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हत्या का मामला दर्ज करने को सुंदरबनी में बवाल, सुरक्षाबलों को किया गया तैनात
Updated Sat, 21 Apr 2018 09:52 PM IST
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सुंदरबनी। राजोरी जिले की खवास तहसील के केरी गांव में आपसी मारपीट में वीरवार को एक किशोर की मौत के मामले में हत्या का मामला दर्ज करने को शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ। युवक का पोस्टमार्टम किया जाना था, लेकिन किशोर के परिजनों और अल्पसंख्यक समुदाय के अन्य लोगों ने मामले को हत्या से जोड़ते हुए स्योट चौक को बंद कर यातायात ठप कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद वे यहां से सुंदरबनी पहुंचे और शव सड़क पर रखकर जम्मू-पुंछ राजमार्ग को बंद कर दिया। उन्होंने किशोर की मौत के लिए बहुसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। चार घंटे मार्ग बंद रहने के बाद राजारी के डीसी मौके पर पहुंचे और मृत किशोर के परिवार को 10 लाख रुपये की मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकार नौकरी दिलवाने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। डीसी ने लोगों को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी और खवास पुलिस चौकी इंचार्ज के खिलाफ मामले को दबाने का प्रयास करने की भी जांच करवाई जाएगी।
मृृत किशोर के परिजनों ने आरोप लगाया कि बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने उनके घर में घुसकर किशोर के साथ मारपीट की। इसके कारण ही उसकी मौत हुई है। उन्होंने खवास पुलिस चौकी इंचार्ज पर इस मामले को रफा-दफा करने के लिए किशोर की मौत को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के तहत मामला दर्ज करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस की आरोपियों के साथ मिलीभगत है, इसलिए मजबूर होेकर उन्हें अपने बच्चे के शव के साथ प्रदर्शन करना पड़ा है।
ग्रामीणों द्वारा शव के साथ सुंदरबनी पहुंचकर जम्मू-पुंछ राजमार्ग बंद कर प्रदर्शन करने की सूचना मिलते ही जिला विकास उपायुक्त राजोरी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी तथा एसएसपी राजोरी जुगल मन्हास सुंदरबनी पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन को समाप्त करवाने के लिए लोगों को काफी समझाया, लेकिन लोग आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लेने की मांग पर अड़े हुए थे। प्रदर्शन कर रहे लोग किशोर के परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग भी मांग भी कर रहे थे। आखिरकार डीसी ने लोगों को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही खवास पुलिस चौकी इंचार्ज के खिलाफ मामले को दबाने का प्रयास करने की भी जांच करवाई जाएगी। डीसी ने मृृत किशोर के परिवार को दस लाख रुपये तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन देकर प्रदर्शन को समाप्त करवाया। इसके बाद किशोर के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के हवाले कर दिया गया।
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गौरतलब है कि खवास पुलिस चौकी के अंतर्गत पड़ने वाले केरी गांव में वीरवार को एक किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। किशोर के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम होना था, लेकिन अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने बवाल कर दिया, जिसके बाद डीसी ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करवाया।
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मृृत किशोर के परिजनों ने आरोप लगाया कि बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने उनके घर में घुसकर किशोर के साथ मारपीट की। इसके कारण ही उसकी मौत हुई है। उन्होंने खवास पुलिस चौकी इंचार्ज पर इस मामले को रफा-दफा करने के लिए किशोर की मौत को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के तहत मामला दर्ज करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस की आरोपियों के साथ मिलीभगत है, इसलिए मजबूर होेकर उन्हें अपने बच्चे के शव के साथ प्रदर्शन करना पड़ा है।
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ग्रामीणों द्वारा शव के साथ सुंदरबनी पहुंचकर जम्मू-पुंछ राजमार्ग बंद कर प्रदर्शन करने की सूचना मिलते ही जिला विकास उपायुक्त राजोरी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी तथा एसएसपी राजोरी जुगल मन्हास सुंदरबनी पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन को समाप्त करवाने के लिए लोगों को काफी समझाया, लेकिन लोग आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लेने की मांग पर अड़े हुए थे। प्रदर्शन कर रहे लोग किशोर के परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग भी मांग भी कर रहे थे। आखिरकार डीसी ने लोगों को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही खवास पुलिस चौकी इंचार्ज के खिलाफ मामले को दबाने का प्रयास करने की भी जांच करवाई जाएगी। डीसी ने मृृत किशोर के परिवार को दस लाख रुपये तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन देकर प्रदर्शन को समाप्त करवाया। इसके बाद किशोर के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के हवाले कर दिया गया।
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गौरतलब है कि खवास पुलिस चौकी के अंतर्गत पड़ने वाले केरी गांव में वीरवार को एक किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। किशोर के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम होना था, लेकिन अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने बवाल कर दिया, जिसके बाद डीसी ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करवाया।