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Udhampur News: उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद पांच दिन के लिए हड़ताल स्थगित
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उधमपुर। आखिरकार 18 दिन के लंबे अंतराल के बाद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई। वीरवार से सभी कर्मचारी काम पर वापस लौटेंगे और शहर में सफाई व्यवस्था फिर से सुचारू होने से लोगों को राहत की सांस मिलेगी।
हालांकि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारियों ने सिर्फ पांच दिन की मोहलत दी है। इस दौरान कोई उचित हल न निकलने पर फिर से पूरे संभाग में हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है। बुधवार को 18वें दिन भी सफाई कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय परिसर में अपनी काम छोड़ हड़ताल पर बैठे हुए थे। हालांकि इस दौरान यूनियन के पदाधिकारियों की विभाग के प्रमुख सचिव और उपमुख्यमंत्री के साथ बैठक भी रखी गई थी। प्रदर्शनकारियों को सरकार और प्रदेश प्रशासन की ओर से उचित फैसले का इंतजार था। शाम होते ही यूनियन के पदाधिकारियों के दिशा-निर्देश पर हड़ताल को स्थगित कर दिया गया। यूनियन के प्रधान डेविड संधू ने बताया कि जम्मू में यूनियन के पदाधिकारियों के साथ उपमुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव के साथ बैठक हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारियों के मसले को कैबिनेट में हल करने का आश्वासन दिया है और जल्द ही स्थायी कर्मचारियों को पक्का करने सहित एसआरओ 43 के मसले को भी हल किया जाएगा। इस पर यूनियन ने आपस में बैठक कर यह निर्णय लिया है कि हड़ताल को पांच दिन के लिए स्थगित किया जाएगा। अगर उसके बाद भी मसले का हल नहीं होता है तो पूरे जम्मू प्रांत में यूनियन फिर से हड़ताल पर उतर आएगी। खासकर हड़ताल को लेकर जिन कर्मचारियों के तबादले और कारण बताओ फरमान जारी किए गए हैं, उन्हें भी वापस लिया जाना चाहिए।
चौराहे से लेकर गली मोहल्ले तक लगे हैं कचरे का ढेर
हड़ताल के दौरान शहर के प्रत्येक चौराहे से लेकर गली मोहल्ले तक कचरे का ढेर लग रहा। लोगों को गंदगी की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से मुख्य चौराहों से गंदगी हटा दी गई है लेकिन अभी भी गली मोहल्लों सहित कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। समस्या के समान के लिए कुछ दिन पहले नगर परिषद के सीईओ प्रभारी के रूप में पदभार संभालने वाले राजिंद्र डिंगरा ने रात के समय कुछ स्थानों से कचरा हटाने का भी प्रयास किया गया लेकिन उन्हें सफाई कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। सोमवार को प्रशासन के दिशा-निर्देश पर शहर के मुख्य चौराहों से कड़ी सुरक्षा के बीच कचरा उठाया गया। इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने जमकर विरोध किया लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए यूनियन के कुछ पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया लेकिन कचरा उठाने का काम जारी रहा। इस दौरान अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में बैठे पांच स्थायी कर्मियों के लिए बुधवार को अंतर जिला तबादला कर दिया गय और उन्हें राजोरी के थन्ना मंडी, बसोहली, बिश्नाह, आरएसपुरा और अरनिया में तैनात होने के निर्देश जारी कर दिए गए। बावजूद इसके, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही लेकिन उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद आखिरकार पांच दिनों के लिए हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। जिले में 53 के करीब अस्थायी कर्मचारी हैं। इनमें से अधिकतर सात से 15 साल से भी अधिक समय से अस्थायी कर्मचारी के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जबकि जिले में 74 के करीब स्थायी कर्मचारी तैनात हैं।
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हालांकि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारियों ने सिर्फ पांच दिन की मोहलत दी है। इस दौरान कोई उचित हल न निकलने पर फिर से पूरे संभाग में हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है। बुधवार को 18वें दिन भी सफाई कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय परिसर में अपनी काम छोड़ हड़ताल पर बैठे हुए थे। हालांकि इस दौरान यूनियन के पदाधिकारियों की विभाग के प्रमुख सचिव और उपमुख्यमंत्री के साथ बैठक भी रखी गई थी। प्रदर्शनकारियों को सरकार और प्रदेश प्रशासन की ओर से उचित फैसले का इंतजार था। शाम होते ही यूनियन के पदाधिकारियों के दिशा-निर्देश पर हड़ताल को स्थगित कर दिया गया। यूनियन के प्रधान डेविड संधू ने बताया कि जम्मू में यूनियन के पदाधिकारियों के साथ उपमुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव के साथ बैठक हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारियों के मसले को कैबिनेट में हल करने का आश्वासन दिया है और जल्द ही स्थायी कर्मचारियों को पक्का करने सहित एसआरओ 43 के मसले को भी हल किया जाएगा। इस पर यूनियन ने आपस में बैठक कर यह निर्णय लिया है कि हड़ताल को पांच दिन के लिए स्थगित किया जाएगा। अगर उसके बाद भी मसले का हल नहीं होता है तो पूरे जम्मू प्रांत में यूनियन फिर से हड़ताल पर उतर आएगी। खासकर हड़ताल को लेकर जिन कर्मचारियों के तबादले और कारण बताओ फरमान जारी किए गए हैं, उन्हें भी वापस लिया जाना चाहिए।
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चौराहे से लेकर गली मोहल्ले तक लगे हैं कचरे का ढेर
हड़ताल के दौरान शहर के प्रत्येक चौराहे से लेकर गली मोहल्ले तक कचरे का ढेर लग रहा। लोगों को गंदगी की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से मुख्य चौराहों से गंदगी हटा दी गई है लेकिन अभी भी गली मोहल्लों सहित कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। समस्या के समान के लिए कुछ दिन पहले नगर परिषद के सीईओ प्रभारी के रूप में पदभार संभालने वाले राजिंद्र डिंगरा ने रात के समय कुछ स्थानों से कचरा हटाने का भी प्रयास किया गया लेकिन उन्हें सफाई कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। सोमवार को प्रशासन के दिशा-निर्देश पर शहर के मुख्य चौराहों से कड़ी सुरक्षा के बीच कचरा उठाया गया। इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने जमकर विरोध किया लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए यूनियन के कुछ पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया लेकिन कचरा उठाने का काम जारी रहा। इस दौरान अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में बैठे पांच स्थायी कर्मियों के लिए बुधवार को अंतर जिला तबादला कर दिया गय और उन्हें राजोरी के थन्ना मंडी, बसोहली, बिश्नाह, आरएसपुरा और अरनिया में तैनात होने के निर्देश जारी कर दिए गए। बावजूद इसके, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही लेकिन उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद आखिरकार पांच दिनों के लिए हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। जिले में 53 के करीब अस्थायी कर्मचारी हैं। इनमें से अधिकतर सात से 15 साल से भी अधिक समय से अस्थायी कर्मचारी के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जबकि जिले में 74 के करीब स्थायी कर्मचारी तैनात हैं।
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