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Udhampur News: मौसम का असर.... चिनैनी, किश्तवाड़ और रियासी में स्कूल बंद, 12 घंटे बाद खुला हाईवे, ऊंची चोटियां बर्फ से ढकी
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उधमपुर/चिनैनी/रियासी/किश्तवाड़/रामनगर। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में कुदरत के बदले मिजाज ने पहाड़ी क्षेत्रों को कड़ाके की ठंड के आगोश में ले लिया है। हिमपात और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है। जम्मू संभाग के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई संपर्क मार्ग बंद रहे। इसी बीच प्रशासन ने चिनैनी, किश्तवाड़ व रियासी के कई जोन में स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
खराब मौसम का सबसे बुरा असर यातायात पर पड़ा है। रामबन के बनिहाल, चंद्रकोट और खूनी नाला के पास पहाड़ियों से पत्थर गिरने और भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 12 घंटे तक बंद रहा। उधमपुर के जखैनी चौक पर सैकड़ों वाहनों को रोक दिया गया जिससे कश्मीर जाने वाले पर्यटकों को असुविधा हुई। पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र से आए पर्यटकों ने बताया कि वे घंटों से रास्ते खुलने का इंतजार कर रहे हैं। शाम 6 बजे के मलबा हटाने के बाद छोटे वाहनों को घाटी की ओर रवाना किया गया। पौने घंटे बाद भारी वाहनों को भेजा गया।
रामनगर-बसंतगढ़ मार्ग भी प्रभावित रहा। मजोडी और छतराडी के पास भारी मलबा आने से हाईवे नौ घंटे तक बंद रहा। लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी मशीनों की मदद से शाम चार बजे के करीब यातायात बहाल किया। विभाग के अधिकारी शम्मी गुप्ता ने बताया कि बारिश के दौरान विभाग की टीमें हाई अलर्ट पर हैं।
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चिनैनी में रात से सुबह तक हुआ हिमपात
चिनैनी के ऊंचाई वाले इलाकों में मंगलवार रात से शुरू हुआ हिमपात सुबह भी जारी रहा। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नत्थाटॉप ताजा बर्फबारी से सफेद चादर में लिपट गया। जुगधार, देराटॉप, शिवगढ़ धार और सियोजधार की चोटियों पर भी भारी हिमपात हुआ है। बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से आए सैलानी इस नजारे को देखकर गदगद नजर आए। हालांकि पहाड़ों पर घने कोहरे और धुंध के कारण दृश्यता काफी कम रही। अचानक ठंड बढ़ने से स्थानीय लोग गर्म कपड़ों और आग का सहारा लेने को मजबूर हुए।
नए शैक्षणिक सत्र के कई दिन मौसम की भेंट चढ़े
छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। चिनैनी शिक्षा जोन के अंतर्गत आने वाले लगभग 200 स्कूलों को बंद रखा गया। जेके बोर्ड के तहत आने वाले स्कूलों की छुट्टी के आदेश मंगलवार रात को ही जारी कर दिए गए थे। जेडईपीओ कुलदीप सिंह के अनुसार खराब मौसम के कारण फैसला लिया गया है। किश्तवाड़ में जिला उपायुक्त और मुख्य शिक्षा अधिकारी संजय डोगरा ने प्राथमिक स्तर तक के स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया। हालांकि कुछ हिस्सों में छठी कक्षा से ऊपर की कक्षाएं संचालित की गईं लेकिन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में पूर्ण अवकाश रहा। रियासी के ग्रामीण शिक्षा जोन पौनी, अरनास, चनकाह, माहौर और चसाना में भी स्कूल बंद रहे जबकि कटड़ा और रियासी नगर परिषद के दायरे में आने वाले स्कूल खुले रहे। लगातार हो रही छुट्टियों से अभिभावकों में पढ़ाई को लेकर चिंता भी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र में पहले ही कई दिन मौसम की भेंट चढ़ चुके हैं जिससे बच्चों का पाठ्यक्रम प्रभावित हो रहा है।
कई पर्यटन उधमपुर में ठहरे, कुछ बहाना बनाकर आगे जाने की कर रहे थे कोशिश
चंद्रकोट से खूनी नाला और शेरबीबी के बीच भूस्खलन से हाईवे बंद रहा। इस कारण कश्मीर जाने वाले वाहनों को जखैनी चौक पर रोक दिया। जबकि डोडा और किश्तवाड़ रूट पर आवाजाही जारी रही। ट्रैफिक पुलिस पत्नीटॉप जाने वाले पर्यटकों की भी जांच कर रही थी। जिन यात्रियों के पास होटल की बुकिंग थी, केवल उन्हें ही आगे जाने दिया जा रहा है। हालांकि कुछ लोग पत्नीटॉप जाने का बहाना बनाकर आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। कोलकाता से आए पर्यटक राजा चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीनगर जाने के लिए वह सुबह छह बजे परिवार के साथ उधमपुर पहुंचे। हाईवे बंद होने की जानकारी नहीं होने के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। पंजाब से आई सिमरन परिवार के साथ घूमने आई थीं। मंगलवार शाम को उधमपुर में पहुंची थीं लेकिन हाईवे बंद होने से रास्ते में फंस गई। दिल्ली के केसर जम्वाल ने बताया कि वह परिवार के साथ कश्मीर जा रहे थे। हाईवे बंद होने के कारण काफी दिक्कतें आईं। महाराष्ट्र के पर्यटकों के समूह ने होटल में रात काटी।
बाजारों में रौनक कम
मैदानी इलाकों में सुबह से ही काले बादलों ने डेरा डाल लिया और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। चिनैनी और रियासी के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा क्योंकि ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों की संख्या न के बराबर रही। मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। रियासी और कटड़ा के शहरी क्षेत्रों में दुकानें तो खुलीं लेकिन ठंड और बारिश के कारण ग्राहक नदारद रहे।
अनावश्यक यात्रा से बचें
ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से पत्नीटॉप और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ घंटों तक मौसम का मिजाज इसी प्रकार बना रह सकता है। डीएसपी (यातायात) पंकज सूदन के अनुसार मंगलवार रात बनिहाल में भूस्खलन के कारण हाईवे बंद हो गया तो तुरंत राहत कार्य शुरू किए गए। उन्होंने लोगों से सहयोग व धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
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खराब मौसम का सबसे बुरा असर यातायात पर पड़ा है। रामबन के बनिहाल, चंद्रकोट और खूनी नाला के पास पहाड़ियों से पत्थर गिरने और भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 12 घंटे तक बंद रहा। उधमपुर के जखैनी चौक पर सैकड़ों वाहनों को रोक दिया गया जिससे कश्मीर जाने वाले पर्यटकों को असुविधा हुई। पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र से आए पर्यटकों ने बताया कि वे घंटों से रास्ते खुलने का इंतजार कर रहे हैं। शाम 6 बजे के मलबा हटाने के बाद छोटे वाहनों को घाटी की ओर रवाना किया गया। पौने घंटे बाद भारी वाहनों को भेजा गया।
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रामनगर-बसंतगढ़ मार्ग भी प्रभावित रहा। मजोडी और छतराडी के पास भारी मलबा आने से हाईवे नौ घंटे तक बंद रहा। लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी मशीनों की मदद से शाम चार बजे के करीब यातायात बहाल किया। विभाग के अधिकारी शम्मी गुप्ता ने बताया कि बारिश के दौरान विभाग की टीमें हाई अलर्ट पर हैं।
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चिनैनी में रात से सुबह तक हुआ हिमपात
चिनैनी के ऊंचाई वाले इलाकों में मंगलवार रात से शुरू हुआ हिमपात सुबह भी जारी रहा। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नत्थाटॉप ताजा बर्फबारी से सफेद चादर में लिपट गया। जुगधार, देराटॉप, शिवगढ़ धार और सियोजधार की चोटियों पर भी भारी हिमपात हुआ है। बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से आए सैलानी इस नजारे को देखकर गदगद नजर आए। हालांकि पहाड़ों पर घने कोहरे और धुंध के कारण दृश्यता काफी कम रही। अचानक ठंड बढ़ने से स्थानीय लोग गर्म कपड़ों और आग का सहारा लेने को मजबूर हुए।
नए शैक्षणिक सत्र के कई दिन मौसम की भेंट चढ़े
छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। चिनैनी शिक्षा जोन के अंतर्गत आने वाले लगभग 200 स्कूलों को बंद रखा गया। जेके बोर्ड के तहत आने वाले स्कूलों की छुट्टी के आदेश मंगलवार रात को ही जारी कर दिए गए थे। जेडईपीओ कुलदीप सिंह के अनुसार खराब मौसम के कारण फैसला लिया गया है। किश्तवाड़ में जिला उपायुक्त और मुख्य शिक्षा अधिकारी संजय डोगरा ने प्राथमिक स्तर तक के स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया। हालांकि कुछ हिस्सों में छठी कक्षा से ऊपर की कक्षाएं संचालित की गईं लेकिन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में पूर्ण अवकाश रहा। रियासी के ग्रामीण शिक्षा जोन पौनी, अरनास, चनकाह, माहौर और चसाना में भी स्कूल बंद रहे जबकि कटड़ा और रियासी नगर परिषद के दायरे में आने वाले स्कूल खुले रहे। लगातार हो रही छुट्टियों से अभिभावकों में पढ़ाई को लेकर चिंता भी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र में पहले ही कई दिन मौसम की भेंट चढ़ चुके हैं जिससे बच्चों का पाठ्यक्रम प्रभावित हो रहा है।
कई पर्यटन उधमपुर में ठहरे, कुछ बहाना बनाकर आगे जाने की कर रहे थे कोशिश
चंद्रकोट से खूनी नाला और शेरबीबी के बीच भूस्खलन से हाईवे बंद रहा। इस कारण कश्मीर जाने वाले वाहनों को जखैनी चौक पर रोक दिया। जबकि डोडा और किश्तवाड़ रूट पर आवाजाही जारी रही। ट्रैफिक पुलिस पत्नीटॉप जाने वाले पर्यटकों की भी जांच कर रही थी। जिन यात्रियों के पास होटल की बुकिंग थी, केवल उन्हें ही आगे जाने दिया जा रहा है। हालांकि कुछ लोग पत्नीटॉप जाने का बहाना बनाकर आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। कोलकाता से आए पर्यटक राजा चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीनगर जाने के लिए वह सुबह छह बजे परिवार के साथ उधमपुर पहुंचे। हाईवे बंद होने की जानकारी नहीं होने के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। पंजाब से आई सिमरन परिवार के साथ घूमने आई थीं। मंगलवार शाम को उधमपुर में पहुंची थीं लेकिन हाईवे बंद होने से रास्ते में फंस गई। दिल्ली के केसर जम्वाल ने बताया कि वह परिवार के साथ कश्मीर जा रहे थे। हाईवे बंद होने के कारण काफी दिक्कतें आईं। महाराष्ट्र के पर्यटकों के समूह ने होटल में रात काटी।
बाजारों में रौनक कम
मैदानी इलाकों में सुबह से ही काले बादलों ने डेरा डाल लिया और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। चिनैनी और रियासी के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा क्योंकि ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों की संख्या न के बराबर रही। मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। रियासी और कटड़ा के शहरी क्षेत्रों में दुकानें तो खुलीं लेकिन ठंड और बारिश के कारण ग्राहक नदारद रहे।
अनावश्यक यात्रा से बचें
ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से पत्नीटॉप और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ घंटों तक मौसम का मिजाज इसी प्रकार बना रह सकता है। डीएसपी (यातायात) पंकज सूदन के अनुसार मंगलवार रात बनिहाल में भूस्खलन के कारण हाईवे बंद हो गया तो तुरंत राहत कार्य शुरू किए गए। उन्होंने लोगों से सहयोग व धैर्य बनाए रखने की अपील की है।