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Jammu News: हिंदू मंदिर परिसर में मिले 11 प्राचीन शिवलिंग और खंडित मूर्तियां
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दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग ज़िले के ऐशमुकाम के सालिया इलाके में करकूट नाग में एक झरने के जीर्णोद्धार के दौरान 11 शिवलिंगों सहित प्राचीन मूर्तियां खोज निकाली हैं। यह खोज झरने के एक हिस्से की सफाई के दौरान हुई।
हाल के महीनों में जब पानी का स्तर कम हुआ, तो मज़दूरों को झरने के अंदर एक छोटे से डिब्बे जैसी पत्थर की संरचना मिली, जहां मूर्तियां रखी हुई थीं और पानी के नीचे संरक्षित थीं। बरामद कुछ शिवलिंग क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। मूर्ति में कई देवी-देवताओं की आकृतियां अंकित हैं। माना जा रहा है कि यह मूर्ति एक प्राचीन मंदिर के स्तंभ का हिस्सा रही होगी, जो कभी यहां स्थापित था।
मौके पर जम्मू-कश्मीर सरकार के अभिलेखागार, पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के विशेषज्ञ भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि इन शिलाओं पर अंकित हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियों का अध्ययन और शोध करना आवश्यक है, ताकि इनके सटीक काल और उत्पत्ति का निर्धारण किया जा सके।
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करकूट नाग कुंड हिंदुओं, विशेषकर कश्मीरी पंडितों के लिए गहरी धार्मिक आस्था का केंद्र है। उनका मानना है कि इसका संबंध प्राचीन कश्मीरी परंपराओं में पूजित नाग देवता करकूट से है। करकूट को भगवान शिव और विष्णु के द्वैत स्वरूप के रूप में भी पूजा जाता है, जिनकी यहां सदियों से आराधना होती आ रही है।
इस दौरान करकूट नाग ट्रस्ट के सदस्य भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि करकूट नाग हिंदुओं का प्राचीन तीर्थस्थल है, जहां लोग ध्यान और पूजा के लिए आते रहे हैं। सरकार ने इस स्थल के विकास कार्य को हाथ में ले रखा है, यहां एक मंदिर का निर्माण कर इसके प्राचीन वैभव को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है।
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हाल के महीनों में जब पानी का स्तर कम हुआ, तो मज़दूरों को झरने के अंदर एक छोटे से डिब्बे जैसी पत्थर की संरचना मिली, जहां मूर्तियां रखी हुई थीं और पानी के नीचे संरक्षित थीं। बरामद कुछ शिवलिंग क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। मूर्ति में कई देवी-देवताओं की आकृतियां अंकित हैं। माना जा रहा है कि यह मूर्ति एक प्राचीन मंदिर के स्तंभ का हिस्सा रही होगी, जो कभी यहां स्थापित था।
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मौके पर जम्मू-कश्मीर सरकार के अभिलेखागार, पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के विशेषज्ञ भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि इन शिलाओं पर अंकित हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियों का अध्ययन और शोध करना आवश्यक है, ताकि इनके सटीक काल और उत्पत्ति का निर्धारण किया जा सके।
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करकूट नाग कुंड हिंदुओं, विशेषकर कश्मीरी पंडितों के लिए गहरी धार्मिक आस्था का केंद्र है। उनका मानना है कि इसका संबंध प्राचीन कश्मीरी परंपराओं में पूजित नाग देवता करकूट से है। करकूट को भगवान शिव और विष्णु के द्वैत स्वरूप के रूप में भी पूजा जाता है, जिनकी यहां सदियों से आराधना होती आ रही है।
इस दौरान करकूट नाग ट्रस्ट के सदस्य भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि करकूट नाग हिंदुओं का प्राचीन तीर्थस्थल है, जहां लोग ध्यान और पूजा के लिए आते रहे हैं। सरकार ने इस स्थल के विकास कार्य को हाथ में ले रखा है, यहां एक मंदिर का निर्माण कर इसके प्राचीन वैभव को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है।