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ग्रिछ के ट्रांसफार्मर की मरम्मत
Updated Fri, 24 Aug 2018 01:40 AM IST
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जम्मू। संभाग के सबसे बड़े ग्लेडनी ग्रिड स्टेशन के 160 मेगावाट क्षमता के ट्रांसफार्मर के बुश जल जाने के करीब चार दिन बाद भी जुगाड़ से बिजली आपूर्ति की जा रही है।
रियासत में इतने भारी व उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर के बुश को बदलने की तकनीक न होने के चलते भोपाल से भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) की टीम के पहुंचने का इंतजार है। इस कारण तब तक जुगाड़ से अन्य ट्रांसफार्मर पर जले ट्रांसफार्मर का लोड शिफ्ट किया गया है। इस वजह से अघोषित कटौती में इजाफा हो चुका है और काम कर रहे ट्रांसफार्मरों पर भी लोड बढ़ गया है।
सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिन से जारी बारिश के कारण किसी तरह से ग्रिड में काम चलाया जा रहा है। हालांकि अगर गर्मी व उमस आगामी दिनों बढ़ी तो स्थिति बिगड़ सकती है।
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राज्य में बुश बदलने का विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में भोपाल स्थित भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) से संपर्क साधा गया है। वहां से विशेषज्ञ इंजीनियर ग्लेडनी ग्रिड पहुंचकर इस काम को अंजाम देंगे।
गुरजीत सिंह, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, सिस्टम एंड आपरेशन विंग
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रियासत में इतने भारी व उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर के बुश को बदलने की तकनीक न होने के चलते भोपाल से भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) की टीम के पहुंचने का इंतजार है। इस कारण तब तक जुगाड़ से अन्य ट्रांसफार्मर पर जले ट्रांसफार्मर का लोड शिफ्ट किया गया है। इस वजह से अघोषित कटौती में इजाफा हो चुका है और काम कर रहे ट्रांसफार्मरों पर भी लोड बढ़ गया है।
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सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिन से जारी बारिश के कारण किसी तरह से ग्रिड में काम चलाया जा रहा है। हालांकि अगर गर्मी व उमस आगामी दिनों बढ़ी तो स्थिति बिगड़ सकती है।
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राज्य में बुश बदलने का विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में भोपाल स्थित भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) से संपर्क साधा गया है। वहां से विशेषज्ञ इंजीनियर ग्लेडनी ग्रिड पहुंचकर इस काम को अंजाम देंगे।
गुरजीत सिंह, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, सिस्टम एंड आपरेशन विंग