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रिकार्ड समय में तैयार हो रहा कीड़ियां गंडियाल पुल
Updated Tue, 22 May 2018 02:25 PM IST
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कठुआ। अंतर राज्य कनेक्टिविटी और सामरिक दृष्टि की महत्वपूर्ण कीड़ियां गंडियाल पुल वर्ष 2018 के अंत तक बन कर तैयार हो सकता है। 106.77 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा कीड़ियां गंडियाल पुल का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।
परियोजना से जुड़े उच्च अधिकारियों की मानें तो सरकार की ओर से निर्धारित 29 मार्च 2019 की समय सीमा के कई महीने पहले ही इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा। जम्मू कश्मीर की होकर भी अलग थलग पड़ी कीड़ियां गंडियाल की लगभग 35 हजार आबादी को कीड़ियां गंडियाल पुल के पूरा होने से जिला मुख्यालय कठुआ से सीधा संपर्क मिल जाएगा। कठुआ के जराई चौक से रावी दरिया को पार करने के लिए यह पुल एक मील का पत्थर साबित होने वाला है, जिससे जम्मू कश्मीर को पंजाब से कनेक्टिविटी का एक अतिरिक्त जरिया भी मिल जाएगा। पुल के 28 पिलर में से 25 का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि दो में सिंकिंग का काम चल रहा है। 13 पिल्लर पर प्री कास्ट स्लैब भी डाली जा चुकी है और कई जगह तो पुल के रेलिंग का काम भी शुरू हो गया है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कीड़ियां गंडियाल पुल का शिलान्यास 26 जून 2015 को किया था।
32 किलोमीटर कम हो जाएगी कीड़ियां गंडियाल की कठुआ से दूरी
जिला कठुआ की कीड़ियां और गंडियाल पंचायत की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि रावी दरिया इन पंचायतों को जम्मू कश्मीर के साथ होने पर भी पंजाब का हिस्सा बना चुका था। कीड़ियां गंडियाल पुल के बनने से लोगों को जहां सीधा संपर्क मिल जाएगा, वहीं दूरी भी 32 किलोमीटर कम हो जाएगी। दरअसल कीड़ियां और गंडियाल पंचायत की 35 हजार से अधिक आबादी को कठुआ तक पहुंचने के लिए पंजाब से होकर जाना पड़ता था। ऐसे में उन्हें चालीस किलोमीटर का सफर पंजाब के रास्ते तय करना पड़ता था और लखनपुर से होकर लगभग डेढ़ से दो घंटे में यह दूरी तय होती थी। इस पुल के सक्रिय होने के बाद इन दोनों ही पंचायतों के लोग लगभग पंद्रह मिनट के भीतर जिला मुख्यालय तक पहुंच सकेंगे और वो भी मात्र साढ़े आठ किलोमीटर का सफर तय कर।
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अटल सेतु के बाद जिले में समय पर पूरी होने वाली दूसरी परियोजना
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी की जिला में दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना कीड़ियां गंडियाल पुल होगा जो तय समय से पहले ही पूरा हो जाएगा। इस बार भी इसका श्रेय एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को मिलने जा रहा है जो पुल के निर्माण में तेजी से जुटी है। दरअसल, अटल सेतु को रिकार्ड समय में तैयार करने की सफलता के बाद ही कीड़ियां गंडियाल पुल को एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। कंपनी के इंजीनियर अचल कठपालिया ने बताया कि उम्मीदों के अनुरूप कीड़ियां गंडियाल पुल का काम भी तय समयावधि यानी चार माह पहले ही पूरा होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि 30 नवंबर 2018 तक कीड़ियां गंडियाल पुल बनकर तैयार हो जाएगा।
पुल के साथ सुविधाएं और चुनौतियां भी
जम्मू कश्मीर का देश के शेष भागों से संपर्क बनाने जा रहा कीड़ियां गंडियाल पुल सुविधा के साथ चुनौतियां भी लाने वाला है। कीड़ियां और गंडियाल पंचायतों को इस डबल लेन पुल के बनने से सीधा संपर्क कठुआ से मिल जाएगा। रियासत के अब तक के सबसे बड़े बजट और लंबे पुलों में शुमार इस पुल के तैयार होते ही रावी दरिया से सटी जम्मू-कश्मीर और पंजाब की आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही कठुआ शहर पर अचानक से ट्रैफिक लोड बढ़ने की भी संभावना है। वर्तमान में कठुआ शहर को बड़े वाहनों की आवाजाही से लगभग अछूता रखा गया है। यदि जम्मू नई दिल्ली नेशनल हाईवे की ट्रैफिक का कुछ हिस्सा भी इस पुल से गुजरता है तो पंजाब की ओर से बढ़ते ही इन वाहनों का रेला सीधा शहर की ओर बढ़ेगा। ऐसे में दो ही विकल्प होंगे या तो वाहन जराई चौक से होते हुए हटली मोड़ की ओर बढ़ जाएं या फिर मुखर्जी चौक से होते हुए अन्य हिस्सों से कालीबड़ी की ओर बढ़ें। इन दोनों की मामलों में शहर की सड़कों पर दबाव बढ़ना लाजमी है। इसके लिए यदि समय रहते इंतजामों को सुनिश्चित नहीं किया गया तो मुसीबत और भी बढ़ सकती है।
लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कीड़ियां गंडियाल की प्रचार बैठकों में महज 14 लोग ही पहुंचते रहे। प्रचार के लिए पहुंचे डॉ. जितेंद्र सिंह ने जब इस बारे में पूछा तो लोगों ने बताया कि ग्रामीणों ने 14 लोगों का प्रतिनिधिमंडल तैयार किया है, जो सुनने नहीं सुनाने आया है। ग्रामीणों ने बैठक में कहा था कि राज्य का हिस्सा होकर भी दोनों पंचायतें राज्य से कटी हुई हैं। पुल न होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में या तो उन्हें पंजाब के साथ जोड़ दिया जाए या फिर पुल मुहैया करवाया जाए। डॉ. जितेंद्र सिंह जो उस समय भाजपा के संसदीय क्षेत्र के उम्मीदवार थे, उन्होंने कीड़ियां गंडियाल के लोगों से वादा किया था जो अब परवान चढ़ रहा है। निश्चित तौर पर यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।
-राजीव जसरोटिया, वन एवं पर्यावरण मंत्री
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परियोजना से जुड़े उच्च अधिकारियों की मानें तो सरकार की ओर से निर्धारित 29 मार्च 2019 की समय सीमा के कई महीने पहले ही इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा। जम्मू कश्मीर की होकर भी अलग थलग पड़ी कीड़ियां गंडियाल की लगभग 35 हजार आबादी को कीड़ियां गंडियाल पुल के पूरा होने से जिला मुख्यालय कठुआ से सीधा संपर्क मिल जाएगा। कठुआ के जराई चौक से रावी दरिया को पार करने के लिए यह पुल एक मील का पत्थर साबित होने वाला है, जिससे जम्मू कश्मीर को पंजाब से कनेक्टिविटी का एक अतिरिक्त जरिया भी मिल जाएगा। पुल के 28 पिलर में से 25 का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि दो में सिंकिंग का काम चल रहा है। 13 पिल्लर पर प्री कास्ट स्लैब भी डाली जा चुकी है और कई जगह तो पुल के रेलिंग का काम भी शुरू हो गया है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कीड़ियां गंडियाल पुल का शिलान्यास 26 जून 2015 को किया था।
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32 किलोमीटर कम हो जाएगी कीड़ियां गंडियाल की कठुआ से दूरी
जिला कठुआ की कीड़ियां और गंडियाल पंचायत की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि रावी दरिया इन पंचायतों को जम्मू कश्मीर के साथ होने पर भी पंजाब का हिस्सा बना चुका था। कीड़ियां गंडियाल पुल के बनने से लोगों को जहां सीधा संपर्क मिल जाएगा, वहीं दूरी भी 32 किलोमीटर कम हो जाएगी। दरअसल कीड़ियां और गंडियाल पंचायत की 35 हजार से अधिक आबादी को कठुआ तक पहुंचने के लिए पंजाब से होकर जाना पड़ता था। ऐसे में उन्हें चालीस किलोमीटर का सफर पंजाब के रास्ते तय करना पड़ता था और लखनपुर से होकर लगभग डेढ़ से दो घंटे में यह दूरी तय होती थी। इस पुल के सक्रिय होने के बाद इन दोनों ही पंचायतों के लोग लगभग पंद्रह मिनट के भीतर जिला मुख्यालय तक पहुंच सकेंगे और वो भी मात्र साढ़े आठ किलोमीटर का सफर तय कर।
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अटल सेतु के बाद जिले में समय पर पूरी होने वाली दूसरी परियोजना
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी की जिला में दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना कीड़ियां गंडियाल पुल होगा जो तय समय से पहले ही पूरा हो जाएगा। इस बार भी इसका श्रेय एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को मिलने जा रहा है जो पुल के निर्माण में तेजी से जुटी है। दरअसल, अटल सेतु को रिकार्ड समय में तैयार करने की सफलता के बाद ही कीड़ियां गंडियाल पुल को एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। कंपनी के इंजीनियर अचल कठपालिया ने बताया कि उम्मीदों के अनुरूप कीड़ियां गंडियाल पुल का काम भी तय समयावधि यानी चार माह पहले ही पूरा होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि 30 नवंबर 2018 तक कीड़ियां गंडियाल पुल बनकर तैयार हो जाएगा।
पुल के साथ सुविधाएं और चुनौतियां भी
जम्मू कश्मीर का देश के शेष भागों से संपर्क बनाने जा रहा कीड़ियां गंडियाल पुल सुविधा के साथ चुनौतियां भी लाने वाला है। कीड़ियां और गंडियाल पंचायतों को इस डबल लेन पुल के बनने से सीधा संपर्क कठुआ से मिल जाएगा। रियासत के अब तक के सबसे बड़े बजट और लंबे पुलों में शुमार इस पुल के तैयार होते ही रावी दरिया से सटी जम्मू-कश्मीर और पंजाब की आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही कठुआ शहर पर अचानक से ट्रैफिक लोड बढ़ने की भी संभावना है। वर्तमान में कठुआ शहर को बड़े वाहनों की आवाजाही से लगभग अछूता रखा गया है। यदि जम्मू नई दिल्ली नेशनल हाईवे की ट्रैफिक का कुछ हिस्सा भी इस पुल से गुजरता है तो पंजाब की ओर से बढ़ते ही इन वाहनों का रेला सीधा शहर की ओर बढ़ेगा। ऐसे में दो ही विकल्प होंगे या तो वाहन जराई चौक से होते हुए हटली मोड़ की ओर बढ़ जाएं या फिर मुखर्जी चौक से होते हुए अन्य हिस्सों से कालीबड़ी की ओर बढ़ें। इन दोनों की मामलों में शहर की सड़कों पर दबाव बढ़ना लाजमी है। इसके लिए यदि समय रहते इंतजामों को सुनिश्चित नहीं किया गया तो मुसीबत और भी बढ़ सकती है।
लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कीड़ियां गंडियाल की प्रचार बैठकों में महज 14 लोग ही पहुंचते रहे। प्रचार के लिए पहुंचे डॉ. जितेंद्र सिंह ने जब इस बारे में पूछा तो लोगों ने बताया कि ग्रामीणों ने 14 लोगों का प्रतिनिधिमंडल तैयार किया है, जो सुनने नहीं सुनाने आया है। ग्रामीणों ने बैठक में कहा था कि राज्य का हिस्सा होकर भी दोनों पंचायतें राज्य से कटी हुई हैं। पुल न होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में या तो उन्हें पंजाब के साथ जोड़ दिया जाए या फिर पुल मुहैया करवाया जाए। डॉ. जितेंद्र सिंह जो उस समय भाजपा के संसदीय क्षेत्र के उम्मीदवार थे, उन्होंने कीड़ियां गंडियाल के लोगों से वादा किया था जो अब परवान चढ़ रहा है। निश्चित तौर पर यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।
-राजीव जसरोटिया, वन एवं पर्यावरण मंत्री