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निष्पक्ष कार्रवाई से लोग करेंगे पुलिस पर भरोसा
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उधमपुर। शेर ए कश्मीर पुलिस अकादमी में एक लेक्चर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सेवानिवृत्त एसएसपी महादीप सिंह जंवाल ने प्रोबेशनर डीएसएसपी, एसआई तथा उच्च वर्ग, इंटरमीडिएट क्लास और लोअर क्लास कोर्स के प्रशिक्षुओं के लिए जेएंडके पुलिस- बलिदान की एक गाथा विषय पर एक व्याख्यान दिया।
उन्होंने प्राचीन, मध्यकालीन और समकालीन समय में पुलिस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश में पुलिस का विकास वैदिक काल से है। पुलिस के पास कानून और व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की जांच करने, अपराध को रोकने और संकटग्रस्त लोगों की देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले लोगों के लिए सुलभ होने की सैद्धांतिक जिम्मेदारी है। जनता पुलिस पर तभी भरोसा कर सकती है जब पुलिस की कार्रवाई पारदर्शी, निष्पक्ष और नैतिकता पर आधारित हो।
उन्होंने श्रोताओं को आगाह किया कि वर्दी में रहते हुए विवेक के साथ न्याय करें, कानूनी आदेशों का पालन करें और अलग-अलग पोस्टिंग से कभी न शर्माएं। क्योंकि, ज्यादा भूमिकाएं किसी के व्यक्तित्व को आकार देती हैं। इससे पहले अकादमी के सहायक निदेशक, इंडोर, प्रशिक्षण एसएसपी मोहन लाल ने बताया कि दर्शकों में युवा नवोदित अधिकारी शामिल हैं जो अपना बुनियादी पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद बाहर निकलने वाले हैं। एडी (इंडोर) ताहिर हुसैन, निदेशक के निजी सचिव रमेश कटारिया, एडी (क्यू) सनमती गुप्ता, इंडोर के संकाय सदस्यों ने भी व्याख्यान में भाग लिया।
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उन्होंने प्राचीन, मध्यकालीन और समकालीन समय में पुलिस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश में पुलिस का विकास वैदिक काल से है। पुलिस के पास कानून और व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की जांच करने, अपराध को रोकने और संकटग्रस्त लोगों की देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले लोगों के लिए सुलभ होने की सैद्धांतिक जिम्मेदारी है। जनता पुलिस पर तभी भरोसा कर सकती है जब पुलिस की कार्रवाई पारदर्शी, निष्पक्ष और नैतिकता पर आधारित हो।
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उन्होंने श्रोताओं को आगाह किया कि वर्दी में रहते हुए विवेक के साथ न्याय करें, कानूनी आदेशों का पालन करें और अलग-अलग पोस्टिंग से कभी न शर्माएं। क्योंकि, ज्यादा भूमिकाएं किसी के व्यक्तित्व को आकार देती हैं। इससे पहले अकादमी के सहायक निदेशक, इंडोर, प्रशिक्षण एसएसपी मोहन लाल ने बताया कि दर्शकों में युवा नवोदित अधिकारी शामिल हैं जो अपना बुनियादी पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद बाहर निकलने वाले हैं। एडी (इंडोर) ताहिर हुसैन, निदेशक के निजी सचिव रमेश कटारिया, एडी (क्यू) सनमती गुप्ता, इंडोर के संकाय सदस्यों ने भी व्याख्यान में भाग लिया।
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