उधमपुर। जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर बिरमा इलाके में बिरमा नाले का जलस्तर बढ़ने पर दो बच्चियां बह गई हैं। दिनभर पुलिस व एसडीआरएफ के गोताखारों ने बच्चियों तलाश की लेकिन पता नहीं चल सका। शाम के समय सेना के गोताखोर बुलाए गए। नाले में बहने वाली बच्चियां बिरमा नाले के किनारे पर अपने परिवार के साथ झुग्गियों में रहती थीं।
वीरवार शाम करीब पांच बजे तीन बच्चियां शौच के लिए नाले की तरफ निकली। जब बच्चियां नाले में गई तो नाले का जल स्तर सामान्य था, लेकिन अचानक ही नाले का जलस्तर बढ़ गया। बच्चियों ने जब अचानक नाले में जलस्तर बढ़ता देखा तो तीनों किनारे की तरफ भागी। उस समय किनारे पर कुछ लोग मौजूद थे। वह भी बच्चियों को बचाने के लिए भागे। लोगों ने एक बच्ची का हाथ पकड़ निकाल दिया, लेकिन चार वर्ष की प्रीति व पांच वर्ष की ज्योति तेज बहाव में बह गई। मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और बच्चियों की तलाश शुरू कर दी। अंधेरा होने के बाद तलाश ज्यादा देर तक नहीं की जा सकी। शुक्रवार सुबह पुलिस व एसडीआरएफ के गोताखोरों ने बच्चियों की तलाश शुरू की। सुबह से शाम तक मशक्कत करने के बाद गोताखोरों को बच्चियों के बारे कुछ पता नहीं चल सका। शाम के समय प्रशासन ने बच्चियों की तलाश के लिए सेना से मदद मांगी। कुछ समय के बाद सेना के गोताखोर भी पहुंच गए, लेकिन घंटों मशक्कत करने के बाद सेना के गोताखोर भी बच्चियों के बारे में कुछ पता नहीं लगा सके हैं। पुलिस को जांच के दौरान पता है कि दोनो बच्चियां मूल रूप से जालंधर की रहने वाली हैं और अपने माता पिता के साथ उधमपुर के बिरमा नाले के किनारे पर बनाई गई झुग्गियों में रह रही थी। दोनों के माता पिता उधमपुर में मजदूरी का काम करते हैं।