{"_id":"5a6f70e04f1c1b7b268b71b0","slug":"11517252832-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सैन्य कर्मियों पर मामला दर्ज करने के विरोध में प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सैन्य कर्मियों पर मामला दर्ज करने के विरोध में प्रदर्शन
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हीरानगर। कश्मीर में सैन्य जवानों पर मामला दर्ज करने के आदेश के विरोध में सोमवार को चड़वाल में मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि महबूबा मुफ्ती पाक प्रायोजित आतंकियों का समर्थन कर रही हैं।
प्रदर्शन में हिंदू एकता मंच के युवा नेता अजय भारती, कांग्रेस के युवा नेता निशिकांत खजूरिया व रोमी शर्मा ने कहा कि कश्मीर में हमारे जवानों पर पत्थर बरसाने वालों पर मुख्यमंत्री पहले भी रहम दिखा चुकी हैं और अब हमारे जवानों पर मामले दर्ज करा कर उनका हौसला बढ़ाने का काम कर रही हैं। पत्थरबाजों से निपटने के लिए सेना को हर उचित कार्रवाई करने की शक्ति मिलनी चाहिए, लेकिन सरकार की नीति के कारण जवानों को कानूनी कार्रवाई और पत्थर दोनाें झेलने पड़ रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि इस सरकार ने पहले भी कई पत्थरबाजों को रिहा किया था लेकिन नतीजा यह हुआ कि फिर से वे इसी काम में लग गए। ऐसे लोगों को सरकार ने नौकरियां देने की बात कही, बैंकों में उनकी एफडी कराई। सरकार की इस तरह की नीति शांति से रहने वाले लोगों को उकसाने का काम कर रही है और जम्मू के युवाओं को भी पत्थर पकड़ने पर मजबूर कर रही है।
उन्होने कहा कि अगर जम्मू के लोगों ने पत्थर उठाए तो यह पत्थर सुरक्षा बलों पर नहीं चलेंगे बल्कि सरकार में बैठे नुमाइंदों पर चलेंगे। सरकार में हिस्सेदार जम्मू के नुमाइंदों की खामोशी हमारे लोगों के लिए बेहद घातक है जो चुपचाप हमारे जवानों का अपमान सहन कर रहे हैं। इन्हें सबक सिखाना अब बेहद जरूरी हो गया। प्रदर्शन में मदन लाल, जोगिन्द्र पाल, रिंकु कुमार, मोहित शर्मा, ंअजय सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शन में हिंदू एकता मंच के युवा नेता अजय भारती, कांग्रेस के युवा नेता निशिकांत खजूरिया व रोमी शर्मा ने कहा कि कश्मीर में हमारे जवानों पर पत्थर बरसाने वालों पर मुख्यमंत्री पहले भी रहम दिखा चुकी हैं और अब हमारे जवानों पर मामले दर्ज करा कर उनका हौसला बढ़ाने का काम कर रही हैं। पत्थरबाजों से निपटने के लिए सेना को हर उचित कार्रवाई करने की शक्ति मिलनी चाहिए, लेकिन सरकार की नीति के कारण जवानों को कानूनी कार्रवाई और पत्थर दोनाें झेलने पड़ रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि इस सरकार ने पहले भी कई पत्थरबाजों को रिहा किया था लेकिन नतीजा यह हुआ कि फिर से वे इसी काम में लग गए। ऐसे लोगों को सरकार ने नौकरियां देने की बात कही, बैंकों में उनकी एफडी कराई। सरकार की इस तरह की नीति शांति से रहने वाले लोगों को उकसाने का काम कर रही है और जम्मू के युवाओं को भी पत्थर पकड़ने पर मजबूर कर रही है।
विज्ञापन
उन्होने कहा कि अगर जम्मू के लोगों ने पत्थर उठाए तो यह पत्थर सुरक्षा बलों पर नहीं चलेंगे बल्कि सरकार में बैठे नुमाइंदों पर चलेंगे। सरकार में हिस्सेदार जम्मू के नुमाइंदों की खामोशी हमारे लोगों के लिए बेहद घातक है जो चुपचाप हमारे जवानों का अपमान सहन कर रहे हैं। इन्हें सबक सिखाना अब बेहद जरूरी हो गया। प्रदर्शन में मदन लाल, जोगिन्द्र पाल, रिंकु कुमार, मोहित शर्मा, ंअजय सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन