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Udhampur News: लद्दा गांव में जलसंकट गहराया, बावलियां बनीं खेवनहार
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उधमपुर। ब्लॉक नरसू के पहाड़ी इलाके टाॅप लद्दा गांव में ग्रामीण पानी की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे हैं। दूरदराज की बावली से पानी ढोना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि ब्लाॅक नरसू के लिए बनाई जा रही जल जीवन मिशन योजना का काम भी काफी धीमी रफ्तार से चल रहा है। वे बीते करीब तीन साल से इस योजना के पूरे होने की राह देख रहे हैं लेकिन चार साल का अर्सा बीत जाने के बाद भी इसका ज्यादातर काम अधूरा पड़ा है। फिर से गर्मी का सीजन शुरू होने वाला है और वे पहले से ही पानी की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे हैं। ऐसे में गर्मी में यह समस्या काफी विकराल हो जाएगी और लोगों को गांव से पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
स्थानीय दर्शना देवी ने कहा कि इस साल लंबे समय से बारिश नहीं होने से प्राकृतिक जलाशयों का पानी भी सूख गया है। ऐसे में पानी का प्रबंध करने के लिए गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। जल्द बारिश नहीं हुई तो समस्या विकराल हो जाएगी। प्रशासन से अपील है कि जेजेएम योजना को जल्द पूरा करवाए ताकि लोगों के घरों में पानी पहुंच सके।
शांति देवी ने बताया कि उम्र के करीब आठ दशक पार कर लिए हैं। अब इस उम्र में दूरदराज के इलाकों से पानी ढोकर लाना संभव नहीं हैं। घर में एक बेटा है लेकिन वह मानसिक रूप से बीमार है। दूसरा शहर में काम करता है। ऐसे में उन्हें इस बुढ़ापे में भी पानी के लिए दरबदर होना पड़ रहा है। बीते कुछ सालों से सुन रहे हैं कि सरकार घरों में नल लगाकर दे रही है लेकिन अभी तक कुछ इंतजाम नहीं हो पाया है। सरकार से अपील है कि उनकी पानी की समस्या का समाधान कर राहत दिलाए।
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परथो देवी
के अनुसार गांव में पानी की काफी किल्लत है। इंसानों के साथ मवेशी भी प्यास से बेहाल हो रहे हैं। पूरे गांव में सूखे के हालात पैदा हो गए हैं। करीब दो किलोमीटर दूर पहाड़ी से पानी ढोकर लाना पड़ता है। अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गर्मी में गांव से पलायन करने के अलावा कुछ चारा नहीं रहेगा। सरकार और प्रशासन से अपील है कि वे जल्द कुछ प्रबंध करें।
आरती राजपूत
ने कहा कि पूरे इलाके में पानी की परेशानी पैदा हो गई है। इस साल बारिश भी नहीं हुई है। इसके चलते आसपास के ज्यादातर प्राकृतिक जलाशय भी सूखे गए हैं। दूरदराज की बावलियों से पानी ढोना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों का अधिकतर समय घर की जरूरतों के लिए पानी ढोने में बीत जाता है। इस समय परीक्षा भी नजदीक है और पानी की इस समस्या के चलते उनकी शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। आसपास के गांव भी इस समस्या से परेशान हैं।
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ब्लाॅक नरसू में जेजेएम का काम करीब 75 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी लगातार तैयार है अब बस जलाशयों को टैब करने का काम शेष है। यहां कुछ लोगों के भी विवाद हैं, इसलिए इसमें कुछ देरी हो रही है। प्रशासन को भी सहयोग के लिए लिखा है। हमारा प्रयास है कि इस साल के अंत तक इस योजना पर काम पूरा कर लिया जाएगा।
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शाहवाज काजी, जेई, जलशक्ति विभाग उधमपुर
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उनका कहना है कि ब्लाॅक नरसू के लिए बनाई जा रही जल जीवन मिशन योजना का काम भी काफी धीमी रफ्तार से चल रहा है। वे बीते करीब तीन साल से इस योजना के पूरे होने की राह देख रहे हैं लेकिन चार साल का अर्सा बीत जाने के बाद भी इसका ज्यादातर काम अधूरा पड़ा है। फिर से गर्मी का सीजन शुरू होने वाला है और वे पहले से ही पानी की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे हैं। ऐसे में गर्मी में यह समस्या काफी विकराल हो जाएगी और लोगों को गांव से पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
स्थानीय दर्शना देवी ने कहा कि इस साल लंबे समय से बारिश नहीं होने से प्राकृतिक जलाशयों का पानी भी सूख गया है। ऐसे में पानी का प्रबंध करने के लिए गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। जल्द बारिश नहीं हुई तो समस्या विकराल हो जाएगी। प्रशासन से अपील है कि जेजेएम योजना को जल्द पूरा करवाए ताकि लोगों के घरों में पानी पहुंच सके।
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शांति देवी ने बताया कि उम्र के करीब आठ दशक पार कर लिए हैं। अब इस उम्र में दूरदराज के इलाकों से पानी ढोकर लाना संभव नहीं हैं। घर में एक बेटा है लेकिन वह मानसिक रूप से बीमार है। दूसरा शहर में काम करता है। ऐसे में उन्हें इस बुढ़ापे में भी पानी के लिए दरबदर होना पड़ रहा है। बीते कुछ सालों से सुन रहे हैं कि सरकार घरों में नल लगाकर दे रही है लेकिन अभी तक कुछ इंतजाम नहीं हो पाया है। सरकार से अपील है कि उनकी पानी की समस्या का समाधान कर राहत दिलाए।
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परथो देवी
के अनुसार गांव में पानी की काफी किल्लत है। इंसानों के साथ मवेशी भी प्यास से बेहाल हो रहे हैं। पूरे गांव में सूखे के हालात पैदा हो गए हैं। करीब दो किलोमीटर दूर पहाड़ी से पानी ढोकर लाना पड़ता है। अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गर्मी में गांव से पलायन करने के अलावा कुछ चारा नहीं रहेगा। सरकार और प्रशासन से अपील है कि वे जल्द कुछ प्रबंध करें।
आरती राजपूत
ने कहा कि पूरे इलाके में पानी की परेशानी पैदा हो गई है। इस साल बारिश भी नहीं हुई है। इसके चलते आसपास के ज्यादातर प्राकृतिक जलाशय भी सूखे गए हैं। दूरदराज की बावलियों से पानी ढोना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों का अधिकतर समय घर की जरूरतों के लिए पानी ढोने में बीत जाता है। इस समय परीक्षा भी नजदीक है और पानी की इस समस्या के चलते उनकी शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। आसपास के गांव भी इस समस्या से परेशान हैं।
ब्लाॅक नरसू में जेजेएम का काम करीब 75 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी लगातार तैयार है अब बस जलाशयों को टैब करने का काम शेष है। यहां कुछ लोगों के भी विवाद हैं, इसलिए इसमें कुछ देरी हो रही है। प्रशासन को भी सहयोग के लिए लिखा है। हमारा प्रयास है कि इस साल के अंत तक इस योजना पर काम पूरा कर लिया जाएगा।
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शाहवाज काजी, जेई, जलशक्ति विभाग उधमपुर