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'आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब देने को सेना तैयार'

Fri, 25 Jul 2014 07:03 PM IST
Updated Fri, 25 Jul 2014 07:03 PM IST
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general bikram singh pays homage kargil war heroes

कारगिल में आपरेशन विजय की सफलता के पंद्रह साल पूरे हो गए हैं। 15वें शहीद दिवस पर सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने द्रास में बने वार मेमोरियल में कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

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इस मौके पर उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सीमा पर भारतीय सेना के जवान उनकी हिफाजत कर रहे हैं और वह देश की आन बान और शान की खातिर कुछ भी करेंगे।
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उन्होंने कहा, देश की आर्मी संसाधनों की कमी से जूझ रही है लेकिन वर्तमान सरकार हमारी जरूरतें पूरी करने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा, हमारी आर्मी किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से हो रही गोलीबारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ऐसी घटनाएं लगातार हो रहीं हैं लेकिन हमारे जवान सीमा पर डटकर मुकाबला कर रहे हैं और आतंकियों को उनके मनसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे। युद्ध स्तंभ द्रास में 25 और 26 जुलाई को आपरेशन विजय दिवस मनाया जाता है।

जून 1999 में हुआ था कारगिल युद्ध

general bikram singh pays homage kargil war heroes

वर्ष 1999 के जून में कारगिल में तब युद्ध शुरू हुआ था, जब पाकिस्तानी सेना के जवान वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार कर भारतीय सीमा में घुस आए थे।

कई भारतीय चौकियों पर कब्जा जमा लिया था। इन चौकियों को सर्दी में सेना खाली कर देती है, जिन पर कब्जा किया गया था।

भारतीय जवानों ने पाक सैनिकों से लोहा लिया और अपनी चौकियां वापस हासिल की। सैकड़ों जवान इस युद्ध में शहीद हो गए।

महत्वपूर्ण है वापस हासिल की गई चौकियां

general bikram singh pays homage kargil war heroes

खालुबर दर्रा रणनीतिक तरीके से काफी महत्वपूर्ण था, जिसे पाकिस्तानी सैनिकों ने कब्जा कर लिया था। इस पर कब्जे से वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगते क्षेत्रों की सप्लाई लाइन रुक गई थी।

सेना ने सिंधु नदी से उत्तरी सब सेक्टर से मुंथो दालो खालुबर के उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र से हमला शुरू किया। दुश्मन सेना की भारी संख्या इस जगह पर मौजूद थी और सेना ने इस पर कब्जा कर पाक सेना की सप्लाई लाइन को रोक दिया।

क्षेत्र के उत्तरी क्षेत्र से लद्दाख स्काउट्स ने प्वाइंट 5000, स्तंगा और पद्मा गो पर कब्जा कर लिया।

29-30 जून को शुरू हुआ थ‌ा हमला

general bikram singh pays homage kargil war heroes

सेंटर से 22 ग्रेनेडियर ने प्वाइंट 5287 और बरइ में गोरखा और जेकेलाई ने प्वाइंट 4812 पर कब्जा जमाया।

हमला 29-30 जून को शुरू किया। इस हमले में लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे ने दुश्मन के सभी बंकर उड़ा दिए और वह शहीद हो गए।

दुश्मन जवानों ने गोरखा ने खुखरी से दो दो हाथ भी किए और 6 जुलाई को खालूबर को दुश्मनों से मुक्त करा लिया गया।

इसके बाद एक एक कर सभी चौकियों को वापस कब्जा जमाया।

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