कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए घाटी में 100 एकड़ जमीन चिन्हित
जम्मू-कश्मीर सरकार ने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए घाटी में आठ जगहों पर 100 एकड़ जमीन की पहचान की है। नब्बे के दशक में आतंकवाद के पैर पसारने के बाद ये कश्मीरी पंडित राज्य से अन्य जगहों पर पलायन कर गए थे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि इन कश्मीरी पंडितों को घाटी के सभी 10 जिलों में फिर से बसाए जाने की संभावना है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राज्य से पलायन कर चुके 62,000 कश्मीरी पंडित परिवार सरकार के पास पंजीकृत हैं। इनमें से 40,000 जम्मू में, 20,000 राष्ट्रीय राजधानी में और बाकी 2,000 देश के अन्य हिस्सों में पंजीकृत हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद राजग सरकार ने 19 जनवरी, 1990 से घाटी से पलायन कर गए कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इनके पुनर्वास के मुद्दे को उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पत्र लिखकर भूमि की पहचान करने को कहा था।
केंद्र ने दिए कश्मीरी पंडितों के लिए निर्धारित रिक्तियों को भरने के निर्देश
केंद्र ने राज्य सरकार से कश्मीरी पंडितों के लिए निर्धारित रिक्तियों को भरने को भी कहा है। सूत्रों ने कहा कि 6,000 नौकरियों में से 1700 रिक्त पद पहले ही भरे जा चुके हैं और बाकी 4300 के लिए चयन प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया कि कश्मीरी पंडितों के लिए 6000 ट्रांजिट आवास की केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। इसके लिए 723 कनाल 3 मरला भूमि चिह्नित की गई है। इस पर 374.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
साथ ही कश्मीरी पंडित युवाओं के लिए 3000 अतिरिक्त पद सृजित करने का भी प्रस्ताव है। जम्मू में 37,347 हिंदू, 2,252 मुस्लिम, 1,758 सिख विस्थापितों का पंजीकरण है। 1997 में कुल 29074, 2002 में 34216 और 2008 में 37398 विस्थापित जम्मू में पंजीकृत थे।
जम्मू संभाग में 41642 कश्मीरी विस्थापित
जम्मू संभाग में 41642 कश्मीरी विस्थापित तथा 1054 जम्मू विस्थापित परिवार रह रहे हैं। इन्हें वर्ष 2016-17 में 30 नवंबर तक 12265.54 लाख रुपये की नकद सहायता दी गई। इसके साथ ही 2378.56 लाख रुपये का मुफ्त राशन दिया गया है। जम्मू के विस्थापितों के लिए 91.96 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है ताकि इनके पुनर्वास पैकेज को मंजूरी मिल सके।
विधानसभा में भाजपा विधायक राजेश गुप्ता के प्रश्न के लिखित जवाब में आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास मंत्री सैयद बशारत बुखारी की ओर से बताया गया कि 18589 कश्मीरी विस्थापित परिवारों को नकद सहायता तथा मुफ्त राशन की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।
2500 रुपये प्रति व्यक्ति और अधिकतम 10 हजार प्रति परिवार को सहायता दी जाती है। इसके साथ ही नौ किलो चावल, दो किलो आटा तथा एक किलो चीनी प्रति परिवार दी जा रही है। 1054 जम्मू विस्थापितों को भी कश्मीरी पंडितों की तरह मुफ्त राशन और 10 लीटर केरोसिन तेल दिया जा रहा है।