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Udhampur News: चुनाव में वेयर हाउस का निर्माण व्यापारी वर्ग का रहेगा मुद्दा
Wed, 28 Aug 2024 05:24 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Wed, 28 Aug 2024 05:24 AM IST
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- कारोबारियों का कहना- दशकों पुरानी मांग को पूरा करने का आश्वासन देने वाले को ही देंगे वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिला मुख्यालय में व्यापारियों के थोक कारोबार पर साथ की तहसीलों एवं अन्य जिलों के कारोबारी भी निर्भर हैं। लेकिन, जिले में वेयर हाउस न होने से माल मंगवाने और अन्य स्थान पर भेजने में कई तरह की दिक्कतें आती हैं। इस बार व्यापारियों ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया है। उनका कहना है कि वह इसी मांग पर अपने मत का इस्तेमाल करेंगे।
उधमपुर जिला मुख्यालय में थोक कारोबार पर स्थानीय व्यापारियों सहित रामनगर, चिनैनी, मजालता, पंचैरी, लांदर, मोंगरी, लाटी, बसंतगढ़ आदि तहसीलों सहित साथ लगते जिलों के व्यापारी निर्भर हैं। वहीं अब तक वेयरहाउस न होने से थोक कारोबार शहर में इधर-उधर फैला है। व्यापारियों को माल मंगवाने और दूसरे व्यापारियों तक पहुंचाने में कई तरह की दिक्कतें आती हैं। खासकर किसी हैवी लोड वाहन को सुबह 9 से रात 9 बजे तक शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं हैं। वहीं बड़े वाहनों के प्रवेश से और माल की लोडिंग व अनलोडिंग से शहर में जाम की स्थिति बन जाती है। कोई भी व्यापारी रात 9 से सुबह 9 बजे तक ही माल लोड व अनलोड कर सकता है। इसमें व्यापारियों को परेशानी आती है। इससे निजात के लिए उधमपुर का व्यापारी वर्ग जिला मुख्यालय में वेयरहाउस की मांग कर रहा है। हालांकि, ट्रांसपोर्ट यार्ड की तरह इसके लिए भी जगह का चयन किया गया था, लेकिन परियोजना अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसलिए व्यापारी वर्ग ने इस बार इसे चुनावी मुद्दा बनाया है।
वेयरहाउस की मांग पुरानी है। अभी तक आश्वासनों के अलावा जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हो पाया है। रोंदोमल में वेयरहाउस के लिए भूमि का चयन किया गया था, लेकिन उस पर काम शुरू नहीं किया गया। इस बार सभी व्यापारी इसी मुद्दे पर अडिग हैं।
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- जतिंद्र बरमानी, अध्यक्ष, व्यापार मंडल उधमपुर
वेयरहाउस न होने से शहर में माल को लोड व अनलोड करने में दिक्कतें आती हैं। कई बार व्यापारियों को नुकसान भी होता है। वेयर हाउस के बनने से काफी हद तक समाधान हो सकता है। वेयरहाउस का निर्माण समय की मांग है।
- सुनील गुड्डा, कारोबारी
चुनाव के दौरान हर उम्मीदवार अपने हिसाब से आश्वासन देकर चला जाता है। इस बार व्यापारी वर्ग ने वेयरहाउस को अपना चुनावी मु्द्दा बनाया है। जो भी व्यापारी वर्ग के मुद्दे का समर्थन करेगा, व्यापारी उसी को वोट देंगे।
- विजय कुमार शर्मा, कारोबारी
वेयरहाउस के बनने से जहां जिले के कारोबार में बढ़ोतरी होगी, तो वहीं छोटे व्यापारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। खासकर माल के ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था भी बेहतर होगी।
- जतिंद्र कुमार, कारोबारी
ट्रांसपोर्ट यार्ड के साथ-साथ रोंदोमेल में वेयरहाउस के लिए भूमि का चयन किया गया था। इसको लेकर डीपीआर भी तैयार की गई। भूमि समतल कर व्यापारियों को दुकानों की निशानदेही कर भूमि अलाॅट करने के लिए भी कहा गया, ताकि फंड के इंतजार में वेयरहाउस का काम लटके नहीं। लेकिन नगर परिषद का कार्यकाल खत्म होने तक इस परियोजना पर काम नहीं किया गया। इसकी वजह से परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब सरकार बनने पर ही कोई उम्मीद लगाई जा सकती है।
- डॉ. योगेश्वर गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिला मुख्यालय में व्यापारियों के थोक कारोबार पर साथ की तहसीलों एवं अन्य जिलों के कारोबारी भी निर्भर हैं। लेकिन, जिले में वेयर हाउस न होने से माल मंगवाने और अन्य स्थान पर भेजने में कई तरह की दिक्कतें आती हैं। इस बार व्यापारियों ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया है। उनका कहना है कि वह इसी मांग पर अपने मत का इस्तेमाल करेंगे।
उधमपुर जिला मुख्यालय में थोक कारोबार पर स्थानीय व्यापारियों सहित रामनगर, चिनैनी, मजालता, पंचैरी, लांदर, मोंगरी, लाटी, बसंतगढ़ आदि तहसीलों सहित साथ लगते जिलों के व्यापारी निर्भर हैं। वहीं अब तक वेयरहाउस न होने से थोक कारोबार शहर में इधर-उधर फैला है। व्यापारियों को माल मंगवाने और दूसरे व्यापारियों तक पहुंचाने में कई तरह की दिक्कतें आती हैं। खासकर किसी हैवी लोड वाहन को सुबह 9 से रात 9 बजे तक शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं हैं। वहीं बड़े वाहनों के प्रवेश से और माल की लोडिंग व अनलोडिंग से शहर में जाम की स्थिति बन जाती है। कोई भी व्यापारी रात 9 से सुबह 9 बजे तक ही माल लोड व अनलोड कर सकता है। इसमें व्यापारियों को परेशानी आती है। इससे निजात के लिए उधमपुर का व्यापारी वर्ग जिला मुख्यालय में वेयरहाउस की मांग कर रहा है। हालांकि, ट्रांसपोर्ट यार्ड की तरह इसके लिए भी जगह का चयन किया गया था, लेकिन परियोजना अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसलिए व्यापारी वर्ग ने इस बार इसे चुनावी मुद्दा बनाया है।
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वेयरहाउस की मांग पुरानी है। अभी तक आश्वासनों के अलावा जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हो पाया है। रोंदोमल में वेयरहाउस के लिए भूमि का चयन किया गया था, लेकिन उस पर काम शुरू नहीं किया गया। इस बार सभी व्यापारी इसी मुद्दे पर अडिग हैं।
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- जतिंद्र बरमानी, अध्यक्ष, व्यापार मंडल उधमपुर
वेयरहाउस न होने से शहर में माल को लोड व अनलोड करने में दिक्कतें आती हैं। कई बार व्यापारियों को नुकसान भी होता है। वेयर हाउस के बनने से काफी हद तक समाधान हो सकता है। वेयरहाउस का निर्माण समय की मांग है।
- सुनील गुड्डा, कारोबारी
चुनाव के दौरान हर उम्मीदवार अपने हिसाब से आश्वासन देकर चला जाता है। इस बार व्यापारी वर्ग ने वेयरहाउस को अपना चुनावी मु्द्दा बनाया है। जो भी व्यापारी वर्ग के मुद्दे का समर्थन करेगा, व्यापारी उसी को वोट देंगे।
- विजय कुमार शर्मा, कारोबारी
वेयरहाउस के बनने से जहां जिले के कारोबार में बढ़ोतरी होगी, तो वहीं छोटे व्यापारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। खासकर माल के ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था भी बेहतर होगी।
- जतिंद्र कुमार, कारोबारी
ट्रांसपोर्ट यार्ड के साथ-साथ रोंदोमेल में वेयरहाउस के लिए भूमि का चयन किया गया था। इसको लेकर डीपीआर भी तैयार की गई। भूमि समतल कर व्यापारियों को दुकानों की निशानदेही कर भूमि अलाॅट करने के लिए भी कहा गया, ताकि फंड के इंतजार में वेयरहाउस का काम लटके नहीं। लेकिन नगर परिषद का कार्यकाल खत्म होने तक इस परियोजना पर काम नहीं किया गया। इसकी वजह से परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब सरकार बनने पर ही कोई उम्मीद लगाई जा सकती है।
- डॉ. योगेश्वर गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद