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सातवें वेतन आयोग का लाभ सहित अन्य लंबित मांगों में भूख हड़ताल पर बैठे आरईटी शिक्षक की बिगड़ी हालत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 12 Sep 2018 02:29 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सातवें वेतन आयोग का लाभ प्रदान करने व अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग पर उधमपुर और रियासी में आरईटी शिक्षकों की क्रमिक भूख हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। इस दौरान रियासी में एजाज अहमद रिजवी की तबीयत बिगड़ गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उधमपुर में शहीद भगत सिंह पार्क में आरईटी शिक्षकों ने शिक्षा विभाग व सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी तो वह आठ दिन के लिए हड़ताल कर रहे हैं। लेकिन जरूरत पड़ी तो इसे बढ़ाया भी जाएगा। प्रदर्शन के दौरान आरईटी शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा के स्तर को बढ़ाने में आरईटी शिक्षकों की अहम भूमिका रही है। करीब 15 वर्ष पहले दूर दराज ग्रामीण इलाकों में बंद पड़े स्कूलों को खोलने में आरईटी शिक्षकों ने अहम भूमिका निभाई है।
शिक्षा विभाग अन्य शिक्षकों की तरह ही आरईटी शिक्षकों से काम ले रहा है, लेकिन शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित रखा है। आरईटी शिक्षक इस भेदभाव को किसी कीमत पर भी सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर व ज्ञापन सौंप कर कर कई बार अपनी मांगों को सरकार शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने रखा है, लेकिन आज तक समाधान नहीं किया गया। मजबूर होकर अब भूख हड़ताल करनी पड़ रही है। सरकार वेतन डी-लिंक करने की मांग को भी गंभीरता से नहीं ले रही है। वेतन के लिए भी आरईटी शिक्षकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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उधर, रियासी में भूख हड़ताल में जिले की सभी जोन से शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज बुलंद की। शिक्षकों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। भूख हड़ताल के दो दिन बाद भी कोई सुध लेने नहीं पहुंचा है। उधर, मंगलवार को पीडीपी के राज्य सचिव कांवला सिंह पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि रहबर-ए-तालीम शिक्षकों ने आतंकवाद के दौर में भी स्कूलों में शिक्षा प्रदान की। चुनावों में भी अहम भूमिका निभाई है।
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उधमपुर में शहीद भगत सिंह पार्क में आरईटी शिक्षकों ने शिक्षा विभाग व सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी तो वह आठ दिन के लिए हड़ताल कर रहे हैं। लेकिन जरूरत पड़ी तो इसे बढ़ाया भी जाएगा। प्रदर्शन के दौरान आरईटी शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा के स्तर को बढ़ाने में आरईटी शिक्षकों की अहम भूमिका रही है। करीब 15 वर्ष पहले दूर दराज ग्रामीण इलाकों में बंद पड़े स्कूलों को खोलने में आरईटी शिक्षकों ने अहम भूमिका निभाई है।
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शिक्षा विभाग अन्य शिक्षकों की तरह ही आरईटी शिक्षकों से काम ले रहा है, लेकिन शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित रखा है। आरईटी शिक्षक इस भेदभाव को किसी कीमत पर भी सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर व ज्ञापन सौंप कर कर कई बार अपनी मांगों को सरकार शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने रखा है, लेकिन आज तक समाधान नहीं किया गया। मजबूर होकर अब भूख हड़ताल करनी पड़ रही है। सरकार वेतन डी-लिंक करने की मांग को भी गंभीरता से नहीं ले रही है। वेतन के लिए भी आरईटी शिक्षकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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उधर, रियासी में भूख हड़ताल में जिले की सभी जोन से शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज बुलंद की। शिक्षकों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। भूख हड़ताल के दो दिन बाद भी कोई सुध लेने नहीं पहुंचा है। उधर, मंगलवार को पीडीपी के राज्य सचिव कांवला सिंह पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि रहबर-ए-तालीम शिक्षकों ने आतंकवाद के दौर में भी स्कूलों में शिक्षा प्रदान की। चुनावों में भी अहम भूमिका निभाई है।