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मांगों को लेकर ग्रामीण डाक सेवकों का प्रदर्शन
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कठुआ। ग्रामीण डाक सेवकों ने वेतन विसंगतियों के साथ-साथ पेंशन योजना और नियमिती की मांग पूरी नहीं होने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। जिला के मुख्य डाकघर के बाहर मंगलवार को ग्रामीण डाक सेवकों ने धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि जब तक लंबित मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
ऑल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक यूनियन के प्रांतीय सचिव हरी कृष्ण ने कहा कि इसी वर्ष मई में कैबिनेट बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने चंद्रा कमेटी की रिपोर्ट को लागू कर सातवें वेतन आयोग का लाभ देने का आश्वासन दिया था। मगर छह बाद भी स्थिति जस के तस है। ग्रामीण डाक सेवकों को न तो पेंशन के दायरे में लाया गया है और न ही नियमित किया गया है। ऐसे में मामूली वेतन पर ग्रामीण इलाकों में काम भेजा जाता है। जिला के दूरदराज पहाड़ी क्षेत्रों में वह जान जोखिम में डालकर काम करते हैं, लेकिन शहर में कार्यरत डाक सेवकों के मुकाबले बहुत कम वेतन दिया जाता है। सरकार को उनकी मांगों पर गौर करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा।
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ऑल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक यूनियन के प्रांतीय सचिव हरी कृष्ण ने कहा कि इसी वर्ष मई में कैबिनेट बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने चंद्रा कमेटी की रिपोर्ट को लागू कर सातवें वेतन आयोग का लाभ देने का आश्वासन दिया था। मगर छह बाद भी स्थिति जस के तस है। ग्रामीण डाक सेवकों को न तो पेंशन के दायरे में लाया गया है और न ही नियमित किया गया है। ऐसे में मामूली वेतन पर ग्रामीण इलाकों में काम भेजा जाता है। जिला के दूरदराज पहाड़ी क्षेत्रों में वह जान जोखिम में डालकर काम करते हैं, लेकिन शहर में कार्यरत डाक सेवकों के मुकाबले बहुत कम वेतन दिया जाता है। सरकार को उनकी मांगों पर गौर करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा।
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