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Udhampur News: स्वामी सत्यानंद महाराज के प्रकाशोत्सव पर हुआ हवन
Tue, 23 Apr 2024 03:23 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Tue, 23 Apr 2024 03:23 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। आर्य समाज उधमपुर की ओर से आदर्श कॉलोनी के वेद मंदिर में स्वामी सत्यानंद महाराज का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां डाली गईं। बाद में चैन लाल शास्त्री द्वारा उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया।
उन्होंने बताया कि स्वामी सत्यानंद महाराज का जन्म पाक अधिकृत कश्मीर के जिला मीरपुर में हुआ था। वह अविभाजित पंजाब में आ कर महात्मा गांधी के संपर्क में आए व भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भाग लिया। आजादी के बाद वह जनसंघ में शामिल हुए व पंजाब जनसंघ के प्रदेश प्रधान बने। उन्होंने गोहत्या को लेकर आंदोलन सहित भूख हड़ताल तक की। बाद में वह आर्य समाज के लिए कार्य करने लगे। वह जालंधर पंजाब के दयानंद मठ के संस्थापक सदस्यों में एक थे। उन्होंने सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए काम किया था। जम्मू कश्मीर में भी आर्य समाज के प्रचार में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। जम्मू के बख्शी नगर में आर्य समाज की स्थापना उनके द्वारा ही की गई। कार्यक्रम के अंत में भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र गुप्ता, धर्मवीर गुप्ता, अरविंद गुप्ता, राकेश गुप्ता, बंसी लाल शर्मा, सुरेश गुप्ता, अशोक गुप्ता, ओम प्रकाश गुप्ता, मधु गुप्ता, दिनकर उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।
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उधमपुर। आर्य समाज उधमपुर की ओर से आदर्श कॉलोनी के वेद मंदिर में स्वामी सत्यानंद महाराज का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां डाली गईं। बाद में चैन लाल शास्त्री द्वारा उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया।
उन्होंने बताया कि स्वामी सत्यानंद महाराज का जन्म पाक अधिकृत कश्मीर के जिला मीरपुर में हुआ था। वह अविभाजित पंजाब में आ कर महात्मा गांधी के संपर्क में आए व भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भाग लिया। आजादी के बाद वह जनसंघ में शामिल हुए व पंजाब जनसंघ के प्रदेश प्रधान बने। उन्होंने गोहत्या को लेकर आंदोलन सहित भूख हड़ताल तक की। बाद में वह आर्य समाज के लिए कार्य करने लगे। वह जालंधर पंजाब के दयानंद मठ के संस्थापक सदस्यों में एक थे। उन्होंने सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए काम किया था। जम्मू कश्मीर में भी आर्य समाज के प्रचार में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। जम्मू के बख्शी नगर में आर्य समाज की स्थापना उनके द्वारा ही की गई। कार्यक्रम के अंत में भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र गुप्ता, धर्मवीर गुप्ता, अरविंद गुप्ता, राकेश गुप्ता, बंसी लाल शर्मा, सुरेश गुप्ता, अशोक गुप्ता, ओम प्रकाश गुप्ता, मधु गुप्ता, दिनकर उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।
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