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सर्वे कर विद्यार्थियों और शिक्षकों का जांचा ज्ञान
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फोटो...किश्तवाड़ में नेशनल एचीवमेंट सेर्वे परीक्षा के दौरान जिला नोडल अधिकारी अशोक कुमार निरीक्?
- फोटो : UDHAMPUR
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किश्तवाड़। जिले में शुक्रवार को सीबीएसई बोर्ड का नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एनएएस) का आयोजन हुआ। इसके लिए जिले में कुल 164 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनके लिए 197 विश्लेषक और 285 निरीक्षक लगाए गए।
डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन एंड ट्रेनिंग के प्रधानाचार्य अशोक कुमार को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। इस सर्वे में कक्षा तीन, पांच, आठ और 10वीं के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों के अलावा शिक्षकों और प्रधानाचार्य से भी प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों के लिए दो तरह के पेपर थे। जिले में निजी व सरकारी स्कूलों को इस सर्वे के लिए चुना गया था।
गौरतलब है कि जिले व प्रदेशों में विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर को जांचने के लिए सीबीएसई और एससीईआरटी ने मिलकर इस सर्वे को किया है। इस परीक्षा के लिए स्कूलों में सुबह साढ़े सात बजे ही स्टाफ और विद्यार्थियों को बुलाया गया था। जबकि, परीक्षा साढ़े दस बजे आरंभ की गई थी। किसी को डेढ़ घंटे और बड़ी कक्षाओं को दो घंटे का पेपर रखा गया था।
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नोडल अधिकारी ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस सर्वे से शैक्षिक योजनाकर्ताओं, नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूल्यांकन, शैक्षणिक प्रक्रिया और सीखने के परिणाम को समझने में मदद मिलेगी। कोविड महामारी के दौरान स्कूल सभी बंद रहे, जिससे विद्यार्थियों को भारी नुकसान हुआ है।
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बर्फबारी बनी रुकावट
इस सर्वे में मढ़वा और वाड़वन के पूरे, जबकि दच्छन और पाडर के कुछ स्कूलों को छोड़ दिया गया। इन जगहों के लिए सर्वे केंद्र बनाए गए थे लेकिन बर्फबारी होने के कारण सड़कें बंद हो गईं। इसलिए, वहां के केंद्रों की परीक्षा को स्थगित कर किश्तवाड़ और इंद्रवाल के स्कूलों में लाया गया। और नजदीकी स्कूलों में सर्वे के लिए परीक्षाएं कराई गईं।
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डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन एंड ट्रेनिंग के प्रधानाचार्य अशोक कुमार को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। इस सर्वे में कक्षा तीन, पांच, आठ और 10वीं के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों के अलावा शिक्षकों और प्रधानाचार्य से भी प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों के लिए दो तरह के पेपर थे। जिले में निजी व सरकारी स्कूलों को इस सर्वे के लिए चुना गया था।
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गौरतलब है कि जिले व प्रदेशों में विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर को जांचने के लिए सीबीएसई और एससीईआरटी ने मिलकर इस सर्वे को किया है। इस परीक्षा के लिए स्कूलों में सुबह साढ़े सात बजे ही स्टाफ और विद्यार्थियों को बुलाया गया था। जबकि, परीक्षा साढ़े दस बजे आरंभ की गई थी। किसी को डेढ़ घंटे और बड़ी कक्षाओं को दो घंटे का पेपर रखा गया था।
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नोडल अधिकारी ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस सर्वे से शैक्षिक योजनाकर्ताओं, नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूल्यांकन, शैक्षणिक प्रक्रिया और सीखने के परिणाम को समझने में मदद मिलेगी। कोविड महामारी के दौरान स्कूल सभी बंद रहे, जिससे विद्यार्थियों को भारी नुकसान हुआ है।
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बर्फबारी बनी रुकावट
इस सर्वे में मढ़वा और वाड़वन के पूरे, जबकि दच्छन और पाडर के कुछ स्कूलों को छोड़ दिया गया। इन जगहों के लिए सर्वे केंद्र बनाए गए थे लेकिन बर्फबारी होने के कारण सड़कें बंद हो गईं। इसलिए, वहां के केंद्रों की परीक्षा को स्थगित कर किश्तवाड़ और इंद्रवाल के स्कूलों में लाया गया। और नजदीकी स्कूलों में सर्वे के लिए परीक्षाएं कराई गईं।

फोटो...किश्तवाड़ में नेशनल एचीवमेंट सेर्वे परीक्षा के दौरान जिला नोडल अधिकारी अशोक कुमार निरीक्?- फोटो : UDHAMPUR

फोटो...किश्तवाड़ में नेशनल एचीवमेंट सेर्वे परीक्षा के दौरान जिला नोडल अधिकारी अशोक कुमार निरीक्?- फोटो : UDHAMPUR