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30 अधिकारियों ने लिया ड्रोन खतरों से निपटने का प्रशिक्षण
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उधमपुर। शेर ए कश्मीर पुलिस अकादमी में पुलिस अधिकारियों के लिए जारी ड्रोन खतरों-रणनीतियों से निपटने के लिए तीन दिवसीय पाठ्यक्रम और अभियोजकों के लिए साइबर फोरेंसिक पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का वीरवार को समापन किया गया।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रदेश के 30 अधिकारियों और 15 अभियोजकों ने भाग लिया। समापन समारोह के मौके पर अकादमी के उपनिदेशक (इनडोर) एसएसपी मोहन लाल मुख्यातिथि थे। उन्होंने कहा कि ड्रोन-खतरों पर यह पाठ्यक्रम पहली बार अकादमी में यूएवी के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया। उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए यूएवी के महत्व और उससे जुड़े खतरों को रेखांकित करते हुए प्रतिभागी अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया के माध्यम से यूएवी तकनीक के संपर्क में रहने के लिए कहा।
साथ ही उन्होंने साइबर फोरेंसिक में कौशल को बढ़ाने पर भी जोर दिया, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए प्रमुख चुनौतियों में से एक है। कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्राप्त ज्ञान से अभियोजकों को उनके संबंधित क्षेत्र में काफी हद तक मदद मिलेगी। इस तरह के क्षमता निर्माण के लिए पाठ्यक्रम का आयोजन हमारे डीजीपी और निदेशक एसकेपीए के अथक प्रयासों का विजन है। मौके पर डीएसपी (एस) निदेशक के निजी सचिव रमेश कटारिया, (पाठ्यक्रम निदेशक) सहायक निदेशक (क्यू) सनमती गुप्ता, (पाठ्यक्रम सचिव) चंदर मोहन और जूनियर साइबर सलाहकार नईम अबास हमदानी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रदेश के 30 अधिकारियों और 15 अभियोजकों ने भाग लिया। समापन समारोह के मौके पर अकादमी के उपनिदेशक (इनडोर) एसएसपी मोहन लाल मुख्यातिथि थे। उन्होंने कहा कि ड्रोन-खतरों पर यह पाठ्यक्रम पहली बार अकादमी में यूएवी के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया। उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए यूएवी के महत्व और उससे जुड़े खतरों को रेखांकित करते हुए प्रतिभागी अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया के माध्यम से यूएवी तकनीक के संपर्क में रहने के लिए कहा।
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साथ ही उन्होंने साइबर फोरेंसिक में कौशल को बढ़ाने पर भी जोर दिया, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए प्रमुख चुनौतियों में से एक है। कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्राप्त ज्ञान से अभियोजकों को उनके संबंधित क्षेत्र में काफी हद तक मदद मिलेगी। इस तरह के क्षमता निर्माण के लिए पाठ्यक्रम का आयोजन हमारे डीजीपी और निदेशक एसकेपीए के अथक प्रयासों का विजन है। मौके पर डीएसपी (एस) निदेशक के निजी सचिव रमेश कटारिया, (पाठ्यक्रम निदेशक) सहायक निदेशक (क्यू) सनमती गुप्ता, (पाठ्यक्रम सचिव) चंदर मोहन और जूनियर साइबर सलाहकार नईम अबास हमदानी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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