{"_id":"68c875b5dd52b907fa0812d1","slug":"udhampur-maand-east-nala-village-no-water-in-school-udhampur-news-c-202-sjam1011-127418-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: स्कूली बच्चों को पानी के लिए करना पड़ रहा संघर्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: स्कूली बच्चों को पानी के लिए करना पड़ रहा संघर्ष
विज्ञापन
उधमपुर। मांड ईस्ट के नाला गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को आज भी पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। स्कूल में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। नल तो लगे हैं लेकिन महीनों तक उनमें पानी की एक बूंद नहीं आदी है।
ऐसे में छोटे बच्चाें को घंटों तक प्यासा रहना पड़ता है। स्कूल में पानी की व्यवस्था न होने और नलों में कई हफ्तों महीनों तक पानी न आने के कारण बच्चों को स्कूल के बहार जा कर बोआली से पानी लाना पड़ता है। जो बच्चों के लिए न सिर्फ असुविधाजनक,बल्कि खतरनाक भी हो सकता है। बारिश में मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कीचड़ और फिसलन के कारण बच्चों को चोट लगने का डर बना रहता है।
स्थानीय निवासी मोहन लाल,किशोरी लाल और स्कूल शिक्षक का कहना है कि विद्यालय सिर्फ पांचवी कक्षा तक है और बहुत छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में उन्हें बाहर पानी लेने भेजना उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन से मांग है कि स्कूल में पीने के पानी की नियमित आपूर्ति की जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे में छोटे बच्चाें को घंटों तक प्यासा रहना पड़ता है। स्कूल में पानी की व्यवस्था न होने और नलों में कई हफ्तों महीनों तक पानी न आने के कारण बच्चों को स्कूल के बहार जा कर बोआली से पानी लाना पड़ता है। जो बच्चों के लिए न सिर्फ असुविधाजनक,बल्कि खतरनाक भी हो सकता है। बारिश में मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कीचड़ और फिसलन के कारण बच्चों को चोट लगने का डर बना रहता है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी मोहन लाल,किशोरी लाल और स्कूल शिक्षक का कहना है कि विद्यालय सिर्फ पांचवी कक्षा तक है और बहुत छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में उन्हें बाहर पानी लेने भेजना उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन से मांग है कि स्कूल में पीने के पानी की नियमित आपूर्ति की जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।
विज्ञापन