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Udhampur News: फंड की कमी से ठप पड़ीं दो बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाएं, शहरवासियों को परेशानी
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मीट मार्केट में बनी रही बहुमंजिला पार्किंग का बंद पड़ा निर्माण कार्य।
मुख्य बाजारों में यातायात अव्यवस्था दूर करने के लिए तैयार की गई थी परियोजना
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर के मुख्य बाजारों में यातायात अव्यवस्था दूर करने के लिए 32 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई दो बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाएं फंड की कमी के कारण ठप पड़ गई हैं। पिछले तीन महीनों से अधर में लटके इन निर्माण कार्यों के चलते शहरवासियों, व्यापारियों और आसपास के ग्रामीणों को पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
नगर परिषद के पुराने कार्यालय स्थल पर 17 करोड़ रुपये की लागत से बन रही पहली पार्किंग का कार्य अभी तक 60% ही पूरा हुआ है, जबकि इसे 31 मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था। वहीं, पुरानी सब्जी मंडी पर 15 करोड़ रुपये से बन रही तीन मंजिला पार्किंग का काम जमीन विवाद के कारण ढाई साल देरी से शुरू हुआ और अब फंड की कमी से रुका हुआ है।
पुराने नगर परिषद कार्यालय स्थल पर बन रही पार्किंग में बेसमेंट में वाहन खड़े करने की जगह, ग्राउंड फ्लोर पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, दूसरी मंजिल पर नगर परिषद का कार्यालय और तीसरी मंजिल पर समारोह हॉल बनाया जाएगा। इसके अलावा, बाहर फ्रूट मार्केट बनाकर लगभग 150 वेंडर्स को स्थान दिया जाएगा। वहीं, पुरानी सब्जी मंडी पर बन रही पार्किंग में 150 से अधिक कारों को खड़ा करने की सुविधा होगी, जिससे शहर के बाजारों में यातायात अव्यवस्था को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
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यातायात अव्यवस्था से जूझ रहे हैं बाजार
शहर के गोल मार्केट, सिटी लाइट सिनेमा रोड, मुखर्जी बाजार और मेन बाजार आदि में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे शहरवासियों और व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि प्रशासन ने बाजारों में पेड पार्किंग की व्यवस्था की है, लेकिन इसके बावजूद जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है। पार्किंग स्थलों के पूरा होने से न केवल शहरवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि दूरदराज से आने वाले ग्रामीणों और खरीदारों को भी लाभ होगा।
नए वित्त वर्ष के तहत अभी तक कोई पैसा जारी नहीं हुआ है। उम्मीद है कि जल्द ही पैसा जारी हो जाएगा और दोनों परियोजनाओं का निर्माण फिर से शुरू हो जाएगा। - राजिंद्र ढिंगरा, सीईओ नगर परिषद।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर के मुख्य बाजारों में यातायात अव्यवस्था दूर करने के लिए 32 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई दो बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाएं फंड की कमी के कारण ठप पड़ गई हैं। पिछले तीन महीनों से अधर में लटके इन निर्माण कार्यों के चलते शहरवासियों, व्यापारियों और आसपास के ग्रामीणों को पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
नगर परिषद के पुराने कार्यालय स्थल पर 17 करोड़ रुपये की लागत से बन रही पहली पार्किंग का कार्य अभी तक 60% ही पूरा हुआ है, जबकि इसे 31 मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था। वहीं, पुरानी सब्जी मंडी पर 15 करोड़ रुपये से बन रही तीन मंजिला पार्किंग का काम जमीन विवाद के कारण ढाई साल देरी से शुरू हुआ और अब फंड की कमी से रुका हुआ है।
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पुराने नगर परिषद कार्यालय स्थल पर बन रही पार्किंग में बेसमेंट में वाहन खड़े करने की जगह, ग्राउंड फ्लोर पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, दूसरी मंजिल पर नगर परिषद का कार्यालय और तीसरी मंजिल पर समारोह हॉल बनाया जाएगा। इसके अलावा, बाहर फ्रूट मार्केट बनाकर लगभग 150 वेंडर्स को स्थान दिया जाएगा। वहीं, पुरानी सब्जी मंडी पर बन रही पार्किंग में 150 से अधिक कारों को खड़ा करने की सुविधा होगी, जिससे शहर के बाजारों में यातायात अव्यवस्था को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
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यातायात अव्यवस्था से जूझ रहे हैं बाजार
शहर के गोल मार्केट, सिटी लाइट सिनेमा रोड, मुखर्जी बाजार और मेन बाजार आदि में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे शहरवासियों और व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि प्रशासन ने बाजारों में पेड पार्किंग की व्यवस्था की है, लेकिन इसके बावजूद जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है। पार्किंग स्थलों के पूरा होने से न केवल शहरवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि दूरदराज से आने वाले ग्रामीणों और खरीदारों को भी लाभ होगा।
नए वित्त वर्ष के तहत अभी तक कोई पैसा जारी नहीं हुआ है। उम्मीद है कि जल्द ही पैसा जारी हो जाएगा और दोनों परियोजनाओं का निर्माण फिर से शुरू हो जाएगा। - राजिंद्र ढिंगरा, सीईओ नगर परिषद।