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Udhampur News: शहरी क्षेत्र में गांव जैसे हालात... सड़क खस्ताहाल, गड्ढों भरी डगर से लोग बेहाल
Mon, 26 Aug 2024 03:13 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Mon, 26 Aug 2024 03:13 PM IST
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वार्ड 21 के ठंडा पद्दर क्षेत्र का मामला; नगरोटा, फंगेयाल व बट्टल बालियां पंचायतों को जोड़ती है सड़क
करीब तीन किमी सड़क पर विभिन्न क्षेत्रों की 10 हजार से ज्यादा आबादी है निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर के वार्ड 21 के ठंडा पद्दर क्षेत्र में सड़क की हालत बहुत ही खराब है, जिस कारण विभिन्न क्षेत्रों की करीब 10 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित है।
करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क सड़क नगरोटा, फंगेयाल और बट्टलबालियां पंचायतों को जोड़ती है। लेकिन, उसके बावजूद दो सालों से सड़क की हालत काफी दयनीय बनी हुई है। इतना ही नहीं सड़क के किनारे कई मंदिर और देव स्थान हैं। कई बार स्थानीय लोग प्रशासन व नगर परिषद से सड़क की मरम्मत के लिए मांग कर चुके हैं, लेकिन आजतक सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं मिला।
लोगों ने बताया कि मौजूदा समय में सड़क की दशा ऐसी है कि कोई भी वाहन सही ढंग से चल नहीं सकता। क्योंकि, सड़क पर पड़े गड्ढों में वाहनों के टायर फंस जाते हैं। बारिश के दिनों में सड़क में पानी भर जाता है। सीवरेज विभाग की ओर से पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क की खुदाई की गई थी। लाइन बिछाने के बाद उन्होंने सड़क की मरम्मत नहीं की।
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कुछ दिन पहले इस क्षेत्र का दौरा कर सड़क हालत को देखा था। सड़क पर चलना भी मुश्किल है। शहर से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी व नगर परिषद के अधीन होने के बावजूद इस क्षेत्र की दशा को देखकर शर्म महसूस हुई। डीसी से मांग है कि वह एक बार क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लें।
- सुमित मगोत्रा, कार्यकारी जिला अध्यक्ष, कांग्रेस
इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन व नगर परिषद के अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। लेकिन, आजतक सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं मिला। सड़क की बदहाली के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिर कर घायल हो रहे हैं।
- माधो राम, स्थानीय निवासी
कई साल पहले यह क्षेत्र नगर परिषद के अधीन आया था। इसके बाद क्षेत्रवासियों को आस जगी थी कि विकास होगा। लेकिन, अब हालत उससे भी बदतर हो गई है। इस सड़क पर कई हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद इसकी दशा सुधारने के लिए प्रशासन व नगर परिषद की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।
- यशपाल, स्थानीय निवासी
हमारे लिए तो प्रशासन व सरकार सोई हुई है। दो साल बाद भी सड़क की दशा को नहीं सुधारा गया है। इस सड़क पर वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है। क्षेत्र में कई मंदिर व देव स्थान होने के चलते कई राजनीतिक दलों के नेता माथा टेकने पहुंचते हैं, लेकिन किसी ने भी सड़क की दशा को सुधारने के लिए कुछ नहीं किया।
- साहिल शर्मा, स्थानीय निवासी
सड़क की दशा कब सुधरेगी सब लोग यही सोचते हैं। बारिश के दिनों में यह सड़क तालाब में तबदील हो जाती है। कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। आए दिन इस सड़क की दयनीय दशा के कारण हादसे होते रहते हैं और वाहनों को नुकसान होता है।
- राकेश शर्मा, स्थानीय निवासी
आचार संहिता के चलते निर्माण कार्य नहीं हो सकता है। इसके खत्म होने के बाद सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। अगर यूईईडी की ओर से पाइप लाइन बिछाने के बाद कोई काम रह गया है, तो उसे भी पूरा करवाया जाएगा।
- विशाल सड़ोत्रा, सीईओ, नगर परिषद
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करीब तीन किमी सड़क पर विभिन्न क्षेत्रों की 10 हजार से ज्यादा आबादी है निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर के वार्ड 21 के ठंडा पद्दर क्षेत्र में सड़क की हालत बहुत ही खराब है, जिस कारण विभिन्न क्षेत्रों की करीब 10 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित है।
करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क सड़क नगरोटा, फंगेयाल और बट्टलबालियां पंचायतों को जोड़ती है। लेकिन, उसके बावजूद दो सालों से सड़क की हालत काफी दयनीय बनी हुई है। इतना ही नहीं सड़क के किनारे कई मंदिर और देव स्थान हैं। कई बार स्थानीय लोग प्रशासन व नगर परिषद से सड़क की मरम्मत के लिए मांग कर चुके हैं, लेकिन आजतक सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं मिला।
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लोगों ने बताया कि मौजूदा समय में सड़क की दशा ऐसी है कि कोई भी वाहन सही ढंग से चल नहीं सकता। क्योंकि, सड़क पर पड़े गड्ढों में वाहनों के टायर फंस जाते हैं। बारिश के दिनों में सड़क में पानी भर जाता है। सीवरेज विभाग की ओर से पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क की खुदाई की गई थी। लाइन बिछाने के बाद उन्होंने सड़क की मरम्मत नहीं की।
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कुछ दिन पहले इस क्षेत्र का दौरा कर सड़क हालत को देखा था। सड़क पर चलना भी मुश्किल है। शहर से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी व नगर परिषद के अधीन होने के बावजूद इस क्षेत्र की दशा को देखकर शर्म महसूस हुई। डीसी से मांग है कि वह एक बार क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लें।
- सुमित मगोत्रा, कार्यकारी जिला अध्यक्ष, कांग्रेस
इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन व नगर परिषद के अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। लेकिन, आजतक सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं मिला। सड़क की बदहाली के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिर कर घायल हो रहे हैं।
- माधो राम, स्थानीय निवासी
कई साल पहले यह क्षेत्र नगर परिषद के अधीन आया था। इसके बाद क्षेत्रवासियों को आस जगी थी कि विकास होगा। लेकिन, अब हालत उससे भी बदतर हो गई है। इस सड़क पर कई हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद इसकी दशा सुधारने के लिए प्रशासन व नगर परिषद की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।
- यशपाल, स्थानीय निवासी
हमारे लिए तो प्रशासन व सरकार सोई हुई है। दो साल बाद भी सड़क की दशा को नहीं सुधारा गया है। इस सड़क पर वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है। क्षेत्र में कई मंदिर व देव स्थान होने के चलते कई राजनीतिक दलों के नेता माथा टेकने पहुंचते हैं, लेकिन किसी ने भी सड़क की दशा को सुधारने के लिए कुछ नहीं किया।
- साहिल शर्मा, स्थानीय निवासी
सड़क की दशा कब सुधरेगी सब लोग यही सोचते हैं। बारिश के दिनों में यह सड़क तालाब में तबदील हो जाती है। कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। आए दिन इस सड़क की दयनीय दशा के कारण हादसे होते रहते हैं और वाहनों को नुकसान होता है।
- राकेश शर्मा, स्थानीय निवासी
आचार संहिता के चलते निर्माण कार्य नहीं हो सकता है। इसके खत्म होने के बाद सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। अगर यूईईडी की ओर से पाइप लाइन बिछाने के बाद कोई काम रह गया है, तो उसे भी पूरा करवाया जाएगा।
- विशाल सड़ोत्रा, सीईओ, नगर परिषद