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मानव शरीर किराए का घर, एक दिन खाली करना होगा : समता बाई
Wed, 31 Jul 2024 06:41 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Wed, 31 Jul 2024 06:41 AM IST
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मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से भटियाड़ी में हुआ सत्संग
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मानव जीवन चंद दिनों की मौज है। यह किराए का घर है और एक न एक दिन सबको खाली करना पड़ेगा। यह संदेश महात्मा समता बाई ने मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से भटियाड़ी में आयोजित सत्संग में संगत को दिया।
उन्होंने संगत को समझाया कि इस शरीर को चलाने वाली चेतन शक्ति को जानकर उसका भजन ध्यान करने से ही जीवन आनंदमय होगा। भजन की कमाई साथ जाएगी बाकि सांसारिक खजाने यहीं छूट जाएंगे। महात्मा अनुरोध बाई ने अपने सारगर्भित प्रवचनों में कहा कि मनुष्य जीवन भर जिन सुख-सुविधाओं के साधनों को बटोरता है वे भी यहीं धरे के धरे रह जाते हैं।
आज का मानव बाहिरमुखी होकर अपने आप को भूल बैठा है। सब कुछ होते हुए भी आत्म शांति नहीं है। आत्मिक खजाना प्राप्त करने के लिए उसे मान अभिमान त्याग कर सच्चे आत्मज्ञानी संत-महात्माओं का सत्संग श्रवण करना पड़ेगा। विवेक जागृति के पश्चात मन के समर्पण करने से ही तत्वदर्शी महापुरुष मन-मंदिर में प्रवेश करने का पासबर्ड बताएंगे जिसको प्राप्त कर जीवन सफल और सार्थक होगा।
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रामनगर-वन के डीडीसी सदस्य व मानव सेवा दल के उप जिला प्रमुख प्रेमी मूल राज ने संगत से ज्ञान में डुबकी लगाने का संदेश दिया। इस मौके पर मानव सेवा दल के जिला प्रमुख देव राज दाया, आरपी शर्मा, गोपाल दाया, नरेंद्र शैलू दाया, लोफी राम आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मानव जीवन चंद दिनों की मौज है। यह किराए का घर है और एक न एक दिन सबको खाली करना पड़ेगा। यह संदेश महात्मा समता बाई ने मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से भटियाड़ी में आयोजित सत्संग में संगत को दिया।
उन्होंने संगत को समझाया कि इस शरीर को चलाने वाली चेतन शक्ति को जानकर उसका भजन ध्यान करने से ही जीवन आनंदमय होगा। भजन की कमाई साथ जाएगी बाकि सांसारिक खजाने यहीं छूट जाएंगे। महात्मा अनुरोध बाई ने अपने सारगर्भित प्रवचनों में कहा कि मनुष्य जीवन भर जिन सुख-सुविधाओं के साधनों को बटोरता है वे भी यहीं धरे के धरे रह जाते हैं।
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आज का मानव बाहिरमुखी होकर अपने आप को भूल बैठा है। सब कुछ होते हुए भी आत्म शांति नहीं है। आत्मिक खजाना प्राप्त करने के लिए उसे मान अभिमान त्याग कर सच्चे आत्मज्ञानी संत-महात्माओं का सत्संग श्रवण करना पड़ेगा। विवेक जागृति के पश्चात मन के समर्पण करने से ही तत्वदर्शी महापुरुष मन-मंदिर में प्रवेश करने का पासबर्ड बताएंगे जिसको प्राप्त कर जीवन सफल और सार्थक होगा।
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रामनगर-वन के डीडीसी सदस्य व मानव सेवा दल के उप जिला प्रमुख प्रेमी मूल राज ने संगत से ज्ञान में डुबकी लगाने का संदेश दिया। इस मौके पर मानव सेवा दल के जिला प्रमुख देव राज दाया, आरपी शर्मा, गोपाल दाया, नरेंद्र शैलू दाया, लोफी राम आदि मौजूद रहे।