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Udhampur News: जम्मू की विरासत को समझने के लिए गलियों में उतरे छात्र
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कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड लैंडस्केप डिजाइन ने हाल ही में जम्मू शहर की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने और समझने के उद्देश्य से जम्मू दी गलियां नामक विशेष हेरिटेज वॉक करवाई।
यह कार्यक्रम नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स ऑफ आर्किटेक्चर इंडिया के 68वें वर्ष के उपलक्ष्य में नेक्सस पहल के हिस्से के रूप में करवाया गया।
हेरिटेज वॉक का मुख्य उद्देश्य आर्किटेक्चर के छात्रों को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर शहर के पुराने शहरी ढांचे और समृद्ध वास्तुकला विरासत से रूबरू कराना था। यह यात्रा पुरानी मंडी स्थित ऐतिहासिक राम मंदिर से शुरू हुई और उत्तर भारत के प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर परिसर पर संपन्न हुई। इस दौरान शहर की तंग लेकिन सांस्कृतिक रूप से समृद्ध गलियों ने छात्रों के लिए एक ओपन क्लासरूम की तरह काम किया।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव: वॉक का नेतृत्व स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर के प्रमुख अभिनय गुप्ता ने किया। उनके साथ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और संरक्षण वास्तुकार कुशाग्र आनंद भी शामिल थे। विशेषज्ञों ने छात्रों को डोगरा स्थापत्य शैली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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छात्रों ने महत्वपूर्ण डिजाइन तत्वों को देखा और उनका दस्तावेजीकरण किया। पूरी पहल को नासा यूनिट काउंसिल द्वारा आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व यूनिट सचिव अभिलाषा सिंह और उनकी टीम ने किया।
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यह कार्यक्रम नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स ऑफ आर्किटेक्चर इंडिया के 68वें वर्ष के उपलक्ष्य में नेक्सस पहल के हिस्से के रूप में करवाया गया।
हेरिटेज वॉक का मुख्य उद्देश्य आर्किटेक्चर के छात्रों को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर शहर के पुराने शहरी ढांचे और समृद्ध वास्तुकला विरासत से रूबरू कराना था। यह यात्रा पुरानी मंडी स्थित ऐतिहासिक राम मंदिर से शुरू हुई और उत्तर भारत के प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर परिसर पर संपन्न हुई। इस दौरान शहर की तंग लेकिन सांस्कृतिक रूप से समृद्ध गलियों ने छात्रों के लिए एक ओपन क्लासरूम की तरह काम किया।
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विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव: वॉक का नेतृत्व स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर के प्रमुख अभिनय गुप्ता ने किया। उनके साथ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और संरक्षण वास्तुकार कुशाग्र आनंद भी शामिल थे। विशेषज्ञों ने छात्रों को डोगरा स्थापत्य शैली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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छात्रों ने महत्वपूर्ण डिजाइन तत्वों को देखा और उनका दस्तावेजीकरण किया। पूरी पहल को नासा यूनिट काउंसिल द्वारा आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व यूनिट सचिव अभिलाषा सिंह और उनकी टीम ने किया।