{"_id":"5b03dadb4f1c1be3408b6fcf","slug":"131526979291-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस पहरे को ठेंगा दिखा उतरे हाईवे पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस पहरे को ठेंगा दिखा उतरे हाईवे पर
Updated Tue, 22 May 2018 02:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। जिला विकास बोर्ड (डीडीबी) कठुआ की बैठक में भाग लेने जा रहे पीएचई मंत्री शामलाल चौधरी को काले झंडे दिखाने के लिए पुलिस के पहरे को धता बताकर लोग हाईवे पर उतर आए। उन्होंने मंत्री के वाहन को रोकने की कोशिश की। काले झंडे दिखाते हुए उन्होंने राज्य सरकार मुर्दाबाद और रसाना मामले की सीबीआई जांच के समर्थन में नारेबाजी की। आननफानन में पुलिस ने वाहनों को आगे बढ़ाने के लिए मशक्कत शुरू की। इसी बीच कुछ लोगों ने मंत्री के काफिले में शामिल एक वाहन पर पथराव किया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी मंत्री के काफिले को लोगों ने कठुआ में काले झंडे दिखाए थे।
जिला विकास बोर्ड की बैठक में जा रहे विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों को भी लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। मंत्री का काफिला तो आगे बढ़ गया, लेकिन लोगों ने अन्य वाहनों को रोककर वापस जाने के लिए विवश कर दिया। कुछ वाहनों पर पथराव किए जाने की भी सूचना है। जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य निदेशक सहित कई अन्य अधिकारियों को भी कूटा से विरोध के बीच वाहन वापस कर जाना पड़ा।
एससी/एसटी/ओबीसी सेल के वाइस चेयरमैन रिशपाल वर्मा को भी सीबीआई जांच की मांग कर रहे लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। राज्यमंत्री के काफिले को भी नेश्नल हाईवे और ओल्ड सांबा कठुआ रूट से ले जाने की कोशिश की गई लेकिन दोनों बार आगे बढ़ने में नाकाम रहे। इसके बाद मंत्री का काफिले कंडी गांव के लिंक मार्गों से होता हुआ कठुआ पहुंचा।
विज्ञापन
जिला विकास बोर्ड के चेयरमैन पीएचई मंत्री शामलाल चौधरी के काफिले को शनिवार को ही लगातार दूसरी बार हाईवे छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। पिछले लगभग डेढ़ महीने से धरने पर डटीं आंगनबाड़ी वर्करों ने भी मंत्री को काले झंडे दिखाने की तैयारी की थी। इसके लिए वह काली चुनरी लेकर पहुंचीं थीं। कालीबड़ी के नजदीक आंगनबाड़ी वर्करों के रोष प्रदर्शन को देखते हुए जहां पुलिस पहरा बढ़ा दिया गया, वहीं मंत्री के काफिले को पल्ली नगर रूट से डायवर्ट कर कठुआ जिला मुख्यालय तक पहुंचाया गया। मंत्री के साथ हीरानगर विधायक कुलदीप राज, राज्यमंत्री रिशपाल वर्मा भी इसी रूट से कठुआ पहुंचे।
विज्ञापन
जिला विकास बोर्ड की बैठक में जा रहे विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों को भी लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। मंत्री का काफिला तो आगे बढ़ गया, लेकिन लोगों ने अन्य वाहनों को रोककर वापस जाने के लिए विवश कर दिया। कुछ वाहनों पर पथराव किए जाने की भी सूचना है। जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य निदेशक सहित कई अन्य अधिकारियों को भी कूटा से विरोध के बीच वाहन वापस कर जाना पड़ा।
विज्ञापन
एससी/एसटी/ओबीसी सेल के वाइस चेयरमैन रिशपाल वर्मा को भी सीबीआई जांच की मांग कर रहे लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। राज्यमंत्री के काफिले को भी नेश्नल हाईवे और ओल्ड सांबा कठुआ रूट से ले जाने की कोशिश की गई लेकिन दोनों बार आगे बढ़ने में नाकाम रहे। इसके बाद मंत्री का काफिले कंडी गांव के लिंक मार्गों से होता हुआ कठुआ पहुंचा।
विज्ञापन
जिला विकास बोर्ड के चेयरमैन पीएचई मंत्री शामलाल चौधरी के काफिले को शनिवार को ही लगातार दूसरी बार हाईवे छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। पिछले लगभग डेढ़ महीने से धरने पर डटीं आंगनबाड़ी वर्करों ने भी मंत्री को काले झंडे दिखाने की तैयारी की थी। इसके लिए वह काली चुनरी लेकर पहुंचीं थीं। कालीबड़ी के नजदीक आंगनबाड़ी वर्करों के रोष प्रदर्शन को देखते हुए जहां पुलिस पहरा बढ़ा दिया गया, वहीं मंत्री के काफिले को पल्ली नगर रूट से डायवर्ट कर कठुआ जिला मुख्यालय तक पहुंचाया गया। मंत्री के साथ हीरानगर विधायक कुलदीप राज, राज्यमंत्री रिशपाल वर्मा भी इसी रूट से कठुआ पहुंचे।