियमों का पालन भी कर्मचारी को करना होगा। नियमों का पालन न करने पर आवास आवंटन को रद्द किया जा सकता है। मकान मिलने के बाद दंपति में से कोई भी जीवनकाल में दूसरे मकान के लिए आवेदन नहीं करेगा। कोई भी तथ्य या दस्तावेज छिपाने या गलत तरीके से प्रस्तुत करने पर भी आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। इस स्थिति में कब्जाधारकों को जुर्माने और ब्याज का भुगतान करना होगा।
-- -- -- -- -
स्वास्थ्य प्रमाणपत्र देने पर मिलेगी ग्राउंड फ्लोर की चाबी
राहत और पुनर्वास आयुक्त अरविंद करवानी के अनुसार कोई व्यक्ति भूतल या प्रथम तल में आवास का दावा करता है तो उसे अपना मेडिकल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने बताया कि प्रमाणपत्र सक्षम चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से जारी किया गया होना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रमाणपत्र के हिसाब से ही आवास तय किए जाएंगे। मेडिकल प्रमाणपत्र आवास की चाबी हासिल करने के समय देना होगा।
विज्ञापन
जम्मू। राहत एवं पुनर्वास विभाग ने 150 विस्थापित कर्मचारियों को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में आवास आवंटित कर दिए हैं। 192 आवेदनों में से छंटनी के बाद यह फैसला लिया गया है। आवेदनों की जांच और आपत्ति दर्ज होने के बाद 42 परिवारों को हटाया गया है। आवास आवंटन की एक दर्जन शर्ताें के साथ मंजूरी दी गई है।
राहत और पुनर्वास आयुक्त अरविंद करवानी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि आवंटित आवास आपदा प्रबंधन राहत और पुनर्वास विभाग में सरकार की संपत्ति रहेंगे। पीएम पैकेज में आवास का आवंटन केवल कर्मचारी होने की हैसियत से ही किया गया है। आवास को किराये पर देने, बेचने या हस्तांतरित करने का कोई अधिकार नहीं होगा।
विज्ञापन
आवास हासिल करने वाले कर्मचारी को शपथपत्र देना होगा कि उसके या पत्नी के नाम पर कहीं भी दूसरा सरकारी आवास नहीं है। यदि दूसरी जगह आवास पाया जाता है तो उसका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही जब तक परिवार सरकारी आवास में रहा होगा उस अवधि का किराया कर्मचारी से वसूल किया जाएगा और परिवार को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया जाएगा। ऐसे कर्मचारी को भविष्य में कभी भी सरकारी आवास नहीं मिल पाएगा।
विज्ञापन
सात दिन में आवास में नहीं पहुंचे तो आवंटन रद
आदेश में कहा गया है कि कब्जा दिए जाने के सात दिन के भीतर परिवार को संबंधित आवास में जाना होगा। ऐसा न करने पर भी आवंटन को रद्द कर दिया जाएगा। कर्मचारी के रिटायर हो जाने या सरकारी सेवा में न रहने की स्थिति में भी आवास खाली करना होगा। रहने के दौरान आवास में होने वाले नुकसान के लिए की भरपाई भी करनी होगी। इसकी भरपाई संबंधित कर्मचारी के वेतन से की जाएगी।
नियम नहीं माने तो भी आवंटन रद
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि समय-समय पर लागू होने वाले सरकारी नियमों का पालन भी कर्मचारी को करना होगा। नियमों का पालन न करने पर आवास आवंटन को रद्द किया जा सकता है। मकान मिलने के बाद दंपति में से कोई भी जीवनकाल में दूसरे मकान के लिए आवेदन नहीं करेगा। कोई भी तथ्य या दस्तावेज छिपाने या गलत तरीके से प्रस्तुत करने पर भी आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। इस स्थिति में कब्जाधारकों को जुर्माने और ब्याज का भुगतान करना होगा।
स्वास्थ्य प्रमाणपत्र देने पर मिलेगी ग्राउंड फ्लोर की चाबी
राहत और पुनर्वास आयुक्त अरविंद करवानी के अनुसार कोई व्यक्ति भूतल या प्रथम तल में आवास का दावा करता है तो उसे अपना मेडिकल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने बताया कि प्रमाणपत्र सक्षम चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से जारी किया गया होना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रमाणपत्र के हिसाब से ही आवास तय किए जाएंगे। मेडिकल प्रमाणपत्र आवास की चाबी हासिल करने के समय देना होगा।