{"_id":"6abacdfa9a423f334b004c94","slug":"jammu-kashmir-news-udhampur-news-c-202-1-udh1011-141126-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: हादसे के बाद लाइसेंस रद्द करने के विरोध में चालकों का प्रदर्शन, जांच के बाद कार्रवाई की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: हादसे के बाद लाइसेंस रद्द करने के विरोध में चालकों का प्रदर्शन, जांच के बाद कार्रवाई की मांग
विज्ञापन
ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने पर प्रदर्शन करते हुए बस चालक।
- फोटो : udhampur news
उधमपुर। हाल ही में धार रोड स्थित एमएच मोड़ के पास हुए सड़क हादसे के बाद बस चालक का लाइसेंस रद्द किए जाने के विरोध में सोमवार को चालकों ने शहर के मुख्य बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि किसी भी सड़क हादसे के बाद चालक के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। बस स्टैंड पर एकत्र हुए ड्राइवरों का नेतृत्व कर रहे कुलवीर सिंह व अन्य चालकों ने कहा कि हादसे में हुई महिला की मौत का उन्हें भी गहरा दुख है। उन्होंने कहा कि कोई भी चालक जानबूझकर दुर्घटना नहीं करता। किसी भी हादसे की जांच के दौरान दोनों पक्षों की परिस्थितियों को निष्पक्ष रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
चालकों ने दावा किया कि संबंधित हादसे में महिला के गलत दिशा से आने की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होना चाहिए कि हादसे के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार थी। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार मामला दर्ज होने के बाद अदालत सबूतों के आधार पर दोष और सजा तय करती है। ऐसे में पुलिस जांच व अदालती प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही एआरटीओ स्तर पर लाइसेंस रद्द कर देने से चालक और उसके परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
चालकों ने स्पष्ट किया कि कई परिवारों का गुजारा केवल चालक की दैनिक कमाई पर ही निर्भर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना निष्पक्ष जांच के चालकों के लाइसेंस रद्द करने की एकतरफा कार्रवाई जारी रही तो सभी चालक गाड़ियां खड़ी कर काम बंद करने के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
चालकों ने दावा किया कि संबंधित हादसे में महिला के गलत दिशा से आने की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होना चाहिए कि हादसे के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार थी। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार मामला दर्ज होने के बाद अदालत सबूतों के आधार पर दोष और सजा तय करती है। ऐसे में पुलिस जांच व अदालती प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही एआरटीओ स्तर पर लाइसेंस रद्द कर देने से चालक और उसके परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
चालकों ने स्पष्ट किया कि कई परिवारों का गुजारा केवल चालक की दैनिक कमाई पर ही निर्भर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना निष्पक्ष जांच के चालकों के लाइसेंस रद्द करने की एकतरफा कार्रवाई जारी रही तो सभी चालक गाड़ियां खड़ी कर काम बंद करने के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन