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Udhampur News: पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 120 किलोमीटर तक बिछेगा सड़कों का जाल, 200 करोड़ होंगे खर्च
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उधमपुर। विधानसभा क्षेत्र उधमपुर पश्चिम में 120 किलोमीटर तक सड़कों का जाल बिछेगा। करीब 199.49 करोड़ रुपये से ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) फेज-4 के तहत 13 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इससे दूरदराज क्षेत्रों की लगभग 10 हजार से अधिक आबादी के लिए आधुनिक सड़क सुविधा सुनिश्चित होगी।
विभाग के मुताबिक परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गांव मुख्य मार्गों से सीधे जुड़ेंगे जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार तक पहुंच आसान होगी। स्थानीय लोग बाजारों और अन्य जरूरी केंद्रों तक आसानी से पहुंच सकेंगे और परिवहन लागत में भी कमी आएगी। बेहतर सड़क नेटवर्क क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा और पर्यटन में सुधार लाएगा जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
ग्रामीणों में उत्साह
इस पहल को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह है। उनका कहना है कि सड़क परियोजनाओं का सबसे बड़ा प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जिनके गांव आजादी के बाद पहली बार सड़क संपर्क से जुड़ने जा रहे हैं। संदूर सिंह, शमशेर सिंह, रामलाल, बिशन दास व अन्य ग्रामीणों का कहना है कि दशकों से पैदल यात्रा और कठिन रास्तों पर निर्भर रहने के बाद अब जीवन में बदलाव की उम्मीद जगी है। सड़क बनने के बाद बच्चों का स्कूल जाना आसान होगा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच संभव होगी और बाजार व सरकारी सुविधाएं उनके पास आएंगी।
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गंभीर चुनौतियों से मिलेगी राहत
कृष्ण चंद, रसीला राम, मनी राम, नरेश पाल व अन्य बुजुर्गों ने बताया कि उनकी पीढ़ी ने संघर्ष किया और अब गांव मुख्य सड़क नेटवर्क से जुड़ने जा रहे हैं जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उनका कहना है कि यह परियोजना जीवन को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ बदल देगी। सड़क संपर्क नहीं होने के कारण आवाजाही को लेकर दुश्वारियों का सामना करना पड़ता था। बच्चों को कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल तक जाना पड़ता थी। मरीज को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था। किसानों की उपज को सीधे बाजार तक ले जाना संभव नहीं था। खासकर बरसात के दौरान समस्याएं गंभीर चुनौती पैदा करती थीं।
स्वीकृत सड़कें
-मालती से गोधनू रोड
लागत: 38.72 करोड़
-मालती से चौड़ चनौंड तक गालियोत रोड
लागत: 24.49 करोड़
-मालती से करथेल तक गालियोत रोड
लागत: 18.55 करोड़
-कैंथगली से बरियोत रोड, शेरगली वाया दब्काबाग
लागत: 23.42 करोड़
-मौंगरी से अजल
लागत: 14.56 करोड़
-कैंथगली से बरियोत, गुनसार
लागत 9.5 करोड़
-मानसर सोरप से अपर सोराप रोड
लागत: 24.29 करोड़
-पंगारा जागीर, सारोडा त्रिंबली लेड
लागत: 14.25 करोड़
-हिम्ब्रा ब्रिज अप्रोच रोड, नम्बल
लागत: 16.79 करोड़
-गंडाला-बाली रोड
लागत 7.6 करोड़
-डबरेह क्रेड से लांसी
लागत : 3. 27 करोड़
-डबरेह चक से जाड़
लागत 3.40 करोड़
-जिब थाथी से पट्टा कोटली
लागत 4.32 करोड़
परियोजना के पूरा होने से दूरदराज के ऐसे इलाकों को सड़क संपर्क की सीधी सुविधा मिलने जा रही है जो अब तक वंचित माने जाते हैं। गांव-गांव तक विकास पहुंचाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है और यह उसी सपने की सफल उड़ान है। 199.49 करोड़ के निवेश से उधमपुर पश्चिम में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार सभी क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
- पवन कुमार गुप्ता, विधायक
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विभाग के मुताबिक परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गांव मुख्य मार्गों से सीधे जुड़ेंगे जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार तक पहुंच आसान होगी। स्थानीय लोग बाजारों और अन्य जरूरी केंद्रों तक आसानी से पहुंच सकेंगे और परिवहन लागत में भी कमी आएगी। बेहतर सड़क नेटवर्क क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा और पर्यटन में सुधार लाएगा जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
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ग्रामीणों में उत्साह
इस पहल को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह है। उनका कहना है कि सड़क परियोजनाओं का सबसे बड़ा प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जिनके गांव आजादी के बाद पहली बार सड़क संपर्क से जुड़ने जा रहे हैं। संदूर सिंह, शमशेर सिंह, रामलाल, बिशन दास व अन्य ग्रामीणों का कहना है कि दशकों से पैदल यात्रा और कठिन रास्तों पर निर्भर रहने के बाद अब जीवन में बदलाव की उम्मीद जगी है। सड़क बनने के बाद बच्चों का स्कूल जाना आसान होगा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच संभव होगी और बाजार व सरकारी सुविधाएं उनके पास आएंगी।
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गंभीर चुनौतियों से मिलेगी राहत
कृष्ण चंद, रसीला राम, मनी राम, नरेश पाल व अन्य बुजुर्गों ने बताया कि उनकी पीढ़ी ने संघर्ष किया और अब गांव मुख्य सड़क नेटवर्क से जुड़ने जा रहे हैं जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उनका कहना है कि यह परियोजना जीवन को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ बदल देगी। सड़क संपर्क नहीं होने के कारण आवाजाही को लेकर दुश्वारियों का सामना करना पड़ता था। बच्चों को कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल तक जाना पड़ता थी। मरीज को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था। किसानों की उपज को सीधे बाजार तक ले जाना संभव नहीं था। खासकर बरसात के दौरान समस्याएं गंभीर चुनौती पैदा करती थीं।
स्वीकृत सड़कें
-मालती से गोधनू रोड
लागत: 38.72 करोड़
-मालती से चौड़ चनौंड तक गालियोत रोड
लागत: 24.49 करोड़
-मालती से करथेल तक गालियोत रोड
लागत: 18.55 करोड़
-कैंथगली से बरियोत रोड, शेरगली वाया दब्काबाग
लागत: 23.42 करोड़
-मौंगरी से अजल
लागत: 14.56 करोड़
-कैंथगली से बरियोत, गुनसार
लागत 9.5 करोड़
-मानसर सोरप से अपर सोराप रोड
लागत: 24.29 करोड़
-पंगारा जागीर, सारोडा त्रिंबली लेड
लागत: 14.25 करोड़
-हिम्ब्रा ब्रिज अप्रोच रोड, नम्बल
लागत: 16.79 करोड़
-गंडाला-बाली रोड
लागत 7.6 करोड़
-डबरेह क्रेड से लांसी
लागत : 3. 27 करोड़
-डबरेह चक से जाड़
लागत 3.40 करोड़
-जिब थाथी से पट्टा कोटली
लागत 4.32 करोड़
परियोजना के पूरा होने से दूरदराज के ऐसे इलाकों को सड़क संपर्क की सीधी सुविधा मिलने जा रही है जो अब तक वंचित माने जाते हैं। गांव-गांव तक विकास पहुंचाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है और यह उसी सपने की सफल उड़ान है। 199.49 करोड़ के निवेश से उधमपुर पश्चिम में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार सभी क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
- पवन कुमार गुप्ता, विधायक