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युवाओं ने दूसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रखी
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उधमपुर। महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी छुट्टी की मांग को लेकर उधमपुर के युवाओं ने लगातार दूसरे दिन भी भूख हड़ताल को जारी रख कर सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा। युवाओं का कहना था कि अगर सरकार महाराजा हरि सिंह का समर्थन करती है तो फिर सरकारी छुट्टी घोषित करने में क्या परेशानी है।
रवि सिंह के नेतृत्व में युवाओं ने सोमवार को भूख हड़ताल शुरू की थी और दूसरे दिन भूख हड़ताल जारी रखते हुए सरकार पर निशाना साधा। रवि सिंह ने बताया कि सरकार की लापरवाही है जो कई वर्षों बाद की मांग को आज तक पूरा नहीं किया गया है। महाराजा हरि सिंह के साथ जम्मू-कश्मीर की पहचान जुड़ी हुई है और सरकार उनको ही नजर अंदाज कर रही है। सरकार की तरफ से महाराजा हरि सिंह के समर्थन में बातें तो बहुत की जा ही है, लेकिन उनकी जयंती पर छुट्टी की मांग को पूरा करने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। जब इस मांग को सरकार के सामने रखा जाता है तो इस पर विचार करने का आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसको लेकर कोई काम नहीं किया जा रहा है। इसलिए जम्मू के युवाओं को इस मांग को लेकर सड़कों पर उतर कर आंदोलन करना पड़ रहा है। महाराजा हरि सिंह ने भारत को चुन कर जम्मू-कश्मीर का विलय करवाया था और महाराजा हरि सिंह को ही नजर अंदाज करना बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने बताया कि युवाओं की भूख हड़ताल का समर्थन करने के लिए हर रोज लोग पहुंच रहे हैं और इस मांग को भी सही मान रहे हैं। जम्मू में भी युवा कई दिनों से आंदोलन कर रहे है। जब तक जम्मू में आंदोलन चलेगा तब तक युवा भी इसका पूरा समर्थन करेंगे। सरकार को हर हाल में 23 सितंबर महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी छुट्टी घोषित करनी ही होगी।
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रवि सिंह के नेतृत्व में युवाओं ने सोमवार को भूख हड़ताल शुरू की थी और दूसरे दिन भूख हड़ताल जारी रखते हुए सरकार पर निशाना साधा। रवि सिंह ने बताया कि सरकार की लापरवाही है जो कई वर्षों बाद की मांग को आज तक पूरा नहीं किया गया है। महाराजा हरि सिंह के साथ जम्मू-कश्मीर की पहचान जुड़ी हुई है और सरकार उनको ही नजर अंदाज कर रही है। सरकार की तरफ से महाराजा हरि सिंह के समर्थन में बातें तो बहुत की जा ही है, लेकिन उनकी जयंती पर छुट्टी की मांग को पूरा करने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। जब इस मांग को सरकार के सामने रखा जाता है तो इस पर विचार करने का आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसको लेकर कोई काम नहीं किया जा रहा है। इसलिए जम्मू के युवाओं को इस मांग को लेकर सड़कों पर उतर कर आंदोलन करना पड़ रहा है। महाराजा हरि सिंह ने भारत को चुन कर जम्मू-कश्मीर का विलय करवाया था और महाराजा हरि सिंह को ही नजर अंदाज करना बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने बताया कि युवाओं की भूख हड़ताल का समर्थन करने के लिए हर रोज लोग पहुंच रहे हैं और इस मांग को भी सही मान रहे हैं। जम्मू में भी युवा कई दिनों से आंदोलन कर रहे है। जब तक जम्मू में आंदोलन चलेगा तब तक युवा भी इसका पूरा समर्थन करेंगे। सरकार को हर हाल में 23 सितंबर महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी छुट्टी घोषित करनी ही होगी।
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