{"_id":"605cdf8a8ebc3e8c942f16a8","slug":"the-road-for-the-villagers-of-kansar-is-still-a-dream-udhampur-news-jmu2321326103","type":"story","status":"publish","title_hn":"कनसर के ग्रामीणों के लिए सड़क आज भी सपना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कनसर के ग्रामीणों के लिए सड़क आज भी सपना
विज्ञापन
भद्रवाह। भद्रवाह के सबसे ऊंचे गांव कनसर में सड़क आज भी एक सपना है। इस कारण ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। वहीं, राशन सहित अन्य सामान पर कंधे पर या घोड़-खच्चरों पर ढोने को मजबूर हैं। सरकारों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का खामियाजा आज भी ग्रामीण भुगत रहे हैं।
सरकार चाहे विकास के जितने भी दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आज भी ऐसे सैकड़ों गांव हैं जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। भद्रवाह का कनसर गांव भी उन्हीं में से एक है। यहां गद्दी समुदाय के लोग रहते हैं और गांव की आबादी एक हजार है। लेकिन सड़क सुविधा नहीं होने के कारण लोग रोजाना भद्रवाह तक का पैदल सफर करने को मजबूर हैं। इसमें काफी संख्या विद्यार्थियों की है जो सड़क सुविधा नहीं होने से परेशान हैं। उनका अधिकतर समय आवागमन में ही बरबाद हो जाता है।
पांच किलोमीटर सड़क बनने के बाद बंद हो गया था कार्य
कनसर गांव के लिए सालों पहले पीएमजीएसवाई के तहत सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जो पांच किलोमीटर बनने के बाद किन्हीं कारणों से बंद हो गया था। सालों बाद भी कनसर के लोगों के लिए सड़क एक सपना है।
विज्ञापन
13 हजार मीटर की ऊंचाई पर है गांव
भद्रवाह का सबसे ऊंचा गांव कनसर लगभग 13 हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है। लोगों को एक सूई तक के लिए भद्रवाह आना पड़ता है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है के सरकार द्वारा ग्रामीणों को राशन भद्रवाह में दिया जाता है। जिसे लोग पीठ पर उठाकर घर पहुंचाने को मजबूर हैं।
आज तक नहीं किया किसी ने प्रयास
ग्रामीणों की परेशानियों को दूर करने के लिए आजतक किसी ने प्रयास नहीं किया है। ग्रामीण अनिल कुमार ने बताया कि मूलभूत सुविधाएं नहीं होने के कारण ग्रामीण बहुत ही परेशान हैं। चुनाव के समय नेता आकर लोगों झूठे को वादे कर गुमराह करते हैं, लेकिन बाद में कोई भी सुध नहीं लेता है। उन्होंने उपराज्यपाल से ग्रामीणों की सुध लेने की मांग की है।
विज्ञापन
सरकार चाहे विकास के जितने भी दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आज भी ऐसे सैकड़ों गांव हैं जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। भद्रवाह का कनसर गांव भी उन्हीं में से एक है। यहां गद्दी समुदाय के लोग रहते हैं और गांव की आबादी एक हजार है। लेकिन सड़क सुविधा नहीं होने के कारण लोग रोजाना भद्रवाह तक का पैदल सफर करने को मजबूर हैं। इसमें काफी संख्या विद्यार्थियों की है जो सड़क सुविधा नहीं होने से परेशान हैं। उनका अधिकतर समय आवागमन में ही बरबाद हो जाता है।
विज्ञापन
पांच किलोमीटर सड़क बनने के बाद बंद हो गया था कार्य
कनसर गांव के लिए सालों पहले पीएमजीएसवाई के तहत सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जो पांच किलोमीटर बनने के बाद किन्हीं कारणों से बंद हो गया था। सालों बाद भी कनसर के लोगों के लिए सड़क एक सपना है।
विज्ञापन
13 हजार मीटर की ऊंचाई पर है गांव
भद्रवाह का सबसे ऊंचा गांव कनसर लगभग 13 हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है। लोगों को एक सूई तक के लिए भद्रवाह आना पड़ता है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है के सरकार द्वारा ग्रामीणों को राशन भद्रवाह में दिया जाता है। जिसे लोग पीठ पर उठाकर घर पहुंचाने को मजबूर हैं।
आज तक नहीं किया किसी ने प्रयास
ग्रामीणों की परेशानियों को दूर करने के लिए आजतक किसी ने प्रयास नहीं किया है। ग्रामीण अनिल कुमार ने बताया कि मूलभूत सुविधाएं नहीं होने के कारण ग्रामीण बहुत ही परेशान हैं। चुनाव के समय नेता आकर लोगों झूठे को वादे कर गुमराह करते हैं, लेकिन बाद में कोई भी सुध नहीं लेता है। उन्होंने उपराज्यपाल से ग्रामीणों की सुध लेने की मांग की है।