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Udhampur News: सोमवती अमावस्या पर देविका तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब
Tue, 03 Sep 2024 03:33 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Tue, 03 Sep 2024 03:33 AM IST
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वट वृक्ष का पूजन कर महिलाओं ने की परिवार की सुख-समृद्धि की कामना, प्राप्त किया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। सोमवती अमावस्या का पर्व जिले सहित शहर में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए पवित्र स्थानों पर पहुंच कर स्नान किया और दानपुण्य किया।
देविका नदी के तट पर तो बड़ी संख्या में महिलाओं ने पहुंच कर वट वृक्ष की परिक्रमा कर पूजन किया। इस दिन विशेष तौर पर भगवान ब्रह्म व विष्णु की पूजा की जाती है। सोमवती अमावस्या पर सुबह से ही देविका नदी के तट पर स्थित मंदिरों में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था।
श्रद्धालुओं में ज्यादातर महिलाएं थीं। उन्होंने सबसे पहले पवित्र बावलियों में स्नान किया और फिर वट वृक्ष की 108 परिक्रमा करके परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना की। संतोष देवी, महिमा शर्मा और निर्मला गुप्ता ने बताया कि इस दिन का महत्व है।
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सोमवती अमावस्या पर स्नान कर वट वृक्ष की परिक्रमा करने से भगवान का आशीर्वाद मिलता है। पंडित सुदर्शन कुमार शास्त्री ने बताया कि मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर बड़ के वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करने पर ही पूजा सफल होती है। वट वृक्ष की पूजा पर्यावरण संरक्षण के साथ भी जुड़ी हुई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। सोमवती अमावस्या का पर्व जिले सहित शहर में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए पवित्र स्थानों पर पहुंच कर स्नान किया और दानपुण्य किया।
देविका नदी के तट पर तो बड़ी संख्या में महिलाओं ने पहुंच कर वट वृक्ष की परिक्रमा कर पूजन किया। इस दिन विशेष तौर पर भगवान ब्रह्म व विष्णु की पूजा की जाती है। सोमवती अमावस्या पर सुबह से ही देविका नदी के तट पर स्थित मंदिरों में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था।
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श्रद्धालुओं में ज्यादातर महिलाएं थीं। उन्होंने सबसे पहले पवित्र बावलियों में स्नान किया और फिर वट वृक्ष की 108 परिक्रमा करके परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना की। संतोष देवी, महिमा शर्मा और निर्मला गुप्ता ने बताया कि इस दिन का महत्व है।
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सोमवती अमावस्या पर स्नान कर वट वृक्ष की परिक्रमा करने से भगवान का आशीर्वाद मिलता है। पंडित सुदर्शन कुमार शास्त्री ने बताया कि मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर बड़ के वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करने पर ही पूजा सफल होती है। वट वृक्ष की पूजा पर्यावरण संरक्षण के साथ भी जुड़ी हुई है।