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फर्जी पैरामेडिकल डिग्रियों पर नकेल कसेगी
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जम्मू। रियासत में फर्जी और जाली पैरा मेडिकल डिग्रियों और डिप्लोमा पर नकेल कसी जाएगी। देश के विभिन्न हिस्सों के पैरामेडिकल संस्थानों से लाई जाने वाली पैरामेडिकल डिग्रियां और डिप्लोमा की जांच की जाएगी। इन डिग्री और डिप्लोमा धारकों को अब जेएंडके स्टेट पैरा मेडिकल/नर्सिंग काउंसिल से पंजीकृत होना पड़ेगा। इस प्रक्रिया में ऐसी सभी डिग्रियों को संबंधित राज्यों में भेजकर जांच करवाई जाएगी। जिसमें देखा जाएगा कि वे मान्यता प्राप्त पैरा मेडिकल संस्थानों से हैं या नहीं। ऐसा न होने पर डिग्री और डिप्लोमा धारकों को राज्य में पैरा मेडिकल नौकरी पाने का अधिकार नहीं होगा।
सूत्रों के अनुसार ऐसी शिकायतें मिली हैं कि बड़ी संख्या में लोगों ने देश के अन्य हिस्सों से गैर मान्यता प्राप्त पैरा मेडिकल संस्थानों से डिग्रियां और डिप्लोमा लाए हैं। जबकि आधिकारिक तौर पर ये डिग्रियां और डिप्लोमा सही नहीं होते हैं। काउंसिल की हुई एक बैठक में फैसला लिया गया कि ऐसी सभी डिग्रियों और डिप्लोमा को काउंसिल के अधीन पंजीकृत किया जाएगा। इसमें पूर्व और मौजूदा डिग्री और डिप्लोमा धारक दोनों शामिल होंगे। इसमें पंजीकरण फीस 700 रुपये और वेरिफिकेशन फीस 500 रुपये रखी गई है। पंजीकृत उम्मीदवार ही पैरा मेडिकल के क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसमें काउंसिल के जीएमसी जम्मू और श्रीनगर मेडिकल कालेज के कार्यालयों में पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के दौरान देने वाले दस्तावेजों में पंजीकरण आवेदन, मान्यता प्राप्त संस्थान का प्रमाणपत्र, सभी डिप्लोमा, डिग्री प्रमाणपत्र आदि शामिल हैं। काउंसिल के रजिस्ट्रार डा संदीप सिंह ने कहा कि डिग्रियां और डिप्लोमा की वेरिफिकेशन शुरू की जा रही है।
डिग्रियों, डिप्लोमा में पारदर्शिता आएगी-कंट्रोलर
जेएंडके स्टेट पैरा मेडिकल/नर्सिंग काउंसिल के कंट्रोलर प्रो. (डा.) एएस भाटिया के अनुसार वेरिफिकेशन प्रक्रिया से दूसरे राज्यों से आने वाली पैरा मेडिकल डिग्रियों और डिप्लोमा की जांच में पारदर्शिता आएगी। इसमें गैर मान्यता प्राप्त पैरा मेडिकल संस्थानों की डिग्रियां और डिप्लोमा पकड़ में आएंगे।
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सूत्रों के अनुसार ऐसी शिकायतें मिली हैं कि बड़ी संख्या में लोगों ने देश के अन्य हिस्सों से गैर मान्यता प्राप्त पैरा मेडिकल संस्थानों से डिग्रियां और डिप्लोमा लाए हैं। जबकि आधिकारिक तौर पर ये डिग्रियां और डिप्लोमा सही नहीं होते हैं। काउंसिल की हुई एक बैठक में फैसला लिया गया कि ऐसी सभी डिग्रियों और डिप्लोमा को काउंसिल के अधीन पंजीकृत किया जाएगा। इसमें पूर्व और मौजूदा डिग्री और डिप्लोमा धारक दोनों शामिल होंगे। इसमें पंजीकरण फीस 700 रुपये और वेरिफिकेशन फीस 500 रुपये रखी गई है। पंजीकृत उम्मीदवार ही पैरा मेडिकल के क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसमें काउंसिल के जीएमसी जम्मू और श्रीनगर मेडिकल कालेज के कार्यालयों में पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के दौरान देने वाले दस्तावेजों में पंजीकरण आवेदन, मान्यता प्राप्त संस्थान का प्रमाणपत्र, सभी डिप्लोमा, डिग्री प्रमाणपत्र आदि शामिल हैं। काउंसिल के रजिस्ट्रार डा संदीप सिंह ने कहा कि डिग्रियां और डिप्लोमा की वेरिफिकेशन शुरू की जा रही है।
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डिग्रियों, डिप्लोमा में पारदर्शिता आएगी-कंट्रोलर
जेएंडके स्टेट पैरा मेडिकल/नर्सिंग काउंसिल के कंट्रोलर प्रो. (डा.) एएस भाटिया के अनुसार वेरिफिकेशन प्रक्रिया से दूसरे राज्यों से आने वाली पैरा मेडिकल डिग्रियों और डिप्लोमा की जांच में पारदर्शिता आएगी। इसमें गैर मान्यता प्राप्त पैरा मेडिकल संस्थानों की डिग्रियां और डिप्लोमा पकड़ में आएंगे।
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