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अधजले शवों की तलाश में उधमपुर से नैनसू तक खंगाली देविका नदी
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उधमपुर। देविका नदी में बुधवार को आई बाढ़ में बहे अधजले शवों को तलाशने के लिए शुक्रवार को पुलिस ने एसडीआरएफ व सिविल डिफेंस के सहयोग से तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान में उधमपुर से लेकर नैनसू तक देविका नदी को खंगाला गया लेकिन शवों को अभी तक पता नहीं चल पाया है। मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि जब तक शवों का पता नहीं चल जाता तब तक तलाश जारी रहेगी। बता दें, बीते बुधवार को दोपहर के समय हुई तेज बारिश से देविका नदी में आई तेज बाढ़ किनारे बने शमशान घाट से दो जलती चिताएं भी साथ बहा ले गई थीं।
पीड़ित परिवारों के सदस्यों का कहना है कि वह स्वयं रिश्तेदारों तथा मोहल्ले वालों के सहयोग से शवों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। उनकी मांग के बाद शुक्रवार को पुलिस प्रशासन ने सर्च अभियान चलाया। उनका कहना है कि अगर शवों के बहने के बाद ही पुलिस ने सहयोग किया होता तो शायद अब तक शव बरामद हो जाते, लेकिन घटना के बाद किसी ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनकी लगातार मांग के बाद आज पुलिस व प्रशासन का सहयोग मिल पाया है। उम्मीद है जल्द ही शवों को बरामद कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उधमपुर में शायद यह पहला मामला है जब मात्र एक घंटे की बारिश में ही देविका नदी का विकराल रूप देखने को मिला है। इसमें आई बाढ़ देविका के शमशान घाट में जलती चिताओं को भी बहा ले गई। इससे वह अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार भी ठीक से नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वह बाढ़ में बहे शवों को तलाश कर रीति रिवाज से उनका अंतिम संस्कार नहीं कर देते, अभियान जारी रहेगा।
मनकोटिया ने कहा, देविका प्रोजेक्ट में हो रहा भ्रष्टाचार
उधमपुर। देविका नदी में शव बहने के मामले में पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि यह देविका प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का नतीजा है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट में घटिया काम हो रहा है, जिसकी पोल बारिश ने खोल दी है। उन्होंने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उधमपुर में ऑक्सीजन प्लांट के लिए मशीनरी आई थी, जो रातों रात वापस कर दी गई। मनकोटिया ने प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह लोग लगातार लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उधमपुर में कोरोना संक्रमण से मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है, इसका सबसे बड़ा कारण अस्पताल में अभी तक ऑक्सीजन प्लांट का शुरू नहीं होना है। इसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार है, जबकि प्रशासन के अधिकारी मंत्रियों की चमचागिरी में व्यस्त हैं।
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पीड़ित परिवारों के सदस्यों का कहना है कि वह स्वयं रिश्तेदारों तथा मोहल्ले वालों के सहयोग से शवों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। उनकी मांग के बाद शुक्रवार को पुलिस प्रशासन ने सर्च अभियान चलाया। उनका कहना है कि अगर शवों के बहने के बाद ही पुलिस ने सहयोग किया होता तो शायद अब तक शव बरामद हो जाते, लेकिन घटना के बाद किसी ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनकी लगातार मांग के बाद आज पुलिस व प्रशासन का सहयोग मिल पाया है। उम्मीद है जल्द ही शवों को बरामद कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उधमपुर में शायद यह पहला मामला है जब मात्र एक घंटे की बारिश में ही देविका नदी का विकराल रूप देखने को मिला है। इसमें आई बाढ़ देविका के शमशान घाट में जलती चिताओं को भी बहा ले गई। इससे वह अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार भी ठीक से नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वह बाढ़ में बहे शवों को तलाश कर रीति रिवाज से उनका अंतिम संस्कार नहीं कर देते, अभियान जारी रहेगा।
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मनकोटिया ने कहा, देविका प्रोजेक्ट में हो रहा भ्रष्टाचार
उधमपुर। देविका नदी में शव बहने के मामले में पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि यह देविका प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का नतीजा है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट में घटिया काम हो रहा है, जिसकी पोल बारिश ने खोल दी है। उन्होंने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उधमपुर में ऑक्सीजन प्लांट के लिए मशीनरी आई थी, जो रातों रात वापस कर दी गई। मनकोटिया ने प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह लोग लगातार लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उधमपुर में कोरोना संक्रमण से मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है, इसका सबसे बड़ा कारण अस्पताल में अभी तक ऑक्सीजन प्लांट का शुरू नहीं होना है। इसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार है, जबकि प्रशासन के अधिकारी मंत्रियों की चमचागिरी में व्यस्त हैं।