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Udhampur News: लैवेंडर की खुशबू से महकेगा उधमपुर जिला, रामनगर तहसील से मिलेगी पहचान
Sat, 20 Jul 2024 04:47 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Sat, 20 Jul 2024 04:47 AM IST
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इंचा गांव में सौ कनाल भूमि पर पांच लाख लैवेंडर के मदर पौधे तैयार
जल्द किसानों में वितरित होंगे पौधे, बंदरों की समस्या का होगा समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। लैवेंडर की खेती में जिला उधमपुर अब जल्द ही नया मुकाम हासिल करने की तैयारी में है। बैंगनी क्रांति के तहत कृषि विभाग ने जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसमें रामनगर तहसील के इंचा गांव में करीब पांच लाख लैवेंडर मदर प्लांट की सफलतापूर्वक उगाए हैं। यह पहल उधमपुर में लैवेंडर की खेती की शुरूआत है, क्योंकि इस क्षेत्र की जलवायु, परिस्थितियां और मिट्टी इस सुगंधित पौधे के लिए उपयुक्त है।
विभाग ने इंचा गांव में 100 कनाल भूमि पर पांच लाख लैवेंडर मदर प्लांट उगाए हैं। इन्हें जल्द ही स्थानीय किसानों में वितरित किया जाएगा। इससे उन्हें दोहरा लाभ होगा। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि बंदरों के आतंक से भी राहत मिलेगी। यह क्षेत्र बंदरों की समस्या से जूझ रहा है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
लैवेंडर की खेती उधमपुर के किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होने वाली है, क्योंकि यह पारंपरिक फसलों का एक आकर्षक विकल्प है। बाजार में लैवेंडर उत्पादों की उच्च मांग के साथ, किसान इस उद्यम से काफी लाभ की उम्मीद कर सकते हैं। इसके अलावा, सुगंधित पौधे कीटों को दूर भगाने के लिए जाने जाते हैं।
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लैवेंडर की खेती से महिलाओं को मिलेंगे अवसर : अंजू देवी
इंचा निवासी अंजू देवी ने कहा कि विभाग ने लैवेंटर के मदर प्लांट उपलब्ध कराए हैं, जिनमें फूल खिलने शुरू हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएमओ के डॉ. जितेंद्र सिंह ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई सरकारी योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के पीछे मुख्य प्रेरणा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। मेरा मानना है कि लैवेंडर की खेती महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी महिलाओं से लैवेंडर की खेती करने और अधिक पैसा कमाने की अपील की।
रामनगर तहसील के कई क्षेत्रों की जलवायु लैवेंडर की खेती के लिए अनुकल है। इंचा गांव में एक नर्सरी स्थापित की गई है, जहां पांच लाख पौधे तैयार किए हैं। अगले एक-दो माह में इन पौधों को किसानों में वितरित किया जाएगा। यहां के लोग पारंपरिक फसलें उगाते हैं, जिन्हें बंदर नुकसान पहुंचाते हैं। लैवेंडर एक अच्छा विकल्प है। इससे बंदरों के आतंक से छुटकारा मिलेगा और आमदनी भी बढ़ेगी।
- रफीक अहमद जराल, एसडीएम, रामनगर
केंद्र सरकार की पहल बैंगनी क्रांति के तहत जिले में लैवेंडर के पौधे लगाए जा रहे हैं। रामनगर तहसील के इचां गांव में 100 कनाल भूमि पर लगभग 5 लाख लैवेंडर के पौधे तैयार किए गए हैं। इस साल 5 लाख और पौधे लगाने की योजना है। लैवेंडर के ये पौधे किसानों को वितरित किए जाएंगे, ताकि वे इनकी खेती कर अधिक आय अर्जित कर सकें।
- सलोनी राय, डीसी, उधमपुर
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जल्द किसानों में वितरित होंगे पौधे, बंदरों की समस्या का होगा समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। लैवेंडर की खेती में जिला उधमपुर अब जल्द ही नया मुकाम हासिल करने की तैयारी में है। बैंगनी क्रांति के तहत कृषि विभाग ने जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसमें रामनगर तहसील के इंचा गांव में करीब पांच लाख लैवेंडर मदर प्लांट की सफलतापूर्वक उगाए हैं। यह पहल उधमपुर में लैवेंडर की खेती की शुरूआत है, क्योंकि इस क्षेत्र की जलवायु, परिस्थितियां और मिट्टी इस सुगंधित पौधे के लिए उपयुक्त है।
विभाग ने इंचा गांव में 100 कनाल भूमि पर पांच लाख लैवेंडर मदर प्लांट उगाए हैं। इन्हें जल्द ही स्थानीय किसानों में वितरित किया जाएगा। इससे उन्हें दोहरा लाभ होगा। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि बंदरों के आतंक से भी राहत मिलेगी। यह क्षेत्र बंदरों की समस्या से जूझ रहा है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
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लैवेंडर की खेती उधमपुर के किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होने वाली है, क्योंकि यह पारंपरिक फसलों का एक आकर्षक विकल्प है। बाजार में लैवेंडर उत्पादों की उच्च मांग के साथ, किसान इस उद्यम से काफी लाभ की उम्मीद कर सकते हैं। इसके अलावा, सुगंधित पौधे कीटों को दूर भगाने के लिए जाने जाते हैं।
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लैवेंडर की खेती से महिलाओं को मिलेंगे अवसर : अंजू देवी
इंचा निवासी अंजू देवी ने कहा कि विभाग ने लैवेंटर के मदर प्लांट उपलब्ध कराए हैं, जिनमें फूल खिलने शुरू हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएमओ के डॉ. जितेंद्र सिंह ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई सरकारी योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के पीछे मुख्य प्रेरणा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। मेरा मानना है कि लैवेंडर की खेती महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी महिलाओं से लैवेंडर की खेती करने और अधिक पैसा कमाने की अपील की।
रामनगर तहसील के कई क्षेत्रों की जलवायु लैवेंडर की खेती के लिए अनुकल है। इंचा गांव में एक नर्सरी स्थापित की गई है, जहां पांच लाख पौधे तैयार किए हैं। अगले एक-दो माह में इन पौधों को किसानों में वितरित किया जाएगा। यहां के लोग पारंपरिक फसलें उगाते हैं, जिन्हें बंदर नुकसान पहुंचाते हैं। लैवेंडर एक अच्छा विकल्प है। इससे बंदरों के आतंक से छुटकारा मिलेगा और आमदनी भी बढ़ेगी।
- रफीक अहमद जराल, एसडीएम, रामनगर
केंद्र सरकार की पहल बैंगनी क्रांति के तहत जिले में लैवेंडर के पौधे लगाए जा रहे हैं। रामनगर तहसील के इचां गांव में 100 कनाल भूमि पर लगभग 5 लाख लैवेंडर के पौधे तैयार किए गए हैं। इस साल 5 लाख और पौधे लगाने की योजना है। लैवेंडर के ये पौधे किसानों को वितरित किए जाएंगे, ताकि वे इनकी खेती कर अधिक आय अर्जित कर सकें।
- सलोनी राय, डीसी, उधमपुर