{"_id":"69fe4882c7409e860607fefb","slug":"second-lok-adalat-udhampur-news-c-202-1-sjam1011-135718-2026-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आज, दोनों पक्षों की सहमति से निपटेंगे विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आज, दोनों पक्षों की सहमति से निपटेंगे विवाद
विज्ञापन
उधमपुर। जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत लगेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव उप न्यायाधीश सुमति शर्मा ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सस्ता और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है। दोनों पक्षों की आपसी सहमति से विवादों का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा।
लोक अदालत में कोई भी कोर्ट फीस नहीं लगेगी और मामलों का त्वरित समाधान होगा। यहां हुआ समझौता कानूनी रूप से बाध्यकारी होगा जिसे सिविल कोर्ट की डिक्री के समान माना जाएगा। सबसे बड़ा लाभ यह है कि लोक अदालत के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती जिससे विवाद को अंतिम रूप से समाप्त किया जा सकेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह से जनहितैषी, सरल एवं अनौपचारिक है।
इन मामलों का होगा निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में सिविल मामले, वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, बैंक ऋण वसूली, समझौता योग्य फौजदारी मामले तथा प्री-लिटिगेशन यानी कोर्ट में जाने से पूर्व के विवादों की सुनवाई होगी। प्राधिकरण ने जिले के नागरिकों, अधिवक्ताओं व बैंक-बीमा कंपनियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मामलों को लोक अदालत में रखें और सुलह-समझौते से विवादों का समाधान करें। इससे लोगों के समय, धन व परेशानी की बचत होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
लोक अदालत में कोई भी कोर्ट फीस नहीं लगेगी और मामलों का त्वरित समाधान होगा। यहां हुआ समझौता कानूनी रूप से बाध्यकारी होगा जिसे सिविल कोर्ट की डिक्री के समान माना जाएगा। सबसे बड़ा लाभ यह है कि लोक अदालत के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती जिससे विवाद को अंतिम रूप से समाप्त किया जा सकेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह से जनहितैषी, सरल एवं अनौपचारिक है।
विज्ञापन
इन मामलों का होगा निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में सिविल मामले, वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, बैंक ऋण वसूली, समझौता योग्य फौजदारी मामले तथा प्री-लिटिगेशन यानी कोर्ट में जाने से पूर्व के विवादों की सुनवाई होगी। प्राधिकरण ने जिले के नागरिकों, अधिवक्ताओं व बैंक-बीमा कंपनियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मामलों को लोक अदालत में रखें और सुलह-समझौते से विवादों का समाधान करें। इससे लोगों के समय, धन व परेशानी की बचत होगी।
विज्ञापन