फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   udhampur, chinney, horticulture

Udhampur News: चिनैनी में खुबानी के उत्पादन में गिरावट, विभाग अभी भी कारण ढूंढ रहा

Wed, 12 Jun 2024 06:25 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर Updated Wed, 12 Jun 2024 06:25 AM IST
विज्ञापन
udhampur, chinney, horticulture
मौसम में बदलाव और असुविधाओं की कमी से 50 से 60 फीसदी कम हो रही पैदावार
विज्ञापन

सौ हेक्टेयर में होती है बागवानी, सौ टन ही होता था उत्पादन
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। जम्मू संभाग के चिनैनी जोन में खुबानी की बागवानी बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन मौजूदा समय में मौसम की मार और असुविधाओं की कमी से पैदावार पर असर पड़ा है। वहीं, हॉर्टिकल्चर विभाग अभी तक इसके कारणाें का पता लगाने में नाकाम रहा है। इस संबंध में शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (स्कॉस्ट) के विशेषज्ञाें की राह देख रहा है। बागवान कम पैदावार के चलते मायूस होने लगे हैं।
उधमपुर जिले के चिनैनी जोन में खुबानी की बागवानी करीब सौ हेक्टेयर में होती है। यह सेब के बाद दूसरे नंबर की फसल है। कुछ साल पहले तक खुबानी की पैदावार सौ मीट्रिक टन तक पहुंच गई थी। लेकिन, मौजूदा समय में पैदावार में 50 से 60 फीसदी गिरावट आई है। इससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है। उधर, बागवानों का कहना है कि मौसम सहित खाद, दवाई और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
विज्ञापन



बागवानों की परेशानी, उनकी जुवानी
खुबानी की पैदावार कम होने से बागवान मायूस हैं। कैलाश नाथ ने बताया कि मौसम की मार से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। खुबानी के 300 पेड़ हैं, जहां हर साल अच्छी पैदावार होती थी। लेकिन, दो-तीन सालों से इस पर असर पड़ा है। इस बार पैदावार दो फीसदी भी नहीं हुई है। बागवान सूरम चंद ने बताया कि खुबानी के 50 पेड़ लगाए हैं। इस बार बहुत ही कम पैदावार हुई है। हर पेड़ से हर साल 1000 से 15 सो रुपए की खुबानी का उत्पादन होता है। लेकिन इस बार स्थिति अलग है। खुबानी के 100 पेड़ लगाने वाले बागवान लोकनाथ ने पैदावार के प्रभावित होने के कारणों का पता नहीं चल पा रहा है। मौसम ठंडा होने सहित ओलावृष्टि भी मुख्य कारण हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन




जोन में सेब की होती है बागवानी
चिनैनी जोन में खुबानी के अलावा सेवा 300 हेक्टेयर, आलू बुखारा 40 हेक्टेयर, और आडृू की बागवानी 40 हेक्टेयर भूमि पर होती है। चिनैनी की खुबानी की मंडियों में भी काफी मांग है। इसके अलावा फल सीजन पर हाईवे के किनारे बागवानों को दो सौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक्री करते देखा जा सकता है।





खुबानी की पैदावार कम होने से विभाग भी चिंतित है। इसके कारणों का पता लगाने के लिए शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी को पत्र लिखा है। विशेषज्ञ की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उम्मीद है कि जल्द टीम आ कर स्थिति का जायजा लेगी।
- राजेश गुप्ता, एचडीओ, हॉर्टिकल्चर विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed