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Udhampur News: देविका को स्वच्छ बनाने के लिए नप ने तेज किए प्रयास
Sat, 27 Apr 2024 05:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Sat, 27 Apr 2024 05:22 AM IST
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सीसीटीवी लगाने से लेकर स्वच्छता टीम के गठन तक कई बिंदुओं पर हो रहा काम
एनजीटी मानदंडों के तहत जल पुनर्जीवन विशेषज्ञ के माध्यम से बनाई जा रही व्यापक योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर में देविका नदी में प्रदूषण सबसे बड़ा मुद्दा है। क्योंकि, यह शहरवासियों की धार्मिक आस्था से जुड़ा है। इस पर ध्यान केंद्रित करते हुए केंद्र सरकार की तरफ से 186 करोड़ रुपये की देविका परियोजना भी बनाई, लेकिन आजतक देविका नदी पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त नहीं हो पाई है। इसपर खूब सियासत होती रही है।
देविका नदी में प्रदूषण के सबसे प्रमुख कारणों में इसके किनारों पर अवैध अतिक्रमण का होना, घरों से निकलने वाले कचरे और प्लास्टिक का इसमें जमा होना, शहर के गंदे नालों का इसमें आकर गिरना आदि प्रमुख हैं। वहीं, अब मुख्य कारणों की रोकथाम को लेकर प्रशासन के सहयोग से नगर परिषद ने एनजीटी मानदंडो के तहत देविका नदी को स्वच्छ बनाने के लिए विशेष प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत कुछ अहम बिंदुओं पर काम किया जा रहा है। देविका परियोजना पर काम पूरा होने के बाद भी कुछ स्थानों पर ऐसे बरसाती एवं गंदे नाले मौजूद हैं, जिनसे होकर शहर कर गंदगी देविका नदी में गिरकर इसे प्रदूषित करती है। अब इनकी रोकथाम को लेकर भी उपाय करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए नगर परिषद की तरफ से बनाई जा रही कमेटी शहर के हाउसिंग कॉलोनी से लेकर ओमाड़ा मोड तक इसकी जांच करेगी। जहां भी ऐसे नाले मिलेंगे वहां पर रोक लगाई जाएगी। लोगों को भी स्वच्छता में सहयोग के लिए जागरूक किया जाएगा।
नप का 20 सदस्यीय देविका प्रोटेक्शन ग्रुप कर रहा रोजाना सफाई
पहले चरण में नगर परिषद की तरफ से एक 20 सदस्यीय देविका प्रोटेक्शन ग्रुप तैयार किया गया है। इनमें नगर परिषद के उम्दा सफाई कर्मी शामिल हैं, जो बिना मशीनरी के रोजाना देविका नदी और इसके घाटों की साफ सफाई कर रहे हैं।
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निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना
देविका नदी में कचरा फेंकने वालों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी योजना बनाई जा रही है। पहले इसके प्रमुख स्थानों पर छह सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ा कर करीब 50 करने पर विचार किया जा रहा है। यह कैमरे देविका के प्रमुख स्थानों के साथ ही शहर के मुख्य चौक चौराहों पर भी स्वच्छता की निगरानी करेंगे। इन कैमरों का एक कंट्रोल रूम डीसी कार्यालय और दूसरा नगर परिषद कार्यालय में होगा। सीसीटी कैमरे लगाने के बाद देविका नदी में कचरा डालने वालों पर जुर्माना लगाने की योजना है। पहले चेतावनी के तौर पर सामान्य जुर्माना लगाया जाएगा, लेकिन बाद में भारी जुर्माना लगाकर इस आदेश को सख्ती के साथ लागू किया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान शुरू
राजस्व विभाग के सहयोग से प्रशासन से देविका किनारे अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले की काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत 74 अवैध अतिक्रमण की निशानदेही कर उनको हटाने का काम भी किया गया है। चुनाव के बाद इसपर फिर से तेज गति के साथ काम पूरा किया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले शहर में 50 सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की गई है। जरूरत के अनुसार 50 और कैमरे मंगवाए जाएंगे। देविका को स्वच्छ बनाए रखने के लिए एनजीटी मानंदडों के अनुसार एमओएचयूए द्वारा प्रतिनियुक्त जल पुनर्जीवन विशेषज्ञ आनंद कुमार के माध्यम से व्यापक योजना बनाई जा रही है। नगर परिषद लगातार काम कर रहा है और जमीनी स्तर पर इसका असर भी नजर आ रहा है। आगामी समय में और निखार आएगा।
- नितिन गुप्ता, सीईओ, नगर परिषद
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एनजीटी मानदंडों के तहत जल पुनर्जीवन विशेषज्ञ के माध्यम से बनाई जा रही व्यापक योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर में देविका नदी में प्रदूषण सबसे बड़ा मुद्दा है। क्योंकि, यह शहरवासियों की धार्मिक आस्था से जुड़ा है। इस पर ध्यान केंद्रित करते हुए केंद्र सरकार की तरफ से 186 करोड़ रुपये की देविका परियोजना भी बनाई, लेकिन आजतक देविका नदी पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त नहीं हो पाई है। इसपर खूब सियासत होती रही है।
देविका नदी में प्रदूषण के सबसे प्रमुख कारणों में इसके किनारों पर अवैध अतिक्रमण का होना, घरों से निकलने वाले कचरे और प्लास्टिक का इसमें जमा होना, शहर के गंदे नालों का इसमें आकर गिरना आदि प्रमुख हैं। वहीं, अब मुख्य कारणों की रोकथाम को लेकर प्रशासन के सहयोग से नगर परिषद ने एनजीटी मानदंडो के तहत देविका नदी को स्वच्छ बनाने के लिए विशेष प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत कुछ अहम बिंदुओं पर काम किया जा रहा है। देविका परियोजना पर काम पूरा होने के बाद भी कुछ स्थानों पर ऐसे बरसाती एवं गंदे नाले मौजूद हैं, जिनसे होकर शहर कर गंदगी देविका नदी में गिरकर इसे प्रदूषित करती है। अब इनकी रोकथाम को लेकर भी उपाय करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए नगर परिषद की तरफ से बनाई जा रही कमेटी शहर के हाउसिंग कॉलोनी से लेकर ओमाड़ा मोड तक इसकी जांच करेगी। जहां भी ऐसे नाले मिलेंगे वहां पर रोक लगाई जाएगी। लोगों को भी स्वच्छता में सहयोग के लिए जागरूक किया जाएगा।
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नप का 20 सदस्यीय देविका प्रोटेक्शन ग्रुप कर रहा रोजाना सफाई
पहले चरण में नगर परिषद की तरफ से एक 20 सदस्यीय देविका प्रोटेक्शन ग्रुप तैयार किया गया है। इनमें नगर परिषद के उम्दा सफाई कर्मी शामिल हैं, जो बिना मशीनरी के रोजाना देविका नदी और इसके घाटों की साफ सफाई कर रहे हैं।
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निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना
देविका नदी में कचरा फेंकने वालों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी योजना बनाई जा रही है। पहले इसके प्रमुख स्थानों पर छह सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ा कर करीब 50 करने पर विचार किया जा रहा है। यह कैमरे देविका के प्रमुख स्थानों के साथ ही शहर के मुख्य चौक चौराहों पर भी स्वच्छता की निगरानी करेंगे। इन कैमरों का एक कंट्रोल रूम डीसी कार्यालय और दूसरा नगर परिषद कार्यालय में होगा। सीसीटी कैमरे लगाने के बाद देविका नदी में कचरा डालने वालों पर जुर्माना लगाने की योजना है। पहले चेतावनी के तौर पर सामान्य जुर्माना लगाया जाएगा, लेकिन बाद में भारी जुर्माना लगाकर इस आदेश को सख्ती के साथ लागू किया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान शुरू
राजस्व विभाग के सहयोग से प्रशासन से देविका किनारे अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले की काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत 74 अवैध अतिक्रमण की निशानदेही कर उनको हटाने का काम भी किया गया है। चुनाव के बाद इसपर फिर से तेज गति के साथ काम पूरा किया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले शहर में 50 सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की गई है। जरूरत के अनुसार 50 और कैमरे मंगवाए जाएंगे। देविका को स्वच्छ बनाए रखने के लिए एनजीटी मानंदडों के अनुसार एमओएचयूए द्वारा प्रतिनियुक्त जल पुनर्जीवन विशेषज्ञ आनंद कुमार के माध्यम से व्यापक योजना बनाई जा रही है। नगर परिषद लगातार काम कर रहा है और जमीनी स्तर पर इसका असर भी नजर आ रहा है। आगामी समय में और निखार आएगा।
- नितिन गुप्ता, सीईओ, नगर परिषद